ट्रंप का 'वार-पलटवार'—अब मेक्सिको में घुसकर मारेंगे ड्रग माफिया को? 'जमीनी जंग' के ऐलान से भड़का पड़ोसी, राष्ट्रपति शीनबॉम ने दिखाई 'लाल आंख
वाशिंगटन/मेक्सिको सिटी, [दिनांक: 9 जनवरी 2026 — अमेरिका और उसके दक्षिणी पड़ोसी मेक्सिको के बीच कूटनीतिक रिश्तों में एक अभूतपूर्व तनाव पैदा हो गया है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के हौसले बुलंद हैं और अब उन्होंने अपनी 'बंदूक' का रुख मेक्सिको की ओर कर लिया है। गुरुवार रात एक साक्षात्कार में ट्रंप ने एक ऐसा बयान दिया जिसने लैटिन अमेरिका की राजनीति में भूचाल ला दिया है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका अब मेक्सिको में सक्रिय खतरनाक ड्रग कार्टेल्स (Drug Cartels) के खिलाफ सीधी 'जमीनी कार्रवाई' (Ground Operation) शुरू करने वाला है।
ट्रंप का यह बयान मेक्सिको की संप्रभुता (Sovereignty) के लिए सीधी चुनौती माना जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेक्सिको की सरकार लाचार है और असल में देश को ड्रग तस्कर चला रहे हैं। इस बयान पर मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम (Claudia Sheinbaum) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिससे दोनों देशों के बीच 'वाकयुद्ध' छिड़ गया है।
ट्रंप का दावा: "कार्टेल्स चला रहे हैं मेक्सिको, हर साल मर रहे 3 लाख अमेरिकी"
साक्षात्कार के दौरान डोनाल्ड ट्रंप बेहद आक्रामक मूड में नजर आए। उन्होंने अमेरिकी नागरिकों की मौत के आंकड़ों का हवाला देते हुए मेक्सिको पर निशाना साधा।
- मौत का आंकड़ा: ट्रंप ने कहा, "हर साल अमेरिका में 3,00,000 लोग ड्रग्स, विशेषकर फेंटेनाइल (Fentanyl) के कारण मर रहे हैं। यह एक युद्ध है और हम इसे हार नहीं सकते।"
- सरकार पर हमला: उन्होंने बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, "कार्टेल्स मेक्सिको को चला रहे हैं, राष्ट्रपति नहीं। यह बहुत दुखद है, लेकिन सच यही है कि वे नियंत्रण खो चुके हैं।"
रणनीति में बदलाव: ट्रंप ने दावा किया कि उनकी सरकार ने समुद्री रास्तों (Maritime Routes) से आने वाली 97 प्रतिशत ड्रग्स को रोकने में सफलता हासिल कर ली है। तस्करों की कमर टूटी है, लेकिन अब वे जमीनी रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसलिए, अमेरिकी सेना और ड्रग एनफोर्समेंट एजेंसी (DEA) का अगला लक्ष्य अब जमीनी मार्गों पर सर्जिकल स्ट्राइक करना होगा।
वेनेजुएला कनेक्शन: मादुरो के बाद अब कार्टेल्स की बारी?
ट्रंप के इस आत्मविश्वास के पीछे वेनेजुएला में हाल ही में मिली सफलता है।
- मादुरो ऑपरेशन: कुछ ही दिन पहले अमेरिकी बलों ने काराकस में एक खुफिया ऑपरेशन चलाकर वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया था। अब वे न्यूयॉर्क की जेल में हैं।
- आरोप: ट्रंप ने मादुरो पर भी ड्रग कार्टेल्स को संरक्षण देने और 'नार्को-टेररिज्म' फैलाने का आरोप लगाया था। अब वही आरोप मेक्सिको के सिस्टम पर मढ़े जा रहे हैं। ट्रंप प्रशासन यह संदेश देना चाहता है कि अमेरिका की सुरक्षा के लिए वह किसी भी देश की सीमा का लिहाज नहीं करेगा।
मेक्सिको का पलटवार: "संप्रभुता से समझौता नहीं"
ट्रंप की 'जमीनी कार्रवाई' की धमकी ने मेक्सिको सिटी में खतरे की घंटी बजा दी है। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम ने तुरंत मोर्चा संभाला और अमेरिका को कड़ा संदेश दिया।
शीनबॉम ने दो टूक कहा:
"मेक्सिको किसी भी तरह की विदेशी सैन्य कार्रवाई (Foreign Military Action) को स्वीकार नहीं करेगा। हम एक स्वतंत्र राष्ट्र हैं, कोई उपनिवेश नहीं।"
सहयोग, न कि दखल: उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा सहयोग तभी संभव है जब वह बराबरी और आपसी सम्मान (Mutual Respect) के आधार पर हो। शीनबॉम ने कहा, "हम ड्रग तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ लड़ रहे हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम अमेरिकी सेना को अपनी धरती पर घुसने की इजाजत दे दें।"
मेक्सिको सरकार ने ट्रंप प्रशासन को हाल ही में आंकड़े सौंपे थे जिनमें दावा किया गया था कि देश में हत्याओं की दर में 40% की कमी आई है, लेकिन ट्रंप ने इन आंकड़ों को खारिज कर दिया है।
क्या वास्तव में हमला करेगा अमेरिका?
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान 'दबाव की राजनीति' (Pressure Tactics) हो सकता है, लेकिन मादुरो की गिरफ्तारी ने यह साबित कर दिया है कि वे जोखिम लेने से नहीं डरते।
- विकल्प: अमेरिका मेक्सिको की सीमा के पास ड्रोन हमले, खुफिया ऑपरेशन्स या कार्टेल सरगनाओं को पकड़ने के लिए 'क covert' (गुप्त) मिशन चला सकता है।
- जोखिम: अगर अमेरिकी सेना मेक्सिको की सीमा में घुसती है, तो यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन होगा और दोनों देशों के बीच व्यापार और कूटनीतिक रिश्ते पूरी तरह टूट सकते हैं। मेक्सिको अमेरिका का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
हमारी राय (The Trending People Analysis)
ड्रग्स की समस्या अमेरिका के लिए नासूर बन चुकी है, इसमें कोई दो राय नहीं। 3 लाख मौतों का आंकड़ा भयावह है। लेकिन एक पड़ोसी मित्र राष्ट्र में एकतरफा सैन्य कार्रवाई की बात करना कूटनीतिक आत्महत्या जैसा है।
The Trending People का विश्लेषण है कि मेक्सिको, वेनेजुएला नहीं है। वहां एक लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार है। अगर अमेरिका वहां 'जमीनी कार्रवाई' करता है, तो यह घुसपैठ मानी जाएगी। इसका नतीजा यह होगा कि मेक्सिको ड्रग्स रोकने में सहयोग पूरी तरह बंद कर सकता है, जिससे अमेरिका की समस्या और बढ़ जाएगी। ट्रंप प्रशासन को 'बंदूक' के बजाय 'इंटेलीजेंस शेयरिंग' और मेक्सिको की पुलिस को मजबूत करने पर जोर देना चाहिए। दादागिरी से कार्टेल खत्म नहीं होंगे, बल्कि अमेरिका के दोस्त दुश्मन बन जाएंगे।
