OTT Platforms Ban: डिजिटल स्ट्राइक! अश्लीलता परोसने वाले 5 OTT प्लेटफॉर्म्स पर केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन, देश में पूरी तरह बैन
नई दिल्ली (नेशनल डेस्क): डिजिटल मनोरंजन और 'अभिव्यक्ति की आजादी' के नाम पर अश्लीलता परोसने वालों के खिलाफ केंद्र सरकार ने एक बार फिर से 'डिजिटल स्ट्राइक' की है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने अपनी मुहिम को और तेज करते हुए नियमों का खुला उल्लंघन करने और समाज में आपत्तिजनक कंटेंट फैलाने वाले 5 OTT प्लेटफॉर्म्स को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह ब्लॉक करने का सख्त आदेश जारी कर दिया है। सरकार की इस कार्रवाई से डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के बीच हड़कंप मच गया है।
इन 5 OTT प्लेटफॉर्म्स पर गिरी गाज: देखें पूरी लिस्ट
सरकार की ताजा और कड़ी कार्रवाई की जद में मुख्य रूप से वे प्लेटफॉर्म्स आए हैं, जो लगातार अपनी हदें पार कर रहे थे। बैन किए गए ऐप्स और वेबसाइट्स की सूची इस प्रकार है:
- MoodX
- VIP Koyal
- Playpro
- Digi Movieplex
- Feel / Jugnu
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को काफी लंबे समय से इन प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ अश्लीलता, अभद्रता और महिलाओं के आपत्तिजनक चित्रण को लेकर शिकायतें मिल रही थीं।
IT एक्ट और एथिक्स कोड के तहत कड़ा एक्शन
सरकार द्वारा लिया गया यह बड़ा फैसला सूचना प्रौद्योगिकी (IT) एक्ट और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड के कड़े प्रावधानों के तहत लिया गया है। मंत्रालय ने दूरसंचार विभाग (DoT) के माध्यम से देश के सभी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISPs) और टेलीकॉम ऑपरेटर्स को साफ निर्देश दिए हैं कि इन ऐप्स और इनकी वेबसाइट्स तक भारतीय यूजर्स की पहुंच को तत्काल प्रभाव से रोक (Block) दिया जाए। इसके अलावा, Google Play Store और Apple App Store से भी इन ऐप्स को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बार-बार दी गई चेतावनी, फिर भी नहीं हुआ सुधार
सरकार की यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई है, बल्कि इसके पीछे एक लंबी प्रक्रिया रही है।
- 2024 में चेतावनी: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा वर्ष 2024 में इन प्लेटफॉर्म्स को उनके कंटेंट को लेकर सख्त चेतावनी दी गई थी।
- 2025 में सलाह: वर्ष 2025 की शुरुआत में भी इन्हें दायरे में रहकर काम करने और 'डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड' का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई थी।
- जुलाई 2025 का एक्शन: आपको याद दिला दें कि इससे पहले जुलाई 2025 में भी सरकार ने इसी तरह का कड़ा रुख अपनाते हुए 25 अन्य प्लेटफॉर्म्स पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था।
जब इन 5 प्लेटफॉर्म्स में सुधार की कोई गुंजाइश नहीं दिखी और इन्होने चेतावनियों को नजरअंदाज करना जारी रखा, तो मंत्रालय ने अंततः जनहित में इन्हें ब्लैकलिस्ट (Blacklist) करने का अंतिम फैसला लिया।
ओटीटी इंडस्ट्री को सरकार का स्पष्ट संदेश
इस कड़े कदम के जरिए केंद्र सरकार ने पूरी डिजिटल और ओटीटी इंडस्ट्री को एक बेहद स्पष्ट और सख्त संदेश दिया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि 'क्रिएटिव लिबर्टी' या 'अभिव्यक्ति की आजादी' के नाम पर भारतीय समाज, संस्कृति पर बुरा असर डालने वाले और अश्लील कंटेंट को देश में कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डिजिटल मीडिया के लिए तय किए गए 'एथिक्स कोड' (Ethics Code) का पालन करना अब हर छोटे-बड़े ओटीटी प्लेयर के लिए अनिवार्य होगा, अन्यथा उन्हें भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
TheTrendingPeople.com की राय में (संपादकीय विश्लेषण)
ओटीटी प्लेटफॉर्म्स (OTT Platforms) आज के समय में हर युवा और परिवार के स्मार्टफोन तक पहुंच चुके हैं। ऐसे में कंटेंट रेगुलेशन (Content Regulation) समय की सबसे बड़ी मांग बन गया है। MIB द्वारा इन 5 प्लेटफॉर्म्स पर लगाया गया बैन एक स्वागत योग्य कदम है। पिछले कुछ वर्षों में 'सॉफ्ट पोर्नोग्राफी' को वेब सीरीज के नाम पर जिस तरह से परोसा जा रहा था, वह समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय था। यह कार्रवाई दिखाती है कि सरकार अब केवल नोटिस देकर नहीं रुकेगी, बल्कि सीधा शटडाउन करेगी। हालांकि, सरकार को सेंसरशिप और रचनात्मक स्वतंत्रता के बीच एक बारीक रेखा भी खींचनी होगी ताकि अच्छी कहानियों और सिनेमाई कला का गला न घोंटा जाए। बाकी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए यह बैन एक 'वेक-अप कॉल' (Wake-up call) है कि वे अपनी जिम्मेदारी समझें और सेल्फ-रेगुलेशन लागू करें।
