Maduro Arrest Explained: अमेरिका ने निकोलस मादुरो को क्यों नहीं दी राष्ट्राध्यक्ष इम्युनिटी?
Reuters
अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार, किसी भी देश के मौजूदा राष्ट्राध्यक्ष को दूसरे देश की अदालतों में मुकदमे और गिरफ्तारी से विशेष इम्युनिटी मिलती है। लेकिन वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो इस नियम से बाहर कर दिए गए हैं। 3 जनवरी को अमेरिका द्वारा चलाए गए एक विशेष ऑपरेशन में मादुरो को कराकस से गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क लाया गया, जहां उन्हें एक हाई-सिक्योरिटी जेल में रखा गया है।
मादुरो ने न्यूयॉर्क की साउथ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेशी के दौरान खुद को अब भी वेनेजुएला का राष्ट्रपति बताते हुए ‘हेड ऑफ स्टेट इम्युनिटी’ का दावा किया। हालांकि अमेरिकी अदालतों ने इसे खारिज कर दिया। अमेरिका का तर्क है कि वह मादुरो को वेनेजुएला का वैध राष्ट्राध्यक्ष नहीं मानता। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि 2024 में हुए चुनाव धांधलीपूर्ण थे और मादुरो सत्ता पर अवैध रूप से काबिज हैं। इसी आधार पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो उन्हें “अवैध शासक” बता चुके हैं।
अमेरिका ने मादुरो पर ड्रग तस्करी, नार्को-टेररिज्म और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। अमेरिकी अदालतों का मानना है कि चूंकि अमेरिका उन्हें वैध राष्ट्राध्यक्ष के रूप में मान्यता नहीं देता, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत मिलने वाली इम्युनिटी उन पर लागू नहीं होती।
यह मामला 1989 में पनामा के पूर्व शासक मैनुअल नोरिएगा की गिरफ्तारी से भी जोड़ा जा रहा है। उस समय भी अमेरिकी अदालतों ने नोरिएगा को वैध राष्ट्राध्यक्ष न मानते हुए इम्युनिटी देने से इनकार कर दिया था।
हमारी राय
मादुरो का मामला दिखाता है कि राष्ट्राध्यक्षों को मिलने वाली इम्युनिटी पूरी तरह निरपेक्ष नहीं होती, बल्कि राजनीतिक मान्यता और अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता पर निर्भर करती है। हालांकि यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून में विवाद पैदा कर सकता है, लेकिन अमेरिका की स्थिति उसकी कानूनी और राजनीतिक व्याख्या पर टिकी है। यह मामला भविष्य में वैश्विक कूटनीति और राष्ट्राध्यक्षों की सुरक्षा से जुड़े नियमों को नई दिशा दे सकता है।
