Elon Musk Net Worth 2026: दुनिया के सबसे अमीर बने रहे मस्क, संपत्ति बढ़कर $644 अरब पहुंची
साल 2026 में भी एलन मस्क दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स के ताजा आंकड़ों के अनुसार, टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क की कुल संपत्ति बढ़कर 644 अरब डॉलर पहुंच गई है। हालिया अपडेट में उनकी नेटवर्थ में 32.5 अरब डॉलर की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे उनकी शीर्ष पोजिशन और मजबूत हो गई है।
दूसरे स्थान पर गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज बने हुए हैं। उनकी कुल संपत्ति 272 अरब डॉलर आंकी गई है और हालिया बदलाव में उनकी नेटवर्थ में 1.40 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है।
टॉप-5 में कौन-कौन शामिल
तीसरे स्थान पर अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस हैं, जिनकी कुल संपत्ति 255 अरब डॉलर हो गई है। बेजोस की नेटवर्थ में हाल में 5.89 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चौथे स्थान पर सर्गेई ब्रिन हैं, जिनकी संपत्ति 253 अरब डॉलर आंकी गई है।
पांचवें नंबर पर ओरेकल के संस्थापक लैरी एलिसन बने हुए हैं। हालांकि, हालिया बदलाव में उनकी नेटवर्थ में 2.36 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई है और उनकी कुल संपत्ति 245 अरब डॉलर रह गई है।
जुकरबर्ग को फायदा, कुछ अरबपतियों को झटका
छठे स्थान पर मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग हैं। उनकी नेटवर्थ बढ़कर 233 अरब डॉलर हो गई है और हालिया अपडेट में उन्हें 2.90 अरब डॉलर का फायदा हुआ है।
इसके बाद सातवें स्थान पर बर्नार्ड अर्नॉल्ट (207 अरब डॉलर), आठवें स्थान पर स्टीव बॉलमर (165 अरब डॉलर), नौवें स्थान पर एनवीडिया प्रमुख जेनसन हुआंग (156 अरब डॉलर) और दसवें स्थान पर वॉरेन बफेट (150 अरब डॉलर) शामिल हैं।
अंबानी और अडानी को नुकसान
भारत और एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स में 18वें स्थान पर बने हुए हैं। उनकी कुल संपत्ति 108 अरब डॉलर आंकी गई है, हालांकि हालिया बदलाव में उनकी नेटवर्थ 1.04 अरब डॉलर घट गई है।
वहीं गौतम अडानी इस सूची में 20वें स्थान पर हैं। उनकी कुल संपत्ति 85.7 अरब डॉलर है और ताजा आंकड़ों के अनुसार उन्हें 607 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है।
हमारी राय
एलन मस्क की बढ़ती संपत्ति यह दिखाती है कि टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्पेस सेक्टर में निवेश लंबे समय में कितना असरदार साबित हो सकता है। टेस्ला और स्पेसएक्स के साथ-साथ मस्क की अन्य कंपनियों में बढ़ते भरोसे ने उन्हें बाकी अरबपतियों से काफी आगे पहुंचा दिया है।
दूसरी ओर, अंबानी और अडानी जैसे भारतीय उद्योगपतियों को हुआ नुकसान यह संकेत देता है कि बाजार की अस्थिरता और सेक्टर-विशेष चुनौतियां संपत्ति पर सीधा असर डालती हैं। हमारी राय में, अरबपतियों की यह सूची केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं दिखाती, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के बदलते ट्रेंड को भी दर्शाती है। आने वाले समय में एआई, ग्रीन एनर्जी और टेक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़े नामों का दबदबा और बढ़ सकता है।
