भारत-कनाडा के बीच 'शानदार एक्शन प्लान': सुरक्षा और कूटनीति में नया अध्याय; 26 फरवरी को कनाडाई पीएम मार्क कार्नी आएंगे भारत
इंटरनेशनल डेस्क, नई दिल्ली | भारत और कनाडा के बीच हालिया कूटनीतिक तनाव के बाद अब रिश्तों में एक सकारात्मक और मजबूत सुधार देखने को मिल रहा है। कनाडा में भारत के उच्चायुक्त (High Commissioner) दिनेश पटनायक ने दोनों देशों के बीच हुए हालिया सुरक्षा सहयोग समझौते को एक “शानदार एक्शन प्लान” (Excellent Action Plan) करार दिया है।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि दोनों देशों ने आपसी सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक व्यापक और व्यावहारिक रोडमैप तैयार कर लिया है, जो द्विपक्षीय संबंधों को एक नई सकारात्मक दिशा देगा।
कैसे बनी बात? (अजित डोभाल का अहम दौरा)
यह ऐतिहासिक सुरक्षा समझौता तब आकार में आया जब भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने हाल ही में कनाडा का महत्वपूर्ण दौरा किया। इस दौरे के दौरान उन्होंने अपनी कनाडाई समकक्ष नथाली ड्रौइन (Nathalie Drouin) और कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री गैरी आनंदसंगरी के साथ विस्तृत और गहन बातचीत की। इस उच्च-स्तरीय बैठक के बाद दोनों देशों ने कानून-प्रवर्तन (Law Enforcement) और राष्ट्रीय सुरक्षा के संवेदनशील मुद्दों पर एक साझा कार्ययोजना (Shared Workplan) पर अपनी आधिकारिक सहमति जताई है।
किन अहम मुद्दों पर होगा सहयोग?
हाई कमिश्नर दिनेश पटनायक के अनुसार, यह द्विपक्षीय सहयोग कई महत्वपूर्ण और ज्वलंत क्षेत्रों को कवर करेगा:
- ड्रग्स तस्करी: फेंटेनाइल (Fentanyl) और उसके प्रीकर्सर की अवैध तस्करी पर रोक।
- संगठित अपराध: ट्रांसनेशनल संगठित अपराध (Transnational Organized Crime) के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को खत्म करना।
- उग्रवाद: हिंसक उग्रवाद और आतंकवाद पर लगाम कसना।
- इमिग्रेशन और फ्रॉड: अवैध इमिग्रेशन (Illegal Immigration) और धोखाधड़ी के मामलों में सख्ती बरतना।
- साइबर सुरक्षा: साइबर अपराधों पर नियंत्रण पाना और साइबर सुरक्षा नीतियों को औपचारिक रूप देना।
विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों देश अब अपने-अपने 'लायजन ऑफिसर' (Liaison Officers) नियुक्त करेंगे, जिससे आपसी संचार और समयबद्ध खूफिया सूचनाओं का साझाकरण बेहद आसान और तेज हो जाएगा।
'पूरक अर्थव्यवस्थाएं': व्यापार और संसाधनों का तालमेल
सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक मोर्चे पर भी दोनों देश एक-दूसरे के लिए बेहद अहम हैं। दिनेश पटनायक ने भारत और कनाडा को “पूरक अर्थव्यवस्थाएं” (Complementary Economies) बताया है। कनाडा के पास ऊर्जा, कृषि, उर्वरक और महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) का विशाल भंडार है, जो भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और 'सप्लाई चेन विविधीकरण' (Supply Chain Diversification) रणनीति के लिए अत्यंत आवश्यक है।
कनाडाई पीएम मार्क कार्नी का भारत दौरा
कूटनीतिक सुधारों के इस सकारात्मक माहौल के बीच कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (Mark Carney) आगामी 26 फरवरी 2026 को भारत की महत्वपूर्ण यात्रा पर आ रहे हैं।
इस दौरे के दौरान उनकी सीधी मुलाकात भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होगी। दोनों शीर्ष नेताओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, रक्षा, एयरोस्पेस, अंतरिक्ष, ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स, शिक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा होने की प्रबल संभावना है।
संपादकीय विश्लेषण
पिछले कुछ समय से भारत और कनाडा के कूटनीतिक संबंधों में जो बर्फ जमी हुई थी, वह अब तेजी से पिघलती नजर आ रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल का कनाडा दौरा और 'साझा कार्ययोजना' पर सहमति भारत का एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक है। हिंसक उग्रवाद और अवैध इमिग्रेशन पर कनाडा का सहयोग मिलना भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत है। कनाडाई पीएम मार्क कार्नी का आगामी भारत दौरा इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि दोनों देश अतीत के तनावों को पीछे छोड़कर आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी के एक नए युग में प्रवेश करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।