मध्य प्रदेश में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के लिए शुरू होगा ‘सीएम प्रगति पोर्टल’, बड़ी परियोजनाओं की होगी सीधी निगरानी
मध्य प्रदेश में विकास योजनाओं को तय समयसीमा में पूरा कराने के लिए अब ‘सीएम प्रगति पोर्टल’ शुरू किया जाएगा। यह पोर्टल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन (प्रगति) पोर्टल की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। इसके जरिए राज्य की बड़ी और लंबित परियोजनाओं की सीधे स्तर पर निगरानी की जाएगी।
यह जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को सीएम आवास में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान दी। इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग जैन, प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह और औद्योगिक नीति, निवेश एवं प्रोत्साहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
50 बैठकों में बदली परियोजनाओं की तस्वीर
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बताया कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में प्रगति पोर्टल की अब तक 50 बैठकें हो चुकी हैं। इस मंच से सभी राज्यों के मुख्य सचिव और केंद्र सरकार के सचिव जुड़े रहते हैं। इसी प्रणाली के तहत पीएम गतिशक्ति और सीपीग्राम पोर्टल भी संचालित हो रहे हैं, जिनके माध्यम से हर महीने करीब दो लाख जनसमस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश की 7.85 लाख करोड़ रुपये की 209 पीएमजी परियोजनाएं प्रगति पोर्टल पर दर्ज हैं। इनमें से 97 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। पोर्टल के जरिए चिन्हित 322 समस्याओं में से 312 का समाधान कर लिया गया है, जबकि 10 पर काम जारी है। सड़क परियोजनाओं में सबसे अधिक प्रगति दर्ज की गई है।
जबलपुर–गोंदिया ब्रॉडगेज बना उदाहरण
अनुराग जैन ने बताया कि जबलपुर–गोंदिया ब्रॉडगेज परियोजना वर्ष 2003 में शुरू हुई थी, लेकिन लंबे समय तक इसकी गति धीमी रही। प्रगति पोर्टल पर नियमित समीक्षा के कारण यह परियोजना समय पर पूरी हो सकी। यदि पुरानी रफ्तार बनी रहती तो इसके 2028 तक भी पूरा होने की संभावना कम थी।
गुड गवर्नेंस का मजबूत मॉडल: सीएम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रगति पोर्टल को गुड गवर्नेंस का सशक्त उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि सख्त निगरानी और जवाबदेही से सरकारी कामकाज में सकारात्मक बदलाव आया है। इसी वजह से अब तक 108 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जिनमें से 97 प्रतिशत कार्य समय पर पूरे हुए हैं।
सीएम ने बताया कि केंद्र सरकार सभी राज्यों के विकास के लिए समान रूप से काम कर रही है। केन–बेतवा परियोजना में लगभग पूरा वित्तपोषण केंद्र सरकार कर रही है। वहीं इंदौर–मनमाड़ रेल परियोजना की प्रगति भी इसी निगरानी प्रणाली का परिणाम है।
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मारी की राय में
‘सीएम प्रगति पोर्टल’ मध्य प्रदेश में विकास योजनाओं को समय पर पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है। पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमित निगरानी से न केवल परियोजनाओं की गति बढ़ेगी, बल्कि आम लोगों को भी विकास का लाभ समय पर मिल सकेगा।
