नेशनल डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में गुरुवार को मतदान ने रफ्तार पकड़ी और अपराह्न तीन बजे तक करीब 78 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, सुबह सात बजे शुरू हुई वोटिंग में शुरुआती घंटों के बाद तेजी देखने को मिली।
पहले दो घंटों में 18.76 प्रतिशत मतदान हुआ, जो 11 बजे तक बढ़कर 41.11 प्रतिशत और दोपहर एक बजे तक 62.18 प्रतिशत पहुंच गया। भीषण गर्मी और उमस के बावजूद मतदाताओं की लंबी कतारें पूरे दिन मतदान केंद्रों पर देखने को मिलीं।
हालांकि, मतदान के दौरान कई जिलों से छिटपुट हिंसा और झड़पों की खबरें भी सामने आईं। दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज में भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु सरकार के साथ कथित हाथापाई हुई। वहीं आसनसोल दक्षिण में भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की कार पर पथराव किया गया, जिससे वाहन को नुकसान पहुंचा।
मुर्शिदाबाद और बीरभूम जैसे इलाकों में भी विभिन्न दलों के समर्थकों के बीच झड़पें हुईं, जिनमें कुछ लोग घायल हुए। कुछ स्थानों पर हालात नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
चुनाव आयोग ने इन घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों के अनुसार, कुल मिलाकर मतदान प्रक्रिया अधिकांश क्षेत्रों में शांतिपूर्ण रही, लेकिन कुछ घटनाओं ने माहौल में तनाव जरूर पैदा किया।
पहले चरण में राज्य के 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान हो रहा है, जहां 1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 167 महिलाएं शामिल हैं। यह चरण उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल के कई अहम क्षेत्रों को कवर करता है, जिन्हें भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है।
आंकड़ों के अनुसार, बांकुड़ा, मुर्शिदाबाद और कूच बिहार जैसे जिलों में लगभग 79 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम में भी अच्छी भागीदारी दर्ज की गई।
हमारी राय में
भारी मतदान यह संकेत देता है कि मतदाता इस चुनाव को गंभीरता से ले रहे हैं, लेकिन हिंसा की घटनाएं चिंता का विषय हैं। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था और सख्त होनी चाहिए, ताकि लोकतंत्र की प्रक्रिया प्रभावित न हो।