बांग्लादेश बॉर्डर सील हुआ तो अब 'नेपाल के रास्ते' सेंधमारी—खुफिया एजेंसियों का रेड अलर्ट, ISI रच रही भारत को घेरने की नई साजिश
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नई दिल्ली/रक्सौल, दिनांक: 5 जनवरी 2026 — भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए आने वाले कुछ महीने बेहद चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील होने वाले हैं। बांग्लादेश में जारी राजनीतिक उथल-पुथल और आगामी चुनावों (12 फरवरी) से ठीक पहले भारतीय खुफिया एजेंसियों (Intelligence Agencies) ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है। एजेंसियों ने केंद्र सरकार को आगाह किया है कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ (BSF) की सख्ती के बाद अब तस्करों और घुसपैठियों ने भारत में प्रवेश करने के लिए एक नया और खतरनाक रास्ता चुन लिया है— नेपाल सीमा (Nepal Border)।
साल 2025 में सुरक्षा बलों ने ऐसे कई मामलों का पर्दाफाश किया है, जिनमें बांग्लादेशी नागरिकों को नेपाल के रास्ते भारत में घुसपैठ करते हुए पकड़ा गया। यह केवल अवैध प्रवासन (Illegal Migration) का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) और आतंकी संगठनों की एक गहरी साजिश भी नजर आ रही है, जिसका मकसद भारत के जनसांख्यिकीय ढांचे को बिगाड़ना और अशांति फैलाना है।
'खुली सीमा' बनी घुसपैठ का नया कॉरिडोर
भारत और नेपाल के बीच 'बेटी-रोटी' का रिश्ता है और खुली सीमा (Open Border) दोनों देशों के नागरिकों की आवाजाही को सुगम बनाती है। लेकिन अब इसी खुली सीमा का फायदा तस्कर उठा रहे हैं।
- रक्सौल सेक्टर: खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल क्षेत्र से सटी नेपाल सीमा का इस्तेमाल सबसे अधिक किया जा रहा है।
- ट्रेंड: अधिकारी बताते हैं कि तस्कर (Touts) फिलहाल "हालात को परख" (Testing the waters) रहे हैं। वे छोटे समूहों में घुसपैठ करा रहे हैं। एजेंसियों ने चेताया है कि अगर यह रूट सफल हो गया, तो बड़े पैमाने पर घुसपैठ की कोशिशें हो सकती हैं।
SSB का 'चक्रव्यूह': जंगलों में सर्च ऑपरेशन
हालात की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सीमा की सुरक्षा करने वाले सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने अपनी कमर कस ली है।
- तैनाती: एसएसबी ने नेपाल सीमा पर 1,700 जवानों की अतिरिक्त तैनाती की है। इसके अलावा, पीलीभीत, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज जैसे संवेदनशील जिलों में कुल 9,000 जवान तैनात किए गए हैं।
- निगरानी: नेपाल से सटे जंगलों और पगडंडियों पर दिन-रात गहन तलाशी अभियान (Combing Operation) चलाया जा रहा है। ड्रोन और नाइट विजन कैमरों के जरिए तस्करों की हर हरकत पर नजर रखी जा रही है।
शेख हसीना के बाद का 'खौफ' और ISI का प्लान
शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश में जो अराजकता और हिंसा फैली, उसने भारत विरोधी तत्वों को सिर उठाने का मौका दे दिया है।
- आतंकी मॉड्यूल: खुफिया एजेंसियों ने एक और विस्फोटक खुलासा किया है। उनका दावा है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद आईएसआई ने अपनी रणनीति बदल ली है। एलओसी (LoC) और इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) पर कड़ी सुरक्षा के कारण अब नेपाल सीमा को 'कमजोर कड़ी' मानकर इस्तेमाल किया जा रहा है।
- उद्देश्य: आईएसआई बांग्लादेश में अपने स्लीपर सेल्स को फिर से सक्रिय कर रहा है और नेपाल के रास्ते बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में आतंकियों को भेजने की फिराक में है। इसका मकसद केवल अवैध बसावट नहीं, बल्कि जनसांख्यिकीय बदलाव (Demographic Change) और आतंकी मॉड्यूल तैयार करना है।
बांग्लादेश चुनाव: 12 फरवरी से पहले 'बड़ी साजिश'?
अधिकारियों के अनुसार, बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव और उससे पहले संभावित हिंसा हालात को और जटिल बना सकती है। खुफिया इनपुट्स बताते हैं कि बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में शरण लिए हुए हैं और वे सही मौके का इंतजार कर रहे हैं ताकि भीड़ की आड़ में भारत में घुस सकें।
इसके अलावा, पश्चिम बंगाल में इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए भी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं, क्योंकि घुसपैठिये चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं।
हमारी राय (The Trending People Analysis)
नेपाल के रास्ते घुसपैठ की यह नई प्रवृत्ति भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक 'वेक-अप कॉल' है। खुली सीमा का दुरुपयोग हमारे भरोसे का उल्लंघन है।
The Trending People का विश्लेषण है कि भारत सरकार को नेपाल सरकार के साथ कूटनीतिक स्तर पर इस मुद्दे को सख्ती से उठाना चाहिए। नेपाल को अपनी धरती का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होने देना चाहिए। साथ ही, सीमा पर केवल जवानों की संख्या बढ़ाना काफी नहीं होगा; हमें स्थानीय पुलिस और खुफिया तंत्र (Local Intelligence) को भी मजबूत करना होगा। अगर समय रहते इस नए 'गलियारे' को बंद नहीं किया गया, तो यह भारत के लिए एक नासूर बन सकता है। सुरक्षा में थोड़ी सी चूक का खामियाजा देश को भुगतना पड़ सकता है।
