एलन मस्क का मून मिशन, बेंगलुरु का रहस्यमयी मंदिर और यूपी बजट सत्र
आज का दिन वैश्विक तकनीक, राष्ट्रीय राजनीति और गहरी आध्यात्मिक आस्था का एक असाधारण संगम प्रस्तुत करता है। जहाँ एक ओर दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क ने चंद्रमा और मंगल ग्रह पर मानव बस्तियां बसाने का रोडमैप साझा किया है, वहीं 15 फरवरी को आने वाली महाशिवरात्रि से पहले बेंगलुरु के एक प्राचीन मंदिर के अनसुलझे रहस्य ने वैज्ञानिकों और भक्तों को हैरान कर रखा है। घरेलू मोर्चे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को तकनीक (AI) के विवेकपूर्ण इस्तेमाल का मंत्र दिया है, जबकि उत्तर प्रदेश का बजट सत्र और बिहार की राजनीतिक हलचलें प्रशासनिक जवाबदेही को रेखांकित कर रही हैं। इन सबके बीच, 'विपरीतकरणी मुद्रा' के स्वास्थ्य लाभ और मनोरंजन जगत के 'अनुपमा' धारावाहिक ने आज के इस व्यापक बुलेटिन को पूर्णता प्रदान की है।
वैश्विक तकनीक: एलन मस्क का मून सिटी और मंगल मिशन प्लान
टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि उनका लक्ष्य अगले 10 साल से भी कम समय में चंद्रमा पर एक स्व-विकसित शहर का निर्माण करना है। मस्क के अनुसार, स्पेसएक्स ने वर्तमान में अपना पूरा ध्यान चंद्रमा पर शहर बसाने पर केंद्रित किया है क्योंकि यह काम तकनीकी रूप से मंगल ग्रह की तुलना में बहुत जल्दी संभव है। उन्होंने बताया कि मंगल ग्रह पर शहर बसाने में करीब 20 साल या उससे अधिक का समय लग सकता है। मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किया कि स्पेसएक्स का मिशन आज भी वही है—चेतना और जीवन के अस्तित्व को सितारों तक फैलाना।
अंतरिक्ष यात्रा की जटिलताओं को समझाते हुए मस्क ने कहा कि मंगल ग्रह की यात्रा केवल तभी संभव होती है जब पृथ्वी और मंगल हर 26 महीने में एक सीध में आ जाते हैं और वहाँ पहुँचने में करीब 6 महीने का लंबा समय लगता है। इसके विपरीत, चंद्रमा के लिए हर 10 दिन में प्रक्षेपण किया जा सकता है और वहाँ पहुँचने में मात्र 2 दिन का समय लगता है। मस्क ने यह भी स्पष्ट किया कि स्पेसएक्स का 'स्टारशिप', जो दुनिया का सबसे शक्तिशाली रॉकेट है, अगले दो साल में मंगल की ओर अपना पहला बिना इंसान वाला (अनक्रूड) मिशन भेजेगा। मस्क का मानना है कि सभ्यता के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए चंद्रमा पर जल्द से जल्द आधार बनाना एक रणनीतिक कदम होगा।
आस्था का रहस्य: बेंगलुरु का प्राचीन काडू मल्लेश्वर मंदिर और नंदी तीर्थ
महाशिवरात्रि के पावन पर्व के अवसर पर बेंगलुरु के मल्लेश्वरम इलाके में स्थित प्राचीन 'काडू मल्लेश्वर मंदिर' चर्चा का केंद्र बना हुआ है। 17वीं शताब्दी में मराठा राजा शिवाजी के भाई वेंकोजी द्वारा निर्मित यह मंदिर 400 साल पुराना है और इसकी तुलना 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग से की जाती है। इस मंदिर की सबसे चौंकाने वाली विशेषता इसके पास स्थित 'श्री दक्षिणामुख नंदी तीर्थ कल्याणी क्षेत्र' है। यहाँ नंदी महाराज की एक प्राचीन पत्थर की प्रतिमा है, जिसके मुख से निरंतर ठंडे और साफ पानी की जलधारा निकलती रहती है, जो सीधे नीचे स्थापित शिवलिंग का अभिषेक करती है।
इस जलधारा का मुख्य स्रोत आज भी एक रहस्य बना हुआ है। कई वैज्ञानिकों ने इस प्राकृतिक जल स्रोत के उद्गम का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन वे विफल रहे। किसी को नहीं पता कि यह पानी कहाँ से आ रहा है, लेकिन यह बिना रुके सदियों से प्रवाहित हो रहा है। स्थानीय मान्यता है कि काडू मल्लेश्वर मंदिर के दर्शन का लाभ तभी मिलता है जब भक्त नंदी तीर्थ के दर्शन कर लेते हैं। महाशिवरात्रि के दौरान यहाँ लाखों की भीड़ उमड़ती है और इस मौके पर 15 दिनों का विशेष 'मूंगफली मेला' भी आयोजित किया जाता है। फूलों से सजे मंदिर में भगवान शिव की भव्य रथ यात्रा और विशेष अभिषेक भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र होते हैं।
परीक्षा पे चर्चा: पीएम मोदी की एआई पर महत्वपूर्ण सलाह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के 9वें संस्करण के दूसरे एपिसोड में छात्रों के साथ सीधा संवाद करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा की। कोयंबटूर के छात्र आदि विक्रम के सवाल का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि तकनीक से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि उसका सही इस्तेमाल सीखना अनिवार्य है। उन्होंने छात्रों को आगाह किया कि वे टेक्नोलॉजी के गुलाम न बनें, बल्कि तकनीक को खुद के विस्तार का जरिया बनाएं। पीएम ने जोर देकर कहा कि निर्णायक हमेशा इंसान को ही रहना चाहिए, तकनीक कभी हमारी मालिक नहीं बन सकती। प्रधानमंत्री ने वर्तमान दौर में मोबाइल की गुलामी पर चिंता जताते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग वैल्यू एडिशन के लिए होना चाहिए, न कि सीखने की मौलिक शक्ति को खोने के लिए।
महाराष्ट्र और बिहार राजनीति: एकनाथ शिंदे को बधाई और भ्रष्टाचार पर वार
राजनीतिक पटल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को उनके जन्मदिन पर हार्दिक बधाई दी। पीएम मोदी ने शिंदे के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे बालासाहेब ठाकरे और आनंद दिघे के सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। वहीं बिहार में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भ्रष्टाचार को लेकर तीखा प्रहार किया है। राय ने चारा घोटाला और भूमि घोटाला जैसे पुराने मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि कानून अपना काम करेगा और भ्रष्टाचारियों को उनके किए का नतीजा भुगतना ही होगा। उन्होंने सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी को भी पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताया।
योग और स्वास्थ्य: विपरीतकरणी मुद्रा के अद्भुत लाभ
स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाते हुए विशेषज्ञों ने 'विपरीतकरणी मुद्रा' के महत्व पर प्रकाश डाला है। यह एक ऐसी योग मुद्रा है जिसमें पैर दीवार की तरफ ऊपर करके लेटा जाता है, जो प्राण ऊर्जा को ऊपर की ओर ले जाने में मदद करती है। मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा के अनुसार, इसके नियमित अभ्यास से पाचन तंत्र मजबूत होता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। यह मुद्रा थायरॉयड ग्रंथि की कार्यक्षमता को सुधारने के साथ-साथ मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ाने में भी सहायक है। त्वचा और बालों के स्वास्थ्य के लिए भी इसे बहुत प्रभावी माना जाता है, हालांकि उच्च रक्तचाप या हृदय रोगियों को इसे विशेषज्ञ की सलाह पर ही करना चाहिए।
उत्तर प्रदेश बजट सत्र और अनुपमा सीरियल अपडेट
उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के अभिभाषण के साथ शुरू हो गया है, जहाँ सरकार 11 फरवरी को नया बजट पेश करेगी। बजट खर्च के वर्तमान आंकड़ों (49.53%) को लेकर विपक्ष ने सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है। मनोरंजन जगत में, टीवी सीरियल 'अनुपमा' के सोमवार के एपिसोड में कोठारी मेंशन में साजिशों का नया दौर शुरू होने वाला है। माही अपनी सास वसुंधरा कोठारी को अनुपमा और राही के खिलाफ भड़काने में सफल होती दिख रही है, जिससे प्रेरणा और प्रेम के रिश्तों में नया तनाव पैदा होगा।
आज की खबरें यह स्पष्ट करती हैं कि मानवता अब एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहाँ हम सितारों तक पहुँचने के वैज्ञानिक सपने देख रहे हैं, वहीं अपनी प्राचीन जड़ों और आस्था के रहस्यों से भी जुड़े हुए हैं। एलन मस्क का 'मून सिटी' विजन जहाँ भविष्य की संभावनाओं को खोलता है, वहीं बेंगलुरु के नंदी तीर्थ का रहस्य हमें याद दिलाता है कि प्रकृति और आस्था में आज भी ऐसे कई चमत्कार हैं जिन्हें विज्ञान नहीं समझ सका है। पीएम मोदी की तकनीक पर सलाह और योग की पद्धतियां हमें आधुनिकता और परंपरा के बीच संतुलन बनाना सिखाती हैं। चाहे वह यूपी का बजट हो या 'अनुपमा' की घरेलू चुनौतियां, जीवन और शासन की सफलता निरंतर प्रयास और विवेकपूर्ण निर्णयों पर टिकी है।
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