मलिहाबाद–माल रोड पर बनेगा आरओबी, मार्च 2026 से शुरू होगा निर्माण, जाम से मिलेगी राहत
राजधानी लखनऊ में मलिहाबाद–माल रोड पर प्रस्तावित रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण को अब गति मिलने जा रही है। शासन ने इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को हरी झंडी दे दी है। अधिकारियों के अनुसार आरओबी का निर्माण कार्य मार्च 2026 से शुरू करने की तैयारी है। सेतु निगम, लोक निर्माण विभाग और रेलवे की संयुक्त टीम पहले ही सर्वे कर परियोजना का पूरा खाका तैयार कर चुकी है।
मार्च 2026 से शुरू होगा निर्माण, डिजाइन जल्द फाइनल
अधिकारियों ने बताया कि रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर बनने वाले आरओबी की डिजाइन जल्द ही अंतिम रूप ले लेगी। यह आरओबी दो लेन का होगा और इसकी अनुमानित लागत 126.77 करोड़ रुपये तय की गई है। परियोजना को लेकर व्यय वित्त समिति से बजट की अनुमति भी मिल चुकी है।
चार लाख से अधिक लोगों को मिलेगी राहत
आरओबी के बन जाने से चार लाख से अधिक लोगों को सीधे तौर पर राहत मिलेगी। खासकर आम के सीजन में लगने वाले लंबे जाम से निजात मिलेगी। भविष्य में रेलवे हिस्से के निर्माण का कार्य भी रेलवे के बजाय सेतु निगम द्वारा किए जाने की संभावना है, जिससे काम में तेजी आने की उम्मीद है।
जनप्रतिनिधियों की लंबे समय से थी मांग
मोहनलालगंज से समाजवादी पार्टी के सांसद आरके चौधरी और मलिहाबाद से भाजपा विधायक जय देवी इस आरओबी के निर्माण की मांग कई बार उठा चुके हैं। यह पुल अंतरराष्ट्रीय आम मंडी मलिहाबाद तक जाने वाले वाहनों को नई रफ्तार देगा और जाम की समस्या को काफी हद तक खत्म करेगा। सेतु निगम यहां एक किलोमीटर से अधिक लंबे आरओबी का निर्माण करेगा।
आम व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार
आरओबी बनने से राजधानी से अन्य प्रदेशों और विदेशों में भेजा जाने वाला आम समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेगा। अधिकारियों के मुताबिक दिसंबर 2028 तक इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उत्तर रेलवे के मलिहाबाद और दिलावर नगर स्टेशन के बीच आरओबी निर्माण का खाका तैयार है, केवल अंतिम डिजाइन की स्वीकृति बाकी है।
जाम से सबसे ज्यादा परेशान हैं स्थानीय लोग
आम व्यापारी मोहम्मद रउफ और बलबीर यादव का कहना है कि आम के सीजन में रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से लंबा जाम लग जाता है। ट्रक और हाफ डाला की संख्या बढ़ने से हालात और खराब हो जाते हैं। अगर कोई चार पहिया वाहन जाम में फंस जाए तो कम से कम 30 मिनट का समय बर्बाद होना तय है। आरओबी बनने के बाद यह समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी।इन इलाकों को मिलेगी सबसे ज्यादा सुविधा
आरओबी बनने से माल, इंटौजा, संडीला, ढकवा, सरावा, सेन्धर्वा, कसमंड खुर्द, रामपुर बस्ती, भुजासा, रसूलपुर, अजगैन और मलिहाबाद सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को सबसे अधिक फायदा मिलेगा। अभी इन सभी इलाकों के लोगों को रेलवे क्रॉसिंग से होकर गुजरना पड़ता है।
हमारी की राय में
मलिहाबाद–माल रोड पर आरओबी का निर्माण केवल यातायात की समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की अर्थव्यवस्था, खासकर आम व्यापार के लिए बड़ा सहारा बनेगा। समय पर निर्माण पूरा हुआ तो यह परियोजना लखनऊ के पश्चिमी हिस्से के विकास में अहम भूमिका निभा सकती है।
