NCERT की किताबें कैसे बनती हैं, कौन देता है अंतिम मंजूरी? पूरी प्रक्रिया समझें
नेशनल डेस्क: हाल के दिनों में स्कूली किताबों को लेकर बहस तेज हो गई है। खासकर आठवीं कक्षा की सोशल साइंस किताब के एक अध्याय पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर एनसीईआरटी की किताबें कौन बनाता है और उनकी सामग्री को अंतिम मंजूरी कैसे मिलती है। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह एक बहु-स्तरीय प्रक्रिया होती है जिसमें कई विशेषज्ञ और समितियां शामिल रहती हैं।
NCERT क्या है और किसके अधीन काम करता है
नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग एक स्वायत्त संस्था है जो भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन काम करती है। देशभर के कई स्कूलों में पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रम और किताबें तैयार करने की जिम्मेदारी इसी संस्था की होती है। एनसीईआरटी का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर एक समान और आधुनिक शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराना है।
NSTC कमेटी की भूमिका
नई शिक्षा नीति 2020 को लागू करने के लिए एनसीईआरटी ने 2023 में 19 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति बनाई, जिसका नाम नेशनल सिलेबस एंड टीचिंग लर्निंग मटेरियल कमेटी है। यही समिति कक्षा 3 से 12 तक के नए सिलेबस और किताबों को तैयार करने की प्रक्रिया का नेतृत्व करती है। जरूरत पड़ने पर कक्षा 1 और 2 की किताबों में बदलाव भी इसी ढांचे के तहत किए जाते हैं। किताबें राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचे यानी NCF-SE 2023 के अनुरूप तैयार की जाती हैं ताकि पढ़ाई बदलती जरूरतों के मुताबिक हो।
कमेटी में शामिल विशेषज्ञ
इस समिति के अध्यक्ष एम. सी. पंत हैं, जबकि सह-अध्यक्ष गणितज्ञ मंजुल भार्गव हैं। कमेटी में अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं, जिनमें सुधा मूर्ति, शंकर महादेवन, संजीव सान्याल, शेखर मांडें, सुजाता रामदोराई और मिशेल डैनिनो जैसे नाम शामिल हैं। एनसीईआरटी के वरिष्ठ प्रोफेसर और विषय विशेषज्ञ भी इस प्रक्रिया का हिस्सा रहते हैं। समिति के सदस्य बिबेक देबरॉय का नवंबर 2024 में निधन हो चुका है।
अंतिम मंजूरी कैसे मिलती है
पाठ्यपुस्तक तैयार होने के बाद ड्राफ्ट को कई स्तरों पर समीक्षा के लिए भेजा जाता है। विषय विशेषज्ञ, अकादमिक समीक्षक और संस्थागत समितियां सामग्री की जांच करती हैं। इसके बाद एनसीईआरटी प्रशासनिक स्तर पर अंतिम स्वीकृति देता है और किताबें प्रकाशित की जाती हैं। जरूरत पड़ने पर फीडबैक के आधार पर संशोधन भी किया जाता है।
संपादकीय विश्लेषण
एनसीईआरटी की किताबों का निर्माण एक जटिल और बहु-स्तरीय प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य संतुलित और आधुनिक शिक्षा सामग्री तैयार करना है। हालिया विवादों ने यह दिखाया है कि पाठ्यक्रम निर्माण में पारदर्शिता और विशेषज्ञ समीक्षा कितनी महत्वपूर्ण है। शिक्षा नीति के बदलते परिदृश्य में ऐसी समितियों की भूमिका और जिम्मेदारी दोनों बढ़ गई हैं, क्योंकि इनके फैसले सीधे लाखों छात्रों की पढ़ाई को प्रभावित करते हैं।
