सकट चौथ आज—सुहागिनों को है 'चंद्रोदय' का इंतजार, दिल्ली में 9:34 तो पटना में 8:25 पर होंगे दर्शन, कोहरे में न दिखे चांद तो करें ये उपाय
नई दिल्ली, दिनांक: 6 जनवरी 2026 — संतान की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और खुशहाल भविष्य की कामना के लिए माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाने वाला पावन पर्व 'सकट चौथ' (Sakat Chauth 2026) आज देश भर में पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इसे तिलकुटा चौथ, माघी चौथ या संकट चौथ के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन माताएं अपनी संतानों के लिए पूरे दिन निर्जला उपवास रखती हैं और शाम को भगवान गणेश और सकट माता की पूजा करने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत का पारण करती हैं।
ठंड के इस मौसम में जब उत्तर भारत घने कोहरे की चादर में लिपटा हुआ है, व्रती महिलाओं के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि "आज चांद कब निकलेगा?" (Moonrise Time Today)। करवा चौथ की तरह इस व्रत में भी चंद्र दर्शन का विशेष महत्व है। आइए जानते हैं कि आपके शहर में चंद्रदेव कब दर्शन देंगे और यदि कोहरे के कारण चांद न दिखे, तो शास्त्रों में इसका क्या समाधान बताया गया है।
शहर-दर-शहर: कब होगा चंद्रोदय? (City-wise Moonrise Time)
पंचांग के अनुसार, आज यानी 6 जनवरी को चांद निकलने का समय अलग-अलग शहरों में अलग-अलग है। ठंड और भौगोलिक स्थिति के कारण इसमें कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है।
प्रमुख शहरों में चांद निकलने का समय:
- दिल्ली (Delhi): देश की राजधानी में चांद रात 9:34 मिनट पर निकलेगा।
- नोएडा (Noida): दिल्ली से सटे नोएडा में समय 8:54 मिनट बताया गया है।
- गाजियाबाद (Ghaziabad): यहां भी समय 8:54 मिनट रहेगा।
- गुरुग्राम/चंडीगढ़: यहां भी लगभग 8:54 मिनट के आसपास चंद्रोदय होगा।
उत्तर प्रदेश और बिहार:
- लखनऊ (Lucknow): नवाबों के शहर में चांद 8:41 मिनट पर दिखेगा।
- गोरखपुर: रात 8:58 मिनट पर।
- आगरा: रात 8:53 मिनट पर।
- मथुरा: भगवान कृष्ण की नगरी में 8:55 मिनट पर।
- मेरठ: रात 8:52 मिनट पर।
- हरदोई: रात 8:44 मिनट पर।
- पटना (Patna): बिहार की राजधानी में चांद जल्दी यानी 8:25 मिनट पर निकल आएगा।
- गोपालगंज/छपरा: यहां समय 8:26 मिनट रहेगा।
- मधुबनी: रात 8:19 मिनट पर।
अन्य राज्य:
- मुंबई (Mumbai): मायानगरी में चांद रात 9:24 मिनट पर निकलेगा।
- पुणे: रात 9:20 मिनट पर।
- नासिक: रात 9:18 मिनट पर।
- कोलकाता (Kolkata): यहां सबसे जल्दी 8:15 मिनट पर चंद्र दर्शन होंगे।
- जयपुर (Jaipur): पिंक सिटी में 9:03 मिनट पर।
- अहमदाबाद: रात 8:20 मिनट पर।
- भोपाल/उज्जैन: एमपी में समय 9:20 से 9:19 मिनट के बीच रहेगा।
- हैदराबाद: रात 9:02 मिनट पर।
- बेंगलुरु: रात 9:10 मिनट पर।
- चेन्नई: रात 8:59 मिनट पर।
कोहरे का 'ग्रहण': अगर चांद न दिखे तो क्या करें?
जनवरी की कड़कड़ाती ठंड में अक्सर आसमान में कोहरा (Fog) छाया रहता है, जिससे कई बार चांद बादलों के पीछे ही छिपा रह जाता है। ऐसी स्थिति में व्रती महिलाओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है। धर्म गुरुओं और पंडितों ने इसके लिए शास्त्र सम्मत उपाय बताए हैं।
शास्त्रोक्त समाधान:
- पंचांग का समय: यदि आसमान में चांद नजर नहीं आता है, तो आप पंचांग या इंटरनेट पर दिए गए अपने शहर के चंद्रोदय समय को आधार मान सकती हैं।
- दिशा का ध्यान: ठीक उस समय पर, चंद्रमा जिस दिशा (पूर्व-दक्षिण) में उगता है, उस दिशा की ओर मुख करके बैठ जाएं।
- मानसिक अर्घ्य: भगवान चंद्रदेव का मानसिक आह्वान करें। एक चौकी पर चावल से चंद्रमा की आकृति बनाएं और उसे अर्घ्य दें। "ॐ सो सोमाय नमः" मंत्र का जाप करते हुए यह मान लें कि आपने चंद्र दर्शन कर लिए हैं।
- बुजुर्गों का आशीर्वाद: घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर व्रत खोला जा सकता है। भगवान भावना के भूखे होते हैं, इसलिए कोहरे की बाधा आपकी पूजा को खंडित नहीं करती।
सकट चौथ का महत्व: 'तिल-कुटा' और गणेश पूजा
सकट चौथ का व्रत भगवान गणेश को समर्पित है, जो विघ्नहर्ता हैं। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से संतान पर आने वाले सभी संकट (Sakat) दूर हो जाते हैं।
- तिल का भोग: इस दिन तिल और गुड़ का विशेष महत्व है। भगवान गणेश को तिल के लड्डू या तिलकुटा (कूटा हुआ तिल और गुड़) का भोग लगाया जाता है। इसे 'तिलकुटा चौथ' भी कहते हैं।
- कथा: शाम को महिलाएं एक जगह इकट्ठा होकर सकट चौथ की कथा सुनती हैं, जिसमें एक कुम्हार और गणेश जी की महिमा का वर्णन होता है।
हमारी राय
सकट चौथ भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति के त्याग और प्रेम का प्रतीक है। कड़ाके की ठंड में निर्जला व्रत रखना आसान नहीं होता, लेकिन संतान के लिए मां की ममता हर बाधा को पार कर जाती है।
The Trending People का मानना है कि आस्था अपनी जगह है और मौसम अपनी जगह। कोहरे के कारण अगर चांद नहीं दिखता, तो इसे अशुभ न मानें। तकनीक के दौर में आप दूसरे शहरों (जहां मौसम साफ हो) के लाइव वीडियो या पंचांग के समय पर भरोसा कर सकती हैं। असली पूजा मन की शुद्धता है। हम देश की सभी माताओं को सकट चौथ की शुभकामनाएं देते हैं और उनकी संतानों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।
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