Mexico US Intervention: क्या ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ मेक्सिको में सैन्य कार्रवाई करेगा अमेरिका?
वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप के बाद यह अटकलें तेज हो गई थीं कि क्या अमेरिका अब मेक्सिको में मादक पदार्थ तस्करी गिरोहों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, मेक्सिको सरकार और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने इस आशंका को सिरे से खारिज कर दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही मेक्सिको को ड्रग कार्टेल्स के मुद्दे पर चेतावनी दे चुके हैं, लेकिन मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शीनबॉम ने साफ किया है कि किसी भी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का कोई खतरा नहीं है। उन्होंने सोमवार को कहा, “मुझे नहीं लगता कि कोई जोखिम है। अमेरिकी सरकार के साथ हमारा समन्वय और सहयोग बना हुआ है।”
शीनबॉम ने यह भी स्पष्ट किया कि संगठित अपराध जैसी जटिल समस्या का समाधान किसी विदेशी सैन्य हस्तक्षेप से नहीं हो सकता। उनके मुताबिक, इस दिशा में सहयोग और संस्थागत प्रयास ही प्रभावी रास्ता है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप की कड़ी भाषा को मेक्सिको से और अधिक रियायतें हासिल करने की रणनीति के रूप में देखा जाना चाहिए। हालांकि, कोई भी इस संभावना को पूरी तरह नकारने को तैयार नहीं है कि ट्रंप कोई अप्रत्याशित कदम उठा सकते हैं।
मेक्सिको और वेनेजुएला की स्थिति को एक जैसा नहीं माना जा रहा। पहला बड़ा अंतर यह है कि क्लॉडिया शीनबॉम एक लोकप्रिय और लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई राष्ट्रपति हैं। दूसरा, मेक्सिको अमेरिका का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है और अमेरिका में लगभग चार करोड़ मेक्सिकन नागरिक रहते हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी स्वीकार कर चुके हैं कि मेक्सिको के साथ उच्च-स्तरीय सहयोग जारी है।
कूटनीति बनाम जोखिम
मेक्सिको के सेंटर फॉर इकनॉमिक रिसर्च एंड टीचिंग (CIDE) के राजनीतिक विश्लेषक कार्लोस पेरेज रिकार्ट के अनुसार, अगर अमेरिका मेक्सिको में सैन्य हस्तक्षेप करता है, तो दोनों देशों के बीच सहयोग समाप्त हो जाएगा, जो अमेरिका के लिए भी बड़ा जोखिम होगा।
वहीं, अमेरिका में मेक्सिको के पूर्व राजदूत अर्टुरो सारुखान का कहना है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो का समर्थन करना मेक्सिको के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। पूर्व राजदूत मार्था बार्सेना के अनुसार, मेक्सिको के सामने अब भी सबसे बड़ी चुनौती संगठित अपराध से जुड़ा राजनीतिक भ्रष्टाचार है।
फिलहाल, अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप की संभावना बेहद कम मानी जा रही है, लेकिन ट्रंप के दौर में किसी भी विकल्प को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता।
हमारी राय
मेक्सिको को लेकर अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप की चर्चाएं फिलहाल ज्यादा राजनीतिक दबाव की रणनीति लगती हैं, न कि वास्तविक सैन्य योजना। मेक्सिको अमेरिका का न केवल प्रमुख व्यापारिक साझीदार है, बल्कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और आप्रवासन एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में एकतरफा सैन्य कार्रवाई अमेरिका के लिए भी कूटनीतिक और रणनीतिक रूप से भारी पड़ सकती है।
हालांकि, यह भी सच है कि ड्रग कार्टेल्स की समस्या मेक्सिको के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है, खासकर जब इसमें राजनीतिक भ्रष्टाचार के आरोप भी जुड़े हों। हमारी राय में, इस संकट का समाधान सैन्य हस्तक्षेप नहीं बल्कि मजबूत संस्थागत सुधार, द्विपक्षीय सहयोग और कानून के सख्त पालन से ही संभव है। ट्रंप की अनिश्चित शैली जरूर चिंता पैदा करती है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में सैन्य कार्रवाई की संभावना बेहद सीमित दिखाई देती है।
