सरकारी नौकरी में अब कॉर्पोरेट जैसा 'मजा'—केंद्र का 'कंपोजिट सैलरी पैकेज' लॉन्च, खाते में सैलरी आते ही मिलेगा 2 करोड़ का बीमा और सस्ते लोन की सौगात
नई दिल्ली, दिनांक: 15 जनवरी 2026 — केंद्र सरकार ने 'विकसित भारत 2047' के अपने संकल्प को सिद्धि तक पहुँचाने की दिशा में अपने सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ—सरकारी कर्मचारियों—के लिए खजाना खोल दिया है। अगर आप भी केंद्र सरकार के ग्रुप A, B या C कर्मचारी हैं, तो यह खबर आपके चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए काफी है। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) के साथ मिलकर एक ऐतिहासिक 'कंपोजिट सैलरी पैकेज' (Composite Salary Package) को हरी झंडी दे दी है।
यह केवल एक सैलरी अकाउंट नहीं, बल्कि एक 'सुरक्षा कवच' है। सरकार का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को बैंकिंग, बीमा और डिजिटल सुविधाओं का वह स्तर प्रदान करना है, जो अब तक केवल बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs) के कर्मचारियों को मिलता था। इस योजना के तहत अब आपका सैलरी अकाउंट केवल वेतन आने का जरिया नहीं रहेगा, बल्कि यह आपके और आपके परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने वाला एक पावरहाउस बन जाएगा।
करोड़ों का 'सुरक्षा चक्र': बीमा कवर ऐसा कि चिंताएं हो जाएं धुंआ
इस नए पैकेज की सबसे बड़ी और आकर्षक खासियत इसका इन-बिल्ट बीमा कवर (Insurance Cover) है। सरकार ने सुनिश्चित किया है कि अनहोनी होने पर कर्मचारी का परिवार आर्थिक रूप से लाचार न हो।
बीमा के 4 बड़े स्तंभ:
- एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस: हवाई यात्रा के दौरान दुर्घटना होने की स्थिति में कर्मचारी के नॉमिनी को ₹2 करोड़ तक का भारी-भरकम कवर मिलेगा। यह उन अधिकारियों के लिए बड़ी राहत है जो अक्सर हवाई यात्रा करते हैं।
- पर्सनल एक्सीडेंट कवर: हवाई दुर्घटना के अलावा, किसी भी अन्य दुर्घटना में मृत्यु होने पर ₹1.5 करोड़ तक की सुरक्षा राशि दी जाएगी।
- विकलांगता सहायता: जीवन केवल मृत्यु पर नहीं, बल्कि अक्षमता पर भी कठिन हो जाता है। इसलिए, स्थायी विकलांगता (Permanent Disability) की स्थिति में भी ₹1.5 करोड़ तक के बीमा की सुविधा प्रदान की गई है।
- टर्म लाइफ इंश्योरेंस: इसके अलावा, ₹20 लाख का इन-बिल्ट टर्म प्लान भी शामिल है, जिसे कर्मचारी मामूली प्रीमियम देकर अपनी जरूरत के अनुसार बढ़ा भी सकते हैं।
यह बीमा कवर पूरी तरह से बैंक खाते से लिंक होगा और इसके लिए कर्मचारियों को अलग से किसी पॉलिसी को खरीदने की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
सपना हुआ आसान: होम और कार लोन पर 'स्पेशल डिस्काउंट'
सरकारी नौकरी का मतलब स्थायित्व होता है, और अब इस स्थायित्व का फायदा बैंकिंग में भी दिखेगा। 'कंपोजिट सैलरी पैकेज' के तहत कर्ज लेना सस्ता और सुगम हो गया है।
- ब्याज दरों में छूट: इस पैकेज के धारकों को होम लोन, कार लोन, एजुकेशन लोन और पर्सनल लोन पर ब्याज दरों में विशेष छूट (Concessional Rates) मिलेगी। यह बाजार दर से 0.25% से 0.50% तक कम हो सकती है।
- फीस माफ़: सबसे बड़ी राहत 'प्रोसेसिंग फीस' और 'डॉक्यूमेंटेशन चार्ज' में दी गई है। इन शुल्कों को या तो पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा या नाममात्र का रखा जाएगा।
- लॉकर सुविधा: बैंक लॉकर के किराए में भी भारी छूट का प्रावधान है। कई मामलों में तो पहले साल के लिए लॉकर पूरी तरह मुफ्त (Free) उपलब्ध कराया जाएगा।
जीरो बैलेंस और 'प्रीमियम' लाइफस्टाइल
अब सरकारी बाबू भी 'प्रीमियम बैंकिंग' का लुत्फ उठाएंगे। सरकार ने बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सुविधाओं में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
- जीरो बैलेंस: यह खाता पूरी तरह से 'जीरो बैलेंस' (Zero Balance) होगा। यानी खाते में न्यूनतम राशि (Minimum Balance) बनाए रखने की कोई टेंशन नहीं होगी और न ही कोई पेनल्टी लगेगी।
- एटीएम और ट्रांजेक्शन: किसी भी बैंक के एटीएम से असीमित निकास (Unlimited Withdrawal) की सुविधा मिलेगी। मेंटेनेंस चार्ज के नाम पर कोई कटौती नहीं होगी।
- लाउंज एक्सेस: कर्मचारियों को दिए जाने वाले डेबिट और क्रेडिट कार्ड्स पर मुफ्त एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस और रिवॉर्ड पॉइंट्स की सुविधा भी मिलेगी, जो उनकी यात्राओं को आरामदायक बनाएगी।
क्या करना होगा कर्मचारियों को?
सरकार ने इस प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया है।
- निर्देश: वित्त मंत्रालय ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वे पुराने सैलरी खातों को कर्मचारियों की सहमति से इस नए 'सुपर अकाउंट' में कन्वर्ट करें।
- कैंप: इसके लिए जल्द ही सभी सरकारी दफ्तरों और मंत्रालयों में जागरूकता शिविर (Awareness Camps) लगाए जाएंगे, जहां बैंक अधिकारी मौके पर ही कागजी कार्रवाई पूरी करेंगे।
हमारी राय (The Trending People Analysis)
केंद्र सरकार का यह कदम कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने वाला एक 'मास्टरस्ट्रोक' है। अक्सर देखा गया है कि सरकारी कर्मचारी निजी क्षेत्र की तुलना में 'पर्क्स' (Perks) के मामले में खुद को पीछे महसूस करते थे। 2 करोड़ रुपये तक का बीमा कवर उन्हें एक बड़ी सामाजिक सुरक्षा प्रदान करता है।
The Trending People का विश्लेषण है कि यह योजना बैंकिंग क्षेत्र में भी प्रतिस्पर्धा बढ़ाएगी। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए यह एक बड़ा अवसर है कि वे सरकारी कर्मचारियों के विशाल वेतन आधार (Salary Base) को अपने पास सुरक्षित रख सकें। हालांकि, सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि क्लेम सेटलमेंट (Claim Settlement) की प्रक्रिया कितनी आसान और तेज होती है। अगर कागजी कार्रवाई में उलझाया गया, तो योजना का उद्देश्य विफल हो जाएगा। फिलहाल, यह सरकारी सेवा में आने के आकर्षण को और बढ़ाने वाला फैसला है।
