Border 2 Box Office: वंश आर भारद्वाज बोले- इस फिल्म का हिस्सा बनना मेरे लिए गर्व की बात
एंटरटेनमेंट डेस्क। बॉलीवुड की चर्चित फिल्म Border 2 बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन कर रही है और 250 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर चुकी है। फिल्म की सफलता में जहां मुख्य कलाकारों की अहम भूमिका रही, वहीं सहायक कलाकारों ने भी दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी है।
फिल्म में सूबेदार संतराम का किरदार निभाने वाले अभिनेता Vansh R Bhardwaj ने अपने सशक्त अभिनय से खास पहचान बनाई है। भले ही उनका रोल छोटा था, लेकिन दर्शकों ने उसे काफी पसंद किया। अभिनेता ने हाल ही में (IANS) Indo-Asian News Service से बातचीत में फिल्म और अपने अनुभव साझा किए।
फिल्म का ऑफर मिलने को लेकर वंश ने बताया कि उनकी पहली प्रतिक्रिया अविश्वास की थी। उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि वह बॉर्डर जैसी बड़ी फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनने जा रहे हैं। इसके बाद उत्साह की भावना आई, खासकर जब उन्हें पता चला कि शूटिंग शेड्यूल ज्यादा लंबा नहीं होगा।
अपने किरदार के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि पहली ‘बॉर्डर’ फिल्म की विरासत बहुत बड़ी रही है और उसने कई युवाओं को सशस्त्र बलों में जाने के लिए प्रेरित किया था। उन्हें उम्मीद है कि यह फिल्म भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाएगी। वंश के मुताबिक, इस तरह की फिल्म में काम करना एक बड़ी जिम्मेदारी होती है क्योंकि इसमें उन सैनिकों का प्रतिनिधित्व किया जाता है, जो देश की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर देते हैं।
वंश ने बताया कि उनका किरदार संतराम शांत, विचारशील और जीवन को गहराई से समझने वाला व्यक्ति है। वह गीता पढ़ता है, जो उसकी मां ने उसे दी थी। गीता से उसे संयम और संतुलन का महत्व समझ में आता है और यही शांति उसके व्यक्तित्व की पहचान बनती है। अभिनेता ने कहा कि असल जिंदगी में भी वह काफी हद तक इसी स्वभाव के हैं।
किरदार की तैयारी को लेकर वंश ने बताया कि फिटनेस उनके जीवन का अहम हिस्सा रही है, इसलिए शारीरिक तैयारी ज्यादा मुश्किल नहीं थी। असली चुनौती एक सैनिक की मानसिकता और भावनात्मक दुनिया को समझना था। उस व्यक्ति की भावना को महसूस करना जरूरी था, जो यह जानते हुए भी युद्ध के मैदान में उतरता है कि शायद वह अगली सुबह न देख पाए, फिर भी गर्व और साहस के साथ अपने कर्तव्य को निभाता है।
उन्होंने कहा कि सैनिक इस सोच के साथ जीते हैं कि उन्हें देश के लिए अपनी जान भी देनी पड़ सकती है। उस भावना को पर्दे पर उतारना सबसे कठिन लेकिन सबसे जरूरी हिस्सा था।
अपने करियर के बारे में बात करते हुए वंश ने बताया कि उन्होंने थिएटर से शुरुआत की है और थिएटर हमेशा उनके जीवन का अहम हिस्सा रहा है। उनके लिए थिएटर और फिल्म में ज्यादा फर्क नहीं है, क्योंकि अभिनय का मूल भाव दोनों में एक जैसा होता है। माध्यम कोई भी हो, वह खुद को पहले एक कलाकार मानते हैं।
आज जब ‘बॉर्डर-2’ दर्शकों का भरपूर प्यार पा रही है, तो वंश आर भारद्वाज के लिए यह सफर और भी खास बन गया है। फिल्म में उनके अभिनय को मिल रही सराहना उनके करियर के लिए एक मजबूत आधार साबित हो रही है।
हमरी राय
हमरी राय में, ‘बॉर्डर-2’ की सफलता सिर्फ बड़े सितारों की वजह से नहीं, बल्कि वंश आर भारद्वाज जैसे कलाकारों के समर्पित अभिनय का भी नतीजा है। संतराम जैसे संवेदनशील और गहरे किरदार को उन्होंने ईमानदारी से निभाया है, जिससे फिल्म का भावनात्मक प्रभाव और मजबूत हुआ है।
अगर वंश इसी तरह चुनौतीपूर्ण और सार्थक भूमिकाएं चुनते रहे, तो आने वाले समय में वह बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाने में जरूर सफल होंगे।