निर्देशक आदित्य धर की फिल्म धुरंधर 2 इन दिनों चर्चा में है। फिल्म के कलाकारों के साथ-साथ इसके संगीत ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा है। खासतौर पर बांसुरी की मधुर धुन, जिसे बांसुरी वादक नवीन कुमार ने प्रस्तुत किया, काफी सराही जा रही है।
इसी बीच नवीन कुमार ने अपनी पहली पुस्तक “The Journey of Bansuri” का लोकार्पण मुंबई के Whistling Woods International में किया। इस खास मौके पर दिग्गज फिल्ममेकर सुभाष घई, गायक सुखविंदर सिंह और संगीतकार शिवमणि मौजूद रहे।
नवीन कुमार ने बताया कि यह किताब उनके जीवन की संगीत यात्रा का सार है, जिसमें उनके वर्षों के अभ्यास, अनुभव और बांसुरी के साथ गहरे संबंध को दर्शाया गया है।
लोकार्पण समारोह में नवीन कुमार ने लाइव बांसुरी प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने फिल्म ‘हीरो’ के मशहूर गीत ‘तू ही रे’ और ‘धुरंधर 2’ के एक खास हिस्से को बांसुरी पर बजाया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण शिवमणि और नवीन कुमार की जुगलबंदी रही, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
इसके बाद सुखविंदर सिंह ने ‘कृष्णा’ गीत प्रस्तुत कर माहौल को और खास बना दिया। सुभाष घई ने नवीन कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि सच्ची कला हमेशा समर्पण और जुनून से पैदा होती है और यह पुस्तक हर कलाकार के लिए प्रेरणादायक है।
नवीन कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दिवंगत माता-पिता को दिया और अपने परिवार—पत्नी किरण और बच्चों—का आभार जताया। उन्होंने पुस्तक के संपादन में योगदान देने वाली उषा श्रीनिवासन शाहणे और प्रकाशक आकाश भाबट को भी धन्यवाद दिया।
हमारी राय में
नवीन कुमार की यह पुस्तक केवल एक कलाकार की कहानी नहीं, बल्कि भारतीय संगीत की गहराई और साधना का दस्तावेज है। ‘धुरंधर 2’ के जरिए उनकी कला को पहचान मिली, लेकिन यह किताब उनके संघर्ष और समर्पण को और करीब से समझने का मौका देती है। ऐसे प्रयास न सिर्फ नई पीढ़ी को प्रेरित करते हैं, बल्कि पारंपरिक संगीत को भी नई पहचान देते हैं।
