Sridevi Untold Story: फीमेल सुपरस्टार बनने की कीमत, ताउम्र रहा पढ़ाई न कर पाने का मलाल
हिंदी सिनेमा की सबसे खूबसूरत और असरदार अभिनेत्रियों में शामिल श्रीदेवी सिर्फ एक स्टार नहीं थीं, बल्कि वह इंडस्ट्री की पहली फीमेल सुपरस्टार बनीं। ऐसा दौर भी आया जब वह अपने को-एक्टर्स से ज्यादा फीस चार्ज करती थीं और फिल्ममेकर्स उनकी एक झलक के लिए लाइन में खड़े रहते थे। लेकिन इस चमक-दमक के पीछे उनकी जिंदगी का एक ऐसा अधूरा सपना भी था, जिसका दर्द उन्हें ताउम्र सालता रहा—पढ़ाई पूरी न कर पाने का अफसोस।
श्रीदेवी ने बहुत छोटी उम्र में अभिनय की दुनिया में कदम रखा। पहली फिल्म के बाद ही उन्हें लगातार काम मिलने लगा और बचपन स्कूल की बजाय सेट पर बीत गया। कई इंटरव्यू में उन्होंने स्वीकार किया था कि स्कूल लाइफ न जी पाने का उन्हें हमेशा मलाल रहा। वह पढ़ना चाहती थीं, लेकिन काम की व्यस्तता के चलते पढ़ाई बीच में ही छूट गई।
अपने करियर में श्रीदेवी ने बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के लगभग हर बड़े सुपरस्टार के साथ काम किया। निर्माता बोनी कपूर उनकी खूबसूरती और टैलेंट से इतने प्रभावित थे कि उन्हें फिल्मों में लेने के लिए मुंहमांगी फीस देने से भी पीछे नहीं हटे।
नेटफ्लिक्स सीरीज द रोमांटिक्स में यश चोपड़ा ने खुलासा किया था कि फिल्म चांदनी ने यशराज फिल्म्स को डूबने से बचा लिया था। श्रीदेवी, ऋषि कपूर और विनोद खन्ना स्टारर यह फिल्म सुपरहिट रही और यशराज बैनर को नई जिंदगी मिली।
श्रीदेवी की जोड़ी ऋषि कपूर, अमिताभ बच्चन और खासकर अनिल कपूर के साथ दर्शकों को खूब पसंद आई।
हमारी राय
श्रीदेवी की कहानी सफलता के साथ उस कीमत को भी दिखाती है, जो कई कलाकार बहुत कम उम्र में चुकाते हैं। सुपरस्टारडम के बावजूद उनके भीतर एक साधारण इच्छा अधूरी रह गई। यही उन्हें बाकी सितारों से अलग और ज्यादा मानवीय बनाता है।