अंकिता भंडारी केस में सीएम धामी की दो टूक—"पाताल से भी ढूंढ निकालेंगे सच, कोई भी हो, गलत करने वाला बचेगा नहीं
देहरादून, [दिनांक: 6 जनवरी 2026] — उत्तराखंड के दिल को झकझोर देने वाले अंकिता भंडारी हत्याकांड (Ankita Bhandari Murder Case) को लेकर सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने एक बार फिर अपना कड़ा रुख स्पष्ट कर दिया है। राजनीतिक बयानबाजियों और वायरल ऑडियो (Viral Audio) से मचे घमासान के बीच सीएम धामी ने साफ शब्दों में कहा है कि इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका रसूख कितना भी बड़ा क्यों न हो।
देहरादून में मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अंकिता "हमारी बेटी" है और उसे न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने वायरल हो रहे ऑडियो क्लिप्स में मौजूद विरोधाभासों (Contradictions) पर भी सवाल उठाए और कहा कि सच्चाई का पता लगाने के लिए अब विज्ञान का सहारा लिया जा रहा है।
"गलत करने वाला बचेगा नहीं": सीएम का 'जीरो टॉलरेंस'
मुख्यमंत्री धामी ने इस मामले में सरकार की मंशा पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए कहा कि पहले दिन से ही सरकार का रवैया सख्त रहा है।
- सजा: उन्होंने याद दिलाया कि सरकार की मजबूत पैरवी का ही नतीजा है कि मामले के तीनों मुख्य आरोपियों को उम्रकैद (Life Imprisonment) की सजा हो चुकी है।
- खुली चुनौती: सीएम ने कहा, "गलत काम करने वाला चाहे कोई भी हो, वह बचेगा नहीं। हमारा ट्रैक रिकॉर्ड रहा है कि कभी भी कोई दोषी नहीं बचता। अगर किसी के पास कोई ठोस जानकारी है, तो वह हमें जरूर बताए, हम हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं।"
वायरल ऑडियो का सच: हत्या या आत्महत्या?
हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ ऑडियो क्लिप्स ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। इन क्लिप्स में कथित तौर पर घटना को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
- विरोधाभास: सीएम धामी ने कहा, "ऑडियो में काफी विरोधाभास है। किसी ऑडियो में कहा जा रहा है कि हत्या हुई है, तो किसी में दावा किया जा रहा है कि आत्महत्या की गई। हम किस पर यकीन करें?"
- एसआईटी और फॉरेंसिक जांच: इस भ्रम को दूर करने के लिए सरकार ने वायरल ऑडियो प्रकरण की जांच के लिए एक अलग एसआईटी (SIT) गठित की है। साथ ही, ऑडियो की प्रमाणिकता जांचने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की मदद ली जा रही है। सीएम ने कहा कि जैसे ही फॉरेंसिक रिपोर्ट आएगी और सत्यता सामने आएगी, कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राजनीति पर प्रहार: "शवों पर सियासत ठीक नहीं"
मुख्यमंत्री ने इस संवेदनशील मामले पर हो रही राजनीति पर भी गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि यह घटना बहुत ही हृदय विदारक है, लेकिन कुछ लोग इस पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने से बाज नहीं आ रहे हैं।
- सुरेश राठौर पर सवाल: सीएम ने बीजेपी नेता सुरेश राठौर और दुष्यंत गौतम से जुड़े विवाद पर कहा कि यह उनका 'व्यक्तिगत मामला' है, जिसकी जांच की जाएगी। हालांकि, उन्होंने सुरेश राठौर द्वारा दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पर आश्चर्य जताया और कहा, "यह समझ से परे है। हमारी उनसे अपील है कि वे सामने आकर तथ्य दें।"
- पार्टी लाइन: सीएम ने स्पष्ट किया कि अगर पार्टी के किसी नेता का नाम भी इसमें आता है, तो यह इंटरनल मामला नहीं रहेगा, बल्कि कानून अपना काम करेगा और पार्टी स्तर पर भी सख्त कार्यवाही होगी।
"अंकिता हमारी बेटी है": भावुक हुए धामी
इस पूरे प्रकरण में मुख्यमंत्री का मानवीय चेहरा भी सामने आया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "अंकिता सिर्फ एक केस नहीं, वह उत्तराखंड की बेटी है। उसकी बॉडी रिकवर करने से लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी तक, हमने एक पल की भी देरी नहीं की। एक महिला अधिकारी के नेतृत्व में ही एसआईटी गठित की गई थी ताकि संवेदनशीलता बनी रहे।"
उन्होंने चेतावनी दी कि मामले को लेकर राज्य का माहौल खराब करने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। सरकार चाहती है कि न्याय मिले, न कि भ्रम फैले।
हमारी राय (The Trending People Analysis)
अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड के इतिहास का एक ऐसा काला अध्याय है, जिसे न्याय के सुनहरे अक्षरों से ही मिटाया जा सकता है। मुख्यमंत्री धामी का यह आश्वासन कि "कोई नहीं बचेगा", पीड़ित परिवार और जनता के लिए एक संबल है। वायरल ऑडियो ने जांच की दिशा को उलझाया जरूर है, लेकिन फॉरेंसिक जांच दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी।
The Trending People का विश्लेषण है कि इस मामले में अब और देरी या कोताही सरकार की छवि के लिए घातक हो सकती है। अगर ऑडियो में किसी 'VIP' या सफेदपोश का नाम सामने आता है, तो उसे बेनकाब करना सरकार की असली अग्निपरीक्षा होगी। न्याय केवल अदालतों में नहीं, बल्कि जनता की नजरों में भी दिखना चाहिए। अंकिता को सच्चा न्याय तभी मिलेगा जब इस साजिश की आखिरी परत भी खुल जाएगी।
