एंटरटेनमेंट डेस्क। साल 2025 में रिलीज हुई साउथ की एक दमदार कोर्टरूम ड्रामा फिल्म इस वक्त ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर जबरदस्त तरीके से ट्रेंड कर रही है। इस फिल्म की IMDb रेटिंग 8.2 है और दर्शक इसे काफी पसंद कर रहे हैं। खास बात यह है कि फिल्म का पहला हिस्सा किसी क्राइम थ्रिलर जैसा महसूस होता है, जबकि दूसरा हिस्सा पूरी तरह अदालत के कमरों तक सीमित रहता है, जहां कानून, दलीलें और इंसाफ की लड़ाई देखने को मिलती है।
इस फिल्म का नाम Sirai है, जिसका अर्थ होता है ‘जेल’। कहानी एक ऐसे व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे एक ऐसे अपराध में फंसा दिया जाता है, जो उसने कभी किया ही नहीं। हालात उसे जेल तक पहुंचा देते हैं और यहीं से शुरू होती है इंसाफ पाने की लंबी और थकाने वाली लड़ाई। फिल्म यह सवाल उठाती है कि क्या सच हमेशा समय पर बाहर आ पाता है, या फिर कई बार बेगुनाह लोग सालों तक सलाखों के पीछे सड़ते रहते हैं।
‘सिरई’ की सबसे बड़ी खासियत इसका कोर्टरूम ट्रीटमेंट है। यहां वकील सिर्फ ऊंची आवाज में बहस करते नजर नहीं आते, बल्कि कानून की धाराओं, तथ्यों और ठोस दलीलों के जरिए अपनी बात रखते हैं। यही वजह है कि यह फिल्म आम कोर्टरूम ड्रामा से अलग और ज्यादा वास्तविक लगती है।
फिल्म में अभिनेता Vikram Prabhu का अभिनय खास तौर पर ध्यान खींचता है। उन्होंने अपनी पिछली फिल्मों से हटकर यहां बेहद गंभीर और संयमित किरदार निभाया है। उनकी आंखों में दिखती बेबसी, हताशा और इंसाफ पाने की जिद दर्शकों के दिल को छू जाती है। उनका अभिनय कहानी को भावनात्मक गहराई देता है और किरदार से जुड़ाव महसूस कराता है।
फिल्म सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं कहती, बल्कि यह हमारे न्याय और जेल सिस्टम की एक कड़वी सच्चाई भी सामने रखती है। ‘सिरई’ दिखाती है कि आज भी हमारी जेलों में ऐसे कई कैदी बंद हैं, जो खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए सालों से तारीख पर तारीख मिलने का इंतजार कर रहे हैं। यह सच्चाई फिल्म को और ज्यादा प्रभावशाली और सोचने पर मजबूर करने वाली बनाती है।
अगर आपको Jai Bhim या Jana Gana Mana जैसी फिल्में पसंद आई थीं, तो ‘सिरई’ भी आपको जरूर पसंद आएगी। फिल्म का निर्देशन, बैकग्राउंड स्कोर और गंभीर टोन इसे सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रखते, बल्कि एक मजबूत सामाजिक संदेश भी देते हैं।
यह फिल्म 2025 में रिलीज हुई थी और सस्पेंस व कोर्टरूम ड्रामा के मिश्रण के साथ दर्शकों को अंत तक बांधे रखती है। यही वजह है कि ओटीटी पर यह फिल्म एक बार फिर चर्चा में है और दर्शक इसे देखने की सलाह दे रहे हैं।
हमरी राय में, ‘सिरई’ उन फिल्मों में से है जो शोर नहीं मचाती, बल्कि शांत तरीके से सिस्टम की कमियों को उजागर करती है। मजबूत अभिनय, सधी हुई कहानी और यथार्थ के करीब कोर्टरूम सीन्स इसे एक जरूर देखने लायक फिल्म बनाते हैं, खासकर उनके लिए जो गंभीर और सोचने पर मजबूर करने वाला सिनेमा पसंद करते हैं।