पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग के बीच अमित शाह ने कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में बनाए गए ‘रणनीति कक्ष’ का दौरा किया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह दौरा आधिकारिक कार्यक्रम का हिस्सा नहीं था, लेकिन चुनावी हालात की समीक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, अमित शाह सुबह रणनीति कक्ष पहुंचे और वरिष्ठ नेताओं के साथ बंद कमरे में बैठक कर जमीनी स्थिति का आकलन किया। इस दौरान उन्होंने मतदान प्रतिशत, बूथ स्तर से मिल रही फीडबैक और संभावित गड़बड़ियों की जानकारी ली। खास तौर पर उत्तर बंगाल के उन क्षेत्रों पर फोकस रहा, जहां भाजपा अपना मजबूत आधार बनाए रखना चाहती है।
पार्टी ने सॉल्ट लेक कार्यालय में एक केंद्रीकृत ‘रणनीति कक्ष’ तैयार किया है, जहां से अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं और शीर्ष नेतृत्व के बीच सीधा समन्वय स्थापित किया जा रहा है, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।
बैठक में पश्चिम बंगाल के बाहर से आए कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे, जो पिछले कुछ दिनों से चुनावी तैयारियों की निगरानी के लिए राज्य में डेरा डाले हुए हैं।
गौरतलब है कि पहले चरण में राज्य के कई अहम क्षेत्रों में मतदान जारी है और इसे भाजपा और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। ऐसे में अमित शाह का यह दौरा चुनावी रणनीति को और धार देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
हमारी राय में
चुनाव के दौरान इस तरह की रणनीतिक निगरानी यह दिखाती है कि राजनीतिक दल अब जमीनी स्तर तक डेटा और फीडबैक के आधार पर फैसले ले रहे हैं। इससे चुनावी मुकाबला और अधिक प्रतिस्पर्धी और संगठित होता जा रहा है