गुलाबी नगरी में 'सोना' हुआ सुहाना—शादियों के सीजन में मिली महंगाई से बड़ी राहत, 4 दिन में 1.38 लाख सस्ती हुई चांदी, ज्वैलरी बाजार में लौटी बहार
जयपुर/नई दिल्ली, दिनांक: 5 फरवरी 2026 — शादियों के साये और शहनाइयों की गूंज के बीच गुलाबी नगरी जयपुर के सर्राफा बाजार से उन हजारों परिवारों के लिए एक बेहद सुकून देने वाली खबर आई है, जिनके घरों में विवाह समारोह होने वाले हैं। पिछले कुछ हफ्तों से आसमान छू रही सोने और चांदी की कीमतों ने जहां आम आदमी की नींद उड़ा रखी थी, वहीं अब बाजार ने एक बड़ा यू-टर्न लिया है। महज चार दिनों के भीतर कीमती धातुओं के भाव में ऐसी ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है, जिसने ज्वैलरी शोरूम्स की रौनक को फिर से लौटा दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, चांदी की कीमतों में 1.38 लाख रुपये और सोने में 28 हजार रुपये की भारी-भरकम कमी आई है। इस गिरावट को बाजार के जानकारों द्वारा 'करेक्शन' और ग्राहकों के लिए खरीदारी का 'गोल्डन चांस' बताया जा रहा है।
जयपुर का सर्राफा बाजार, जो अपनी पारंपरिक और कुंदन-मीना ज्वैलरी के लिए दुनिया भर में मशहूर है, पिछले महीने सन्नाटे की चपेट में था। जनवरी में चांदी ने 4 लाख रुपये प्रति किलो के अविश्वसनीय और ऐतिहासिक स्तर को छू लिया था, जिससे निवेशकों और खरीदारों दोनों के होश उड़ गए थे। लेकिन फरवरी की शुरुआत के साथ ही गुब्बारे से हवा निकलनी शुरू हो गई। ताजा भाव के अनुसार, चांदी अपने उच्चतम स्तर से लुढ़ककर अब 2.62 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। इसी तरह, सोने ने भी अपने रिकॉर्ड हाई से नीचे आते हुए 8,500 रुपये की गिरावट दर्ज की है और अब यह 1.56 लाख रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। प्रतिशत के लिहाज से देखें तो पिछले चार दिनों में जयपुर में चांदी 34 प्रतिशत और सोना 15 प्रतिशत से ज्यादा सस्ता हुआ है। यह गिरावट उन मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो बजट बिगड़ने के डर से अपनी खरीदारी टाल रहे थे।
स्थानीय ज्वैलर्स और बुलियन एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार, इस अस्थिरता के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार और सट्टा बाजार में चल रही 'हवाबाजी' (Speculation) मुख्य वजह थी। पिछले एक सप्ताह में वैश्विक स्तर पर जमकर सट्टेबाजी हुई, जिसने कृत्रिम रूप से भाव बढ़ा दिए थे, लेकिन अब वह बुलबुला फूट चुका है। इसके अलावा, औद्योगिक मांग के कारक भी प्रभावी रहे हैं। सोलर पैनल, हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के निर्माण में चांदी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, जिसने इसकी मांग को बनाए रखा है, लेकिन कीमतों का अत्यधिक बढ़ जाना टिकाऊ नहीं था। वैश्विक स्तर पर चल रही युद्ध जैसी घटनाओं और भू-राजनीतिक तनाव ने भी अनिश्चितता पैदा की थी, लेकिन अब स्थिति सामान्य होने की ओर है।
भारत में सोने की दरें काफी हद तक डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट पर निर्भर करती हैं। इस संदर्भ में विशेषज्ञों का मानना है कि हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच हुई सफल व्यापार समझौता (Trade Deal) ने बाजार में एक सकारात्मक और स्थिरता का संदेश भेजा है। इस डील के बाद रुपये में आई मजबूती और आयात शुल्क (Import Duty) को लेकर केंद्रीय बजट में स्थिति स्पष्ट होने से अनिश्चितता के बादल छंट गए हैं। बजट में ड्यूटी में कोई प्रतिकूल बदलाव न होने से जो आशंकाएं व्यापारियों के मन में थीं, वे अब दूर हो गई हैं। यही कारण है कि जयपुर के प्रसिद्ध जौहरी बाजार से लेकर एमआई रोड तक के ज्वैलरी स्टोर्स पर अब खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
बाजार में आई इस गिरावट को ज्वैलर्स शादियों के मौजूदा सीजन के लिए 'संजीवनी' मान रहे हैं। शोरूम संचालकों का कहना है कि अब ग्राहकों के मन से असमंजस की स्थिति साफ हो गई है। लोग न केवल नए आभूषण खरीद रहे हैं, बल्कि पुराने गहने बदलकर (Exchange) नए डिजाइन बनवाने के लिए भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। बाजार में पिछले एक हफ्ते के मुकाबले फुटफॉल और बिक्री में 10 से 12 प्रतिशत की उछाल देखी जा रही है। भारी-भरकम जड़ाऊ सेट से लेकर हल्के डायमंड ज्वैलरी तक, हर सेगमेंट में मांग निकली है। यह ट्रेंड बताता है कि भारतीय उपभोक्ता कीमत को लेकर संवेदनशील जरूर है, लेकिन शुभ कार्यों में सोने की खरीदारी उसकी परंपरा का अभिन्न अंग है।
हमारी राय (The Trending People Analysis)
जयपुर के सर्राफा बाजार में आई यह गिरावट इस बात का प्रमाण है कि कोई भी बाजार हमेशा एक दिशा में नहीं चल सकता। 4 लाख की चांदी का 2.62 लाख पर आना यह दर्शाता है कि बाजार में 'मूल्य सुधार' (Price Correction) कितना जरूरी था।
The Trending People का विश्लेषण है कि यह समय खरीदारी के लिए वाकई उपयुक्त है। शादियों के सीजन में सोने-चांदी के दाम गिरना दुर्लभ होता है। हालांकि, निवेशकों को अभी भी सतर्क रहना चाहिए क्योंकि वैश्विक बाजार पूरी तरह स्थिर नहीं हैं। लेकिन जो लोग बेटी की शादी या व्यक्तिगत उपयोग के लिए जेवर खरीदना चाहते हैं, उन्हें इस मौके का फायदा उठाना चाहिए, क्योंकि मांग बढ़ते ही कीमतें दोबारा चढ़ सकती हैं। भारत-अमेरिका डील का सकारात्मक असर अभी और देखने को मिल सकता है, जो रुपये को मजबूत रखकर सोने के आयात को सस्ता बनाएगा।

