Uttarakhand Tourism 2025: धामी सरकार की पहल रंग लाई, 6 करोड़ से ज्यादा पर्यटक पहुंचे
नेशनल डेस्क। पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की पहल अब साफ तौर पर रंग लाती दिख रही है। वर्ष 2025 में उत्तराखंड में पर्यटकों की संख्या ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। बीते साल राज्य में 6 करोड़ 3 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे, जो राज्य गठन के बाद अब तक की सबसे बड़ी संख्या है।
पर्यटन विभाग के मुताबिक, यह आंकड़ा उत्तराखंड के पर्यटन इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
हरिद्वार, देहरादून और टिहरी रहे सबसे आगे
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में राज्य के प्रमुख पर्यटन और तीर्थ स्थलों पर रिकॉर्ड भीड़ देखी गई।
सबसे ज्यादा पर्यटक पहुंचे—
- Haridwar: 3 करोड़ 42 लाख 49 हजार 380
- Dehradun: 67 लाख 35 हजार 71
- Tehri: 53 लाख 29 हजार 759
इन जिलों में धार्मिक, प्राकृतिक और एडवेंचर टूरिज्म की वजह से भारी संख्या में सैलानी पहुंचे।
पर्यटन विभाग का आंकड़ा: पहली बार 6 करोड़ का आंकड़ा पार
पर्यटन विभाग के अनुसार, वर्ष 2025 में उत्तराखंड आने वाले कुल पर्यटकों की संख्या रही—
6,03,21,194
इनमें—
- विदेशी पर्यटक: 1,92,533
- घरेलू पर्यटक: भारी बहुमत
राज्य गठन के बाद यह पहली बार है, जब पर्यटकों की संख्या 6 करोड़ के पार पहुंची है।
पिछले वर्षों से लगातार बढ़ रहा ग्राफ
पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो उत्तराखंड में पर्यटन लगातार बढ़ा है—
| वर्ष | पर्यटकों की संख्या |
|---|---|
| 2021 | 2,00,18,115 |
| 2022 | 5,39,81,338 |
| 2023 | 5,96,36,601 |
| 2024 | 5,95,50,277 |
| 2025 | 6,03,21,194 |
इन आंकड़ों से साफ है कि कोरोना काल के बाद राज्य का पर्यटन तेजी से उभरा है।
धामी सरकार की योजनाओं से मिली नई रफ्तार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में पर्यटन विकास को नई दिशा मिली है। सरकार ने—
- पर्यटन-तीर्थ स्थलों का विकास
- सड़कों और कनेक्टिविटी में सुधार
- होटल और होमस्टे को बढ़ावा
- डिजिटल बुकिंग सुविधा
- सुरक्षा व्यवस्था मजबूत
जैसे कई कदम उठाए हैं।
इन प्रयासों से राज्य में पर्यटकों का भरोसा बढ़ा है।
पर्यटकों की सुरक्षा पर खास जोर
सरकार ने पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
इसके तहत—
- पुलिस और आपदा प्रबंधन की तैनाती
- सीसीटीवी निगरानी
- हेल्पलाइन नंबर
- मेडिकल सुविधा
जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ती संख्या का एक बड़ा कारण है।
शीतकालीन यात्रा से मिला बड़ा फायदा
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि शीतकालीन यात्रा ने भी पर्यटन को नई मजबूती दी है। खासतौर पर प्रधानमंत्री Narendra Modi की मुखबा यात्रा के बाद इस अभियान को और गति मिली।
मुखबा, मां गंगा का शीतकालीन प्रवास स्थल माना जाता है। यहां प्रधानमंत्री की यात्रा के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिससे शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा मिला।
सीएम धामी का बयान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा—
“पर्यटन उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार है। हमारी सरकार पूरे साल पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है, ताकि स्थानीय लोगों और युवाओं को रोजगार मिले। पर्यटक सुविधाओं और सुरक्षा पर हमने विशेष ध्यान दिया है, जिसका परिणाम आज सामने है।”
उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में भी पर्यटन क्षेत्र को प्राथमिकता देती रहेगी।
स्थानीय लोगों को मिला रोजगार
पर्यटन बढ़ने से राज्य में—
- होटल व्यवसाय
- टैक्सी सेवा
- गाइड
- दुकानदार
- होमस्टे संचालक
को बड़ा फायदा मिला है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं, जिससे पलायन पर रोक लगाने में मदद मिल रही है।
उत्तराखंड बना सालभर का टूरिज्म हब
अब उत्तराखंड सिर्फ चारधाम यात्रा तक सीमित नहीं रह गया है। राज्य में—
- एडवेंचर टूरिज्म
- वेलनेस टूरिज्म
- योग और आयुष
- नेचर टूरिज्म
- विंटर टूरिज्म
तेजी से विकसित हो रहा है।
सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड को सालभर घूमने योग्य राज्य के रूप में स्थापित किया जाए।
हमरी राय में
हमरी राय में, वर्ष 2025 में उत्तराखंड में 6 करोड़ से ज्यादा पर्यटकों का पहुंचना धामी सरकार की नीतियों और योजनाओं की सफलता को दर्शाता है। पर्यटन ढांचे, सुरक्षा व्यवस्था और प्रचार-प्रसार पर किए गए निवेश का सकारात्मक असर साफ नजर आ रहा है।
अगर इसी तरह सुविधाओं का विस्तार और पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास किया गया, तो आने वाले वर्षों में उत्तराखंड देश के सबसे बड़े पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकता है। इससे न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि युवाओं को भी स्थायी रोजगार मिलेगा।
