विशाखापत्तनम में 'मिशन क्लीन स्वीप'—न्यूजीलैंड को कुचलने के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया, संजू और कुलदीप के लिए 'करो या मरो' का मुकाबला
विशाखापत्तनम, दिनांक: 27 जनवरी 2026 — पांच मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना चुकी भारतीय क्रिकेट टीम का विजय रथ अब 'स्टील सिटी' विशाखापत्तनम (Visakhapatnam) पहुंच चुका है। 28 जनवरी को होने वाले चौथे मुकाबले में जब 'मेन इन ब्लू' मैदान पर उतरेंगे, तो उनका मकसद केवल औपचारिकता पूरी करना नहीं, बल्कि कीवी टीम को पूरी तरह से तहस-नहस करना होगा। सीरीज तो पहले ही जेब में है, लेकिन टी20 विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से यह मैच कई मायनों में अहम है। टीम प्रबंधन इस मुकाबले को अपनी 'बेंच स्ट्रेंथ' (Bench Strength) परखने और कुछ कमजोर कड़ियों को कसने के अवसर के रूप में देख रहा है।
इस पूरी सीरीज में जहां भारतीय बल्लेबाजों ने अपने धमाकेदार प्रदर्शन से दर्शकों का दिल जीता है, वहीं गेंदबाजी विभाग, खासकर स्पिन आक्रमण में कुछ चिंताएं उभरकर सामने आई हैं। विशाखापत्तनम की पिच और परिस्थितियां तय करेंगी कि क्या भारत क्लीन स्वीप की ओर एक और कदम बढ़ा पाएगा या न्यूजीलैंड अपनी साख बचाने में कामयाब होगा।
स्पिन का चक्रव्यूह: कुलदीप और वरुण पर सवालिया निशान
भारत के लिए इस सीरीज में सबसे बड़ी सिरदर्दी उसके प्रमुख स्पिनर्स का प्रदर्शन रहा है। चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) और मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं। आंकड़ों की बात करें तो कुलदीप यादव ने दो मैचों में केवल दो विकेट लिए हैं और वे बेहद महंगे साबित हुए हैं। 9.5 रन प्रति ओवर की इकॉनमी से रन लुटाना टी20 फॉर्मेट में किसी भी गेंदबाज के लिए अच्छा संकेत नहीं है। पिछले मैच में भी उन्होंने अपने तीन ओवरों में 32 रन दे दिए थे, जिससे विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बन पाया। इससे पहले वनडे सीरीज में भी उनका प्रदर्शन औसत ही रहा था।
वहीं, वरुण चक्रवर्ती को पिछले मैच में आराम दिया गया था, लेकिन शुरुआती दो मैचों में उनकी गेंदबाजी में वह 'मिस्ट्री' और धार नदारद दिखी जिसके लिए वे जाने जाते हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि चौथे टी20 में भारत युवा लेग स्पिनर रवि बिश्नोई (Ravi Bishnoi) को एक और मौका दे सकता है। बिश्नोई ने गुवाहाटी में हुए तीसरे टी20 में अपनी फिरकी का जादू दिखाते हुए 18 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए थे। उनकी गुगली और तेज गति की स्पिन कीवी बल्लेबाजों के लिए पहेली बनी हुई है।
बल्लेबाजी का 'पावरहाउस': 300 के स्ट्राइक रेट से बरसे रन
जहाँ गेंदबाजी थोड़ी फीकी रही है, वहीं भारतीय बल्लेबाजी ने इस सीरीज में आग लगा दी है। तीसरे मैच में भारत ने जिस तरह केवल 10 ओवर में ही जीत हासिल की, उसने विश्व कप से पहले विरोधियों को कड़ा संदेश दे दिया है। युवा सनसनी अभिषेक शर्मा ने 300 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से रन बनाकर अपनी काबिलियत साबित की है। वहीं, कप्तान सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन ने लगभग 230 के स्ट्राइक रेट को बनाए रखा है, जो टी20 क्रिकेट में अविश्वसनीय है।
हालांकि, ऑलराउंडर अक्षर पटेल की फिटनेस पर टीम प्रबंधन की कड़ी नजर है। नागपुर में पहले मैच के बाद उंगली में चोट के कारण वे बाहर चल रहे हैं। अगर वे फिट होते हैं, तो टीम का संतुलन और बेहतर हो जाएगा।
संजू सैमसन: फॉर्म की तलाश या आखिरी मौका?
इस सीरीज में भारत के लिए चिंता का दूसरा बड़ा विषय संजू सैमसन (Sanju Samson) की खराब फॉर्म है। प्रतिभावान होने के बावजूद, संजू तीन मैचों में 5.33 की औसत से महज 16 रन ही बना पाए हैं। उनके शॉट सेलेक्शन और निरंतरता पर सवाल उठ रहे हैं। लेकिन किस्मत संजू पर मेहरबान हो सकती है क्योंकि तिलक वर्मा के चोटिल होकर बाहर होने से टीम में एक जगह खाली है।
माना जा रहा है कि टीम प्रबंधन संजू को खुद को साबित करने के लिए एक और जीवनदान दे सकता है। ऐसी भी चर्चा है कि उन्हें तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा जा सकता है ताकि वे थोड़ा समय लेकर खेल सकें। अगर ऐसा होता है, तो अभिषेक शर्मा के साथ ईशान किशन पारी की शुरुआत करते नजर आएंगे।
प्लेइंग XI में बदलाव की गुंजाइश
सीरीज जीतने के बाद भारत अपनी प्लेइंग इलेवन में कुछ प्रयोग कर सकता है। हर्षित राणा जैसे युवा तेज गेंदबाजों को भी और मौके दिए जा सकते हैं।
भारत की संभावित प्लेइंग XI: ईशान किशन, अभिषेक शर्मा/संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), रिंकू सिंह, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, हर्षित राणा, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह और वरुण चक्रवर्ती/कुलदीप यादव।
न्यूजीलैंड की संभावित प्लेइंग XI: डेवोन कॉनवे, टिम सीफर्ट (विकेटकीपर), रचिन रविंद्र, ग्लेन फिलिप्स, मार्क चैपमैन, डैरिल मिशेल, मिशेल सैंटनर (कप्तान), मैट हेनरी, काइल जैमीसन, ईश सोढ़ी और जैकब डफी।
हमारी राय (The Trending People Analysis)
विशाखापत्तनम का मैच भारत के लिए केवल जीत का नहीं, बल्कि 'परफेक्शन' (Perfection) की तलाश का मैच है। विश्व कप से पहले टीम इंडिया अपनी हर कमजोरी को दूर करना चाहती है। कुलदीप यादव जैसे सीनियर गेंदबाज का फॉर्म में न होना चिंताजनक है, लेकिन रवि बिश्नोई का उदय एक सुखद संकेत है।
The Trending People का विश्लेषण है कि संजू सैमसन के लिए यह शायद 'करो या मरो' का मुकाबला है। अगर वे इस मौके को नहीं भुना पाए, तो टीम में उनकी जगह पर खतरा मंडराने लगेगा। वहीं, न्यूजीलैंड के लिए यह मैच सम्मान बचाने की लड़ाई है। 3-0 से पिछड़ने के बाद, कीवी टीम चाहेगी कि वे कम से कम एक जीत के साथ अपना मनोबल वापस पाएं। दर्शकों को एक और हाई-स्कोरिंग और रोमांचक मुकाबले की उम्मीद करनी चाहिए।
