प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात के नियम बदले, अब दो दिन में मिलेगा टोकन
उत्तर प्रदेश के मथुरा–वृंदावन में स्थित प्रसिद्ध संत से मुलाकात और दर्शन को लेकर आश्रम प्रशासन ने व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। बढ़ती भीड़ और श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए टोकन सिस्टम को पूरी तरह से नया रूप दिया गया है। अगर आप भी वृंदावन जाकर प्रेमानंद महाराज से मिलने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है।
आश्रम प्रशासन के अनुसार, अब भक्तों को हफ्तों या तीन-चार दिनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत महज दो दिनों के भीतर टोकन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसका उद्देश्य समय की बचत, भीड़ नियंत्रण और पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है। पहले की तुलना में यह सिस्टम श्रद्धालुओं के लिए कहीं ज्यादा आसान माना जा रहा है।
प्रेमानंद महाराज से एकांतिक वार्तालाप और दर्शन के लिए पहले से ही टोकन सिस्टम लागू था, क्योंकि हर दिन हजारों की संख्या में भक्त वृंदावन पहुंचते हैं। सभी की इच्छा होती है कि वे महाराज से व्यक्तिगत रूप से मिलकर अपनी जिज्ञासाएं रख सकें, लेकिन सीमित समय और अत्यधिक भीड़ के कारण यह संभव नहीं हो पाता था। इसी वजह से आश्रम की ओर से टोकन व्यवस्था बनाई गई थी, जिसे अब और सरल किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत टोकन सिस्टम पूरी तरह ऑफलाइन रखा गया है। भक्तों को दिन के समय वृंदावन स्थित पर पहुंचकर लाइन में लगना होगा, जहां उनकी संख्या दर्ज की जाएगी। उसी दिन शाम को आश्रम के सेवादार भक्तों के हाथ पर नंबर लिखेंगे और टोकन पर्ची देंगे। इसके अगले दिन सुबह करीब 8:15 बजे भक्तों को पहुंचना होगा, जहां टोकन दिखाने के बाद प्रेमानंद महाराज से एकांतिक वार्तालाप या दर्शन के लिए अंतिम अनुमति दी जाएगी।
आश्रम प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि दर्शन और एकांतिक वार्तालाप पूरी तरह निशुल्क है। इसके लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता। इसके अलावा, श्रद्धालु चाहें तो श्रीहित राधा केली कुंज की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, हालांकि अंतिम टोकन के लिए आश्रम में शारीरिक रूप से उपस्थित होना अनिवार्य रहेगा।
पहले की व्यवस्था काफी जटिल मानी जाती थी। टोकन पाने के लिए कई बार तीन दिन या उससे अधिक का समय लग जाता था। श्रद्धालु रात दो बजे से ही लाइन में खड़े हो जाते थे और सुबह तक इंतजार करना पड़ता था। भीड़ अधिक होने के कारण कई भक्त बिना दर्शन किए ही लौटने को मजबूर हो जाते थे। नई व्यवस्था से इस समस्या के काफी हद तक खत्म होने की उम्मीद है।
आश्रम प्रशासन का कहना है कि भविष्य में इस सिस्टम को और भी सरल किया जा सकता है। प्रस्तावित योजना के तहत आने वाले समय में भक्तों को शाम के समय ही फाइनल टोकन देने पर विचार किया जा रहा है, जिससे उन्हें अगले दिन सीधे दर्शन के लिए प्रवेश मिल सके और गौतम ऋषि आश्रम तक जाने की आवश्यकता न रहे।
प्रेमानंद महाराज की बढ़ती लोकप्रियता के चलते वृंदावन में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह नई ‘टू-डे विंडो’ व्यवस्था खासकर बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत लेकर आई है, जो सीमित समय के लिए ब्रज क्षेत्र पहुंचते हैं और घंटों लाइन में खड़े रहने से बचना चाहते हैं।
Our Final Thoughts
वृंदावन जैसे धार्मिक केंद्रों में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ व्यवस्थाओं का अपडेट होना समय की मांग है। प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात को लेकर लागू किया गया नया टोकन सिस्टम इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा सकता है। इससे न केवल भीड़ का बेहतर प्रबंधन होगा, बल्कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी से भी राहत मिलेगी। पारदर्शिता और समयबद्ध प्रक्रिया किसी भी धार्मिक व्यवस्था में भरोसा बढ़ाती है। अगर भविष्य में आश्रम प्रशासन इसे और सरल बनाता है, तो यह मॉडल अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी उदाहरण बन सकता है। कुल मिलाकर, यह बदलाव श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
