अरबपतियों की दुनिया में 'भूचाल'—एलन मस्क की दौलत में रॉकेट सी रफ्तार, 1 दिन में कमाए 42 अरब डॉलर; बेजोस और जुकरबर्ग के खजाने में लगी सेंध
नई दिल्ली/न्यूयॉर्क, दिनांक: 15 जनवरी 2026 — वैश्विक अर्थव्यवस्था और शेयर बाजारों में मची उथल-पुथल का असर दुनिया के सबसे रईस लोगों की तिजोरियों पर साफ दिखाई दे रहा है। बीते 24 घंटों में 'ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स' (Bloomberg Billionaires Index) में जो आंकड़े दर्ज हुए हैं, वे किसी वित्तीय थ्रिलर से कम नहीं हैं। जहां एक तरफ दुनिया के टॉप-10 अरबपतियों में से अधिकांश को अपनी संपत्ति में भारी गिरावट का सामना करना पड़ा है, वहीं दुनिया के सबसे अमीर शख्स और टेस्ला (Tesla) व स्पेसएक्स (SpaceX) के सीईओ एलन मस्क (Elon Musk) ने दौलत की रेस में एक नई और ऐतिहासिक छलांग लगाई है।
इस तेज हलचल ने ग्लोबल बिजनेस की अस्थिरता को उजागर कर दिया है। मस्क की संपत्ति में आया उछाल इतना बड़ा है कि कई छोटे देशों की जीडीपी भी इसके सामने बौनी नजर आती है। आइए जानते हैं कि बीते 24 घंटों में किसकी किस्मत चमकी और किसे बड़ा झटका लगा।
मस्क का 'मास्टरस्ट्रोक': 24 घंटे में 42 अरब डॉलर का मुनाफा
एलन मस्क, जो अपनी अप्रत्याशित चालों के लिए जाने जाते हैं, एक बार फिर बाजार के बाजीगर साबित हुए हैं। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, मस्क की नेटवर्थ में सिर्फ एक दिन के भीतर करीब 42 अरब डॉलर (42 Billion USD) से ज्यादा का इजाफा हुआ है। भारतीय रुपयों में यह राशि लाखों करोड़ में बैठती है।
- कुल संपत्ति: इस अभूतपूर्व बढ़त के साथ उनकी कुल संपत्ति बढ़कर लगभग 683 अरब डॉलर के जादुई आंकड़े को छू गई है।
- अकेले शेर: मस्क की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि टॉप-10 अरबपतियों की सूची में वे अकेले ऐसे शख्स रहे जिनकी संपत्ति में इतनी बड़ी तेजी (Green Zone) देखने को मिली, जबकि बाकी सब लाल निशान (Red Zone) में कारोबार करते दिखे। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि टेस्ला के शेयरों में तेजी और उनकी AI परियोजनाओं को लेकर निवेशकों के भरोसे ने यह कमाल किया है।
अमीरों की लिस्ट में 'कोहराम': किसे हुआ सबसे ज्यादा नुकसान?
मस्क की खुशी के विपरीत, अन्य दिग्गजों के लिए पिछला दिन किसी बुरे सपने जैसा रहा। ओरेकल (Oracle) के सह-संस्थापक लैरी एलिसन (Larry Ellison) को इस गिरावट का सबसे बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ा।
- लैरी एलिसन: उनकी संपत्ति में एक ही दिन में करीब 8.8 अरब डॉलर की भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद उनकी कुल नेटवर्थ घटकर लगभग 246 अरब डॉलर रह गई।
बेजोस और जुकरबर्ग भी घाटे में: टेक जगत के अन्य दो बड़े नाम भी मंदी की चपेट में आए।
- जेफ बेजोस: अमेजन के संस्थापक की नेटवर्थ करीब 5.2 अरब डॉलर कम होकर 259 अरब डॉलर रह गई।
- मार्क जुकरबर्ग: मेटा (फेसबुक) के सीईओ की संपत्ति में भी 5.3 अरब डॉलर की कमी आई और उनका खजाना घटकर 218 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
अन्य दिग्गजों का हाल: लाल निशान में बाजार
गिरावट का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका।
- स्टीव बाल्मर: माइक्रोसॉफ्ट के पूर्व सीईओ की दौलत में करीब 3.5 अरब डॉलर की सेंध लगी (कुल: 161 अरब डॉलर)।
- बर्नार्ड अर्नाल्ट: लक्ज़री ब्रांड्स (LVMH) के मालिक की नेटवर्थ में करीब 2.4 अरब डॉलर की कमी आई।
- जेन्सन हुआंग: एआई चिप बनाने वाली कंपनी एनवीडिया (Nvidia) के प्रमुख की संपत्ति भी करीब 2 अरब डॉलर घट गई।
- वॉरेन बफे और गूगल फाउंडर्स: दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे और गूगल के सह-संस्थापक सर्गेई ब्रिन व लैरी पेज ने भी अपनी संपत्ति में गिरावट देखी, हालांकि यह अन्य अरबपतियों की तुलना में कम रही।
भारतीय अरबपति: अंबानी की बढ़त, अडानी की गिरावट
वैश्विक हलचल के बीच भारतीय अरबपतियों की स्थिति मिली-जुली रही।
मुकेश अंबानी: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के लिए दिन राहत भरा रहा। उनकी संपत्ति में हल्की बढ़त दर्ज की गई और उनकी नेटवर्थ 100 अरब डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास बनी हुई है।
गौतम अडानी: दूसरी ओर, अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी की संपत्ति में गिरावट का दौर देखा गया। उनकी कुल दौलत घटकर लगभग 80 अरब डॉलर रह गई है।
हमारी राय (The Trending People Analysis)
अरबपतियों की संपत्ति में यह उतार-चढ़ाव आम आदमी के लिए महज आंकड़े हो सकते हैं, लेकिन यह वैश्विक अर्थव्यवस्था की नब्ज बताते हैं। एलन मस्क का इतना बड़ा जंप यह दर्शाता है कि भविष्य की तकनीक (EV, Space, AI) पर दांव लगाने वालों पर बाजार मेहरबान है।
The Trending People का विश्लेषण है कि एक ही दिन में 42 अरब डॉलर कमाना और 8 अरब डॉलर गंवाना शेयर बाजार की अत्यधिक अस्थिरता (Volatility) का प्रमाण है। टेक कंपनियों के शेयरों पर निर्भरता अमीरों की रैंकिंग को हर घंटे बदल रही है। भारतीय संदर्भ में, मुकेश अंबानी की स्थिरता रिलायंस के विविध पोर्टफोलियो की मजबूती को दर्शाती है। यह रिपोर्ट निवेशकों के लिए भी एक सबक है कि बाजार में 'डायवर्सिफिकेशन' (विविधता) ही सुरक्षा की कुंजी है।
