पटना कोचिंग विवाद: 'ज्ञान बिंदु' से भिड़ंत के बाद फायरिंग मामले में नया मोड़, खान सर की कोचिंग के 2 गार्ड गिरफ्तार
पटना (नेशनल डेस्क): बिहार की राजधानी पटना का मुसल्लहपुर हाट (Musallahpur Hat) इलाका, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों का गढ़ माना जाता है, आजकल एक बड़े विवाद का केंद्र बन गया है। हाल ही में प्रसिद्ध 'खान ग्लोबल कोचिंग' (Khan Global Coaching) पर हुई कथित पत्थरबाजी और सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट के मामले में अब एक चौंकाने वाला नया मोड़ सामने आया है। इस घटना में अब गोलीबारी की बात भी सामने आ रही है, और पटना पुलिस ने इस सिलसिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो सुरक्षा गार्डों (Security Guards) को गिरफ्तार किया है।
हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार किए गए दोनों गार्ड उसी खान सर की कोचिंग के हैं, जहां पथराव की शिकायत की गई थी।
फायरिंग का आरोप, पुलिस की त्वरित कार्रवाई
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ज्ञान बिंदु कोचिंग (Gyan Bindu Coaching) और खान ग्लोबल कोचिंग से जुड़े लोगों के बीच हुई मारपीट की घटना के दौरान फायरिंग भी हुई थी। इस फायरिंग मामले की जांच करते हुए पटना पुलिस ने जिन दो गार्ड्स को पकड़ा है, उन पर आरोप है कि उन्होंने ही हवाई फायरिंग की थी।
शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह पूरा विवाद दो प्रमुख कोचिंग संस्थानों के बीच आपसी वर्चस्व और व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा (Business Rivalry) का नतीजा है। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए गार्डों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि फायरिंग किसके निर्देश पर की गई थी और इसके पीछे की असली मंशा क्या थी।
सुरक्षा को लेकर छात्रों का प्रदर्शन और सरकार पर निशाना
इस घटना के बाद पटना के छात्रों में भारी आक्रोश है। खान ग्लोबल के बाहर बड़ी संख्या में छात्रों ने अपनी सुरक्षा और भविष्य को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य सरकार छात्रों की समस्याओं को लेकर पूरी तरह से उदासीन है।
एक प्रदर्शनकारी छात्र ने मीडिया से कहा, "बीते दिनों कई छात्रों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है, लेकिन उचित जांच करने की बजाय प्रशासन सिर्फ मामलों की लीपापोती करने में लगा है।" छात्रों का यह भी कहना था कि बिहार में पहले ही रोजगार के अवसर ना के बराबर हैं, और ऊपर से बार-बार होने वाले पेपर लीक (Paper Leak) कांड से उनका मनोबल पूरी तरह टूट चुका है।
छात्रों ने सिस्टम पर तंज कसते हुए कहा, "सरकार की नाकामी और कमजोरी ने ऐसे हालात पैदा कर दिए हैं कि आज कोचिंग संस्थानों के अंदर, जहां छात्रों को बैठकर पढ़ाई करनी चाहिए, वहां पुलिस का पहरा है। और जिन सड़कों पर पुलिस को सुरक्षा देनी चाहिए, वहां अपने हक के लिए छात्र प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।"
क्या है पूरा मामला? (घटना की पृष्ठभूमि)
आपको बता दें कि यह विवाद तब सुर्खियों में आया जब 02 जून की रात को मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल कोचिंग संस्थान पर 10-15 असामाजिक तत्वों ने कथित तौर पर पत्थरबाजी की थी और वहां तैनात एक सुरक्षाकर्मी को बुरी तरह पीटा था। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था।
शुरुआत में पुलिस ने इस घटना को दो कोचिंग संस्थानों (खान ग्लोबल और ज्ञान बिंदु) के बीच की आपसी प्रतिस्पर्धा का परिणाम बताया था। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दर्ज प्राथमिकी (FIR) के आधार पर त्वरित कार्रवाई की और आज सुबह ही इस मामले से जुड़े तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया था। लेकिन अब कोचिंग के ही गार्ड्स द्वारा फायरिंग की बात सामने आने से यह मामला और भी उलझ गया है।
हमारी राय में
'हिंदी द ट्रेंडिंग पीपल' (hindi.thetrendingpeople.com) का मानना है कि शिक्षा के मंदिरों का अखाड़ा बन जाना समाज के लिए एक बेहद खतरनाक संकेत है। पटना का मुसल्लहपुर हाट हजारों युवाओं के सपनों का केंद्र है। ऐसे में वहां दो कोचिंग संस्थानों के बीच वर्चस्व की लड़ाई में पत्थरबाजी और फायरिंग होना न सिर्फ छात्रों की सुरक्षा पर सवाल उठाता है, बल्कि शिक्षा माफियाओं के बढ़ते प्रभाव को भी दर्शाता है। प्रशासन को चाहिए कि वह बिना किसी दबाव के इस मामले की निष्पक्ष जांच करे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे, चाहे वे कितने भी रसूखदार क्यों न हों। इसके साथ ही, सरकार को छात्रों की सुरक्षा और पेपर लीक जैसी गंभीर समस्याओं का स्थायी समाधान निकालना चाहिए, ताकि उनका भविष्य अंधकार में न डूबे।
