TCS Q3 Results: मुनाफा गिरा लेकिन भरोसा कायम, जानिए क्यों निवेशक अब भी निश्चिंत हैंImage Via News18 (AI)
नई दिल्ली: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के तिमाही नतीजों में इस बार निवेशकों को झटका और भरोसा—दोनों देखने को मिले। वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में कंपनी का शुद्ध मुनाफा साल-दर-साल 14 फीसदी घटा, जिससे बाजार के अनुमान भी चूक गए। हालांकि, रेवेन्यू में स्थिर बढ़त, मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन और भारी डिविडेंड के ऐलान ने निवेशकों को राहत दी।
Q3 में मुनाफा घटा, रेवेन्यू में बनी मजबूती
Q3 FY26 में TCS का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट घटकर ₹10,657 करोड़ रहा। यह आंकड़ा बाजार की उम्मीदों से कम रहा और पिछली समान तिमाही की तुलना में करीब 14 फीसदी की गिरावट दर्शाता है।
हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 5 फीसदी सालाना बढ़त के साथ ₹67,087 करोड़ तक पहुंच गया, जो यह दिखाता है कि बिजनेस ग्रोथ की रफ्तार अब भी बनी हुई है।
एक्सेप्शनल चार्ज बने मुनाफे में गिरावट की वजह
मुनाफे में आई गिरावट के पीछे तीन बड़े एक्सेप्शनल चार्ज जिम्मेदार रहे।
पहला कारण जुलाई 2025 में घोषित वर्कफोर्स रीस्ट्रक्चरिंग रहा, जिसके तहत कुछ कर्मचारियों को टर्मिनेशन बेनिफिट देना पड़ा।
दूसरा बड़ा असर भारत में लागू हुए नए लेबर कोड्स का रहा, जहां वेतन की नई परिभाषा के कारण TCS को ₹2,128 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान करना पड़ा।
अमेरिका के कानूनी केस का असर
तीसरा और सबसे अहम कारण अमेरिका में चल रहे एक पुराने कानूनी विवाद से जुड़ा है। कंप्यूटर साइंसेज कॉरपोरेशन (CSC) से संबंधित केस में अमेरिकी अदालत के फैसले के बाद TCS को करीब ₹1,010 करोड़ का प्रावधान मुआवजे के तौर पर करना पड़ा। इसके साथ ब्याज से जुड़े खर्च भी जुड़े।
कंपनी का कहना है कि वह अब भी कानूनी विकल्पों पर काम कर रही है और अपने पक्ष को मजबूत मानती है।
एक्सेप्शनल आइटम्स हटाएं तो तस्वीर अलग
अगर इन असाधारण खर्चों को अलग कर दिया जाए, तो TCS की असली मजबूती साफ नजर आती है।
एक्सेप्शनल आइटम्स को हटाने के बाद कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹13,438 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 8.5 फीसदी की बढ़त दिखाता है।
ऑपरेटिंग मार्जिन 25.2 फीसदी पर स्थिर रहा और कंपनी का कैश फ्लो मजबूत बना रहा। Q3 में TCS को $9.3 अरब डॉलर के नए कॉन्ट्रैक्ट मिले, जो वैश्विक IT डिमांड के टिके रहने का संकेत हैं।
AI बिजनेस बना ग्रोथ का बड़ा आधार
TCS का AI सर्विसेज रेवेन्यू सालाना आधार पर बढ़कर $1.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
मैनेजमेंट के मुताबिक, क्लाउड, डेटा एनालिटिक्स और साइबर सिक्योरिटी में AI आधारित प्रोजेक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। आने वाली तिमाहियों में AI और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन कंपनी की ग्रोथ का बड़ा ड्राइवर बने रह सकते हैं।
₹57 प्रति शेयर डिविडेंड ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा
कमजोर मुनाफे के बावजूद TCS ने निवेशकों को खुश करते हुए ₹57 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान किया है, जिसमें ₹46 का स्पेशल डिविडेंड शामिल है।
डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 17 जनवरी 2026 तय की गई है, जबकि भुगतान 3 फरवरी 2026 को किया जाएगा।
नतीजों से पहले TCS का शेयर हल्की तेजी के साथ बंद हुआ, जो यह दर्शाता है कि बाजार ने अस्थायी दबाव के बावजूद कंपनी की दीर्घकालिक मजबूती पर भरोसा बनाए रखा है।
Our Thoughts
TCS के Q3 नतीजे यह साफ करते हैं कि मुनाफे में गिरावट अस्थायी और तकनीकी कारणों से आई है। एक्सेप्शनल खर्चों को हटाने पर कंपनी की ऑपरेशनल ताकत, मजबूत ऑर्डर बुक और AI आधारित ग्रोथ कहानी अब भी बरकरार है। भारी डिविडेंड और स्थिर मार्जिन यह संकेत देते हैं कि TCS लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अब भी भरोसेमंद बना हुआ है।
