कनाडा का 'अमेरिकन ड्रीम' बना डरावना सपना—ब्रैम्पटन में घर पर चलीं गोलियां, मांगी 4 करोड़ की फिरौती; डर के मारे भारतीय परिवार ने छोड़ा देश
ब्रैम्पटन/नई दिल्ली, [दिनांक: 15 जनवरी 2026 — जिसे कभी दुनिया का सबसे शांत और सुरक्षित देश माना जाता था, वह कनाडा (Canada) अब दक्षिण एशियाई, विशेषकर भारतीय मूल के लोगों के लिए 'गैंगलैंड' में तब्दील होता जा रहा है। ब्रैम्पटन (Brampton) से आई एक खौफनाक खबर ने प्रवासी भारतीयों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। भारतीय मूल के एक निवासी विक्रम शर्मा (Vikram Sharma) को वहां की लचर कानून व्यवस्था और गैंगस्टरों के खौफ के कारण रातों-रात अपना बना-बनाया घर छोड़कर देश से पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा है।
यह कदम उन्होंने तब उठाया जब नए साल के जश्न के बीच उनके घर पर नकाबपोश हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग की और उनसे 5 लाख अमेरिकी डॉलर (करीब 4 करोड़ रुपये) की रंगदारी मांगी। पुलिस से सुरक्षा के नाम पर सिर्फ 'सलाह' मिलने के बाद विक्रम ने अपनी पत्नी और 4 महीने की मासूम बेटी की जान बचाने के लिए कनाडा छोड़ने का फैसला किया।
3 जनवरी की वो खौफनाक सुबह: पटाखों के शोर में गोलियों की गूंज
घटना 3 जनवरी 2026 की सुबह की है। विक्रम शर्मा और उनका परिवार गहरी नींद में था।
- फायरिंग: अचानक एक नकाबपोश हमलावर उनके घर के बाहर पहुंचा और उसने 7 से 9 राउंड फायरिंग की। गोलियों की तड़तड़ाहट से विक्रम की नींद खुल गई।
- गलतफहमी: चूंकि नया साल अभी शुरू ही हुआ था, विक्रम ने इसे जश्न के पटाखे समझकर नजरअंदाज कर दिया और वापस सोने की कोशिश की।
- सच्चाई: करीब 30 मिनट बाद जब पुलिस की गाड़ियों के सायरन गूंजे और अधिकारी उनके दरवाजे पर पहुंचे, तब उन्हें हकीकत का पता चला। बाहर जाकर देखा तो उनकी कार और गैरेज गोलियों से छलनी हो चुके थे। यह मंजर किसी भी आम इंसान की रूह कांपने के लिए काफी था।
डिजिटल धमकी: वीडियो भेजकर मांगी 4 करोड़ की फिरौती
हमलावरों का मकसद सिर्फ डराना नहीं, बल्कि वसूली करना था। गोलीबारी के कुछ ही घंटों बाद विक्रम के फोन पर एक अनजान नंबर से संदेश आया।
- वीडियो सबूत: मैसेज में एक वीडियो था, जिसमें उनके घर पर हुई फायरिंग की फुटेज थी। यह इस बात का सबूत था कि हमलावरों ने पूरी घटना को रिकॉर्ड किया था ताकि दहशत फैलाई जा सके।
- डिमांड: इसके तुरंत बाद एक फोन कॉल आया। कॉलर ने साफ शब्दों में 5,00,000 अमेरिकी डॉलर की मांग की।
- डेडलाइन: धमकी दी गई कि अगर एक दिन के भीतर पैसा नहीं मिला, तो उनके पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा।
"अगली गोली तुम्हारे लिए होगी": पुलिस की लाचारी ने तोड़ा भरोसा
विक्रम ने हिम्मत दिखाते हुए पैसे देने से इनकार किया, लेकिन गैंगस्टर्स ने दबाव बनाना जारी रखा। 6 जनवरी को उन्हें एक के बाद एक छह-सात धमकी भरे कॉल्स आए।
- सीधी धमकी: कॉलर ने बेहद ठंडे और क्रूर लहजे में कहा, "अगली गोली गैरेज पर नहीं, तुम्हारे लिए होगी।"
जब विक्रम ने पील रीजनल पुलिस (Peel Regional Police) से सुरक्षा की गुहार लगाई, तो उन्हें जो जवाब मिला, उसने उनका कनाडा के सिस्टम से भरोसा ही उठा दिया।
- पुलिस की सलाह: आरोप है कि पुलिस ने उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने के बजाय केवल यह सलाह दी कि वे अपना फोन नंबर बदल लें और कुछ दिनों के लिए जगह बदल लें।
विक्रम ने मीडिया से अपना दर्द साझा करते हुए कहा:
"हम शांति, सुरक्षा और बेहतर सिस्टम के लिए अपना देश छोड़कर कनाडा आए थे, इस डर के लिए नहीं। जब पुलिस ही हाथ खड़े कर दे, तो वहां रहना आत्महत्या जैसा है। अपनी 4 महीने की बच्ची और पत्नी की सुरक्षा मेरे लिए सबसे ऊपर है।"
दक्षिण एशियाई समुदाय निशाने पर: 400 से ज्यादा मामले
विक्रम शर्मा का केस कोई अपवाद नहीं है। पील रीजनल पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि स्थिति कितनी भयावह है।
- टार्गेट: अपराधी मुख्य रूप से दक्षिण एशियाई (South Asian) मूल के व्यापार मालिकों, बिल्डरों और संपन्न लोगों को निशाना बना रहे हैं।
- आंकड़े: पुलिस डेटा के अनुसार, पिछले साल इस क्षेत्र में जबरन वसूली (Extortion) के 400 से अधिक मामले दर्ज किए गए।
- टास्क फोर्स: पुलिस ने 'एक्सटॉर्शन इन्वेस्टिगेशन टास्क फोर्स' (EITF) का गठन किया है, लेकिन जमीन पर इसका असर कम ही दिख रहा है। विक्रम के मामले में भी अब तक किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
हमारी राय (The Trending People Analysis)
कनाडा का यह चेहरा 'फर्स्ट वर्ल्ड कंट्री' के दावों की पोल खोलता है। एक नागरिक के घर पर गोलियां चलती हैं, उससे फिरौती मांगी जाती है, और पुलिस उसे सुरक्षा देने के बजाय 'भागने' की सलाह देती है—यह कानून के राज (Rule of Law) की विफलता का इससे बड़ा उदाहरण नहीं हो सकता।
The Trending People का विश्लेषण है कि कनाडा सरकार को अपनी इमिग्रेशन नीतियों के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा पर गंभीर मंथन करने की जरूरत है। भारत सरकार को भी अपने नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा कूटनीतिक स्तर पर उठाना चाहिए। विक्रम शर्मा का देश छोड़ना एक चेतावनी है कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो कनाडा से प्रतिभाओं और निवेश का पलायन (Brain Drain) शुरू हो जाएगा। जो देश अपने नागरिकों को सुरक्षा नहीं दे सकता, वह समृद्धि का वादा कैसे कर सकता है?
