पश्चिम एशिया में भड़का तनाव: अमेरिका ने खाड़ी देशों में नागरिकों के लिए जारी की नई ट्रैवल एडवाइजरी, घरों में रहने के निर्देश
वाशिंगटन (The Trending People): पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से शुरू हुए सैन्य संघर्ष ने पूरी दुनिया की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अमेरिका (United States) और इजरायल (Israel) द्वारा ईरान (Iran) पर किए गए हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ गया है। इसके चलते खाड़ी देशों की सुरक्षा स्थिति और हवाई यातायात दोनों बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। इसी बीच, अमेरिका ने खाड़ी देशों में रह रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक नई और अहम यात्रा सलाह (Travel Advisory) जारी की है।
उड़ानों पर मंडरा रहा रद्दीकरण का खतरा
अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी (Abu Dhabi) और दुबई (Dubai) से अमेरिका और यूरोप के कई शहरों के लिए व्यावसायिक उड़ानों में सीटें उपलब्ध हैं। नागरिक अभी भी इन उड़ानों के जरिए क्षेत्र से बाहर निकल सकते हैं। हालांकि, अधिकारियों ने कड़ी चेतावनी दी है कि सुरक्षा हालात बेहद नाजुक हैं और उड़ानों का शेड्यूल बहुत कम नोटिस पर या अचानक बदला या रद्द किया जा सकता है।
सऊदी अरब में 'शेल्टर इन प्लेस' का सख्त आदेश
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रियाद (Riyadh) स्थित अमेरिकी दूतावास ने सऊदी अरब (Saudi Arabia) में तैनात अपने सभी सरकारी कर्मचारियों को 'शेल्टर इन प्लेस' (Shelter in Place) का निर्देश दिया है। इसका अर्थ है कि उन्हें तुरंत अपने घरों या किसी सुरक्षित भवन के अंदर रहने को कहा गया है। कर्मचारियों को खिड़कियों से दूर रहने और बाहर जाने से बचने की सख्त हिदायत दी गई है।
जमीनी सीमाएं खुलीं, लेकिन हवाई सफर पर खतरों का साया
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यूएई की जमीनी सीमाएं सऊदी अरब और ओमान (Oman) के साथ खुली हुई हैं और इन देशों से भी व्यावसायिक उड़ानें संचालित हो रही हैं। अमेरिकी दूतावास ने बताया कि रियाद, जेद्दाह (Jeddah) और दम्मम (Dammam) के हवाई अड्डे खुले जरूर हैं, लेकिन लगातार बढ़ रहे ड्रोन और मिसाइल खतरों के चलते हवाई यातायात पर बार-बार प्रतिबंध लग रहे हैं। इससे उड़ानों में देरी या रद्द होने की घटनाएं बढ़ सकती हैं, इसलिए नागरिकों को अचानक बदलाव के लिए तैयार रहना चाहिए।
दुबई एयरपोर्ट पर ड्रोन का खौफ
इससे पहले दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Dubai International Airport) के पास एक ड्रोन से जुड़ी घटना के कारण कुछ समय के लिए उड़ानों को रोकना पड़ा था। हालांकि, बाद में अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है और स्थिति को सामान्य कर दिया गया है। फिर भी इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।
हमारी राय: पश्चिम एशिया में युद्ध के बादल घने होते जा रहे हैं। अमेरिका द्वारा अपने नागरिकों और कर्मचारियों के लिए जारी की गई यह ट्रैवल एडवाइजरी और 'शेल्टर इन प्लेस' का आदेश साफ दर्शाता है कि हालात कितने संवेदनशील हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस संघर्ष को जल्द से जल्द बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रयास करना चाहिए। खाड़ी देशों में किसी भी तरह की अस्थिरता न केवल वहां रह रहे लाखों प्रवासियों की जान को खतरे में डालती है, बल्कि यह वैश्विक शांति और अर्थव्यवस्था को भी गहरी चोट पहुंचा सकती है।
