जीएसटी के नाम पर 'डिजिटल डकैती'—अफसर बनकर डरा रहे ठग, भेज रहे हूबहू असली जैसे नोटिस, CBIC ने कहा- "आंख बंद कर भरोसा न करें"
नई दिल्ली, [दिनांक: 10 जनवरी 2026] — देश में कर प्रणाली (Tax System) के डिजिटलीकरण ने जहां व्यापार को सुगम बनाया है, वहीं साइबर ठगों ने इसे अपनी कमाई का नया जरिया बना लिया है। देश भर के छोटे और बड़े कारोबारियों के लिए एक बेहद जरूरी और सतर्क करने वाली खबर है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने एक गंभीर अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि जालसाजों का एक गिरोह सक्रिय है जो खुद को जीएसटी अधिकारी बताकर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहा है।
ये शातिर ठग इतनी सफाई से काम कर रहे हैं कि एक अनुभवी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) भी पहली नजर में धोखा खा जाए। वे ईमेल, डाक या ऑनलाइन माध्यम से ऐसे समन और नोटिस भेज रहे हैं जो बिल्कुल असली सरकारी दस्तावेजों जैसे दिखते हैं। इनका मकसद सिर्फ एक है—व्यापारियों में 'टैक्स मैन' का डर पैदा करना और उनसे मोटी रकम ऐंठना।
कैसे हो रहा है यह 'हाई-टेक' फर्जीवाड़ा? (Modus Operandi)
ठगों ने ठगी का एक नया और परिष्कृत (Sophisticated) तरीका निकाला है। सीबीआईसी के पास सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) और हेल्पलाइन के जरिए ऐसी सैकड़ों शिकायतें पहुंची हैं, जिनमें करदाताओं ने बताया कि उन्हें जीएसटी अधिकारियों की तरफ से धमकी भरे कॉल और नोटिस मिल रहे हैं।
साजिश की परतें:
सरकारी लोगो का दुरुपयोग: ठग अपने फर्जी नोटिसों पर CGST (Central Goods and Services Tax), राज्य सरकार के प्रतीक चिह्न और बारकोड का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि दस्तावेज आधिकारिक लगें।
फर्जी DIN का खेल: इसे और अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए वे एक फर्जी 'दस्तावेज पहचान संख्या' (DIN - Document Identification Number) का भी उपयोग कर रहे हैं। डीआईएन वह यूनिक नंबर है जो हर सरकारी टैक्स नोटिस पर अनिवार्य होता है। ठग रैंडम नंबर्स डालकर इसे असली दिखाने की कोशिश करते हैं।
डर का माहौल: नोटिस में टैक्स चोरी, भारी जुर्माना या गिरफ्तारी की धमकी दी जाती है और तुरंत मामला रफा-दफा करने के लिए पैसे मांगे जाते हैं।
CBIC की सख्त सलाह: "वेरिफिकेशन ही बचाव है"
बोर्ड ने शुक्रवार को स्थिति साफ करते हुए कहा कि विभाग कभी भी व्हाट्सएप या निजी कॉल के जरिए पैसे की मांग नहीं करता। सीबीआइसी ने करदाताओं को सलाह दी है कि विभाग की ओर से मिलने वाले किसी भी पत्र, समन या नोटिस पर आंख बंद करके भरोसा न करें।
DIN है असली 'कवच': सरकार ने भ्रष्टाचार रोकने और पारदर्शिता लाने के लिए कुछ साल पहले DIN व्यवस्था लागू की थी। अब यही डीआईएन करदाताओं के लिए ठगी से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।
- नियम: बिना वैध DIN के जारी किया गया कोई भी संचार (Communication) अमान्य (Invalid) माना जाता है।
कैसे पहचानें असली और नकली नोटिस? (Step-by-Step Guide)
अगर आपको कोई जीएसटी नोटिस मिला है, तो घबराने के बजाय इन आसान स्टेप्स के जरिए उसकी जांच करें:
- वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले CBIC की आधिकारिक वेबसाइट www.cbic.gov.in पर जाएं।
- वेरिफाई करें: वहां 'Verify CBIC-DIN' विकल्प पर क्लिक करें।
- नंबर डालें: नोटिस पर लिखे DIN को वहां दर्ज करें।
- नतीजा:
अगर फर्जी है: पोर्टल पर "No Record Found" या अमान्य डीआईएन का संदेश आएगा।
ऐसी स्थिति में आपको तुरंत साइबर सेल और जीएसटी विभाग को सूचित करना चाहिए।
क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे मामले?
विशेषज्ञों का मानना है कि जीएसटी कानून की जटिलताएं और अनुपालन (Compliance) का डर व्यापारियों को आसान शिकार बनाता है। जब किसी व्यापारी को लगता है कि उसका जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद्द हो सकता है या उस पर भारी पेनल्टी लग सकती है, तो वह बिना जांच-पड़ताल किए ठगों के झांसे में आ जाता है। ठग अक्सर त्योहारों या वित्तीय वर्ष के अंत (March Closing) के आसपास ज्यादा सक्रिय होते हैं।
करदाताओं के अधिकार और जिम्मेदारियां
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोई भी अधिकारी निजी बैंक खातों में पैसे जमा करने या यूपीआई के जरिए भुगतान करने के लिए नहीं कह सकता। सभी टैक्स भुगतान केवल आधिकारिक जीएसटी पोर्टल (GST Portal) के माध्यम से चालान जनरेट करके किए जाते हैं।
हमारी राय
जीएसटी के नाम पर चल रही यह धोखाधड़ी डिजिटल साक्षरता की कमी और 'सिस्टम के डर' का मिला-जुला परिणाम है। सीबीआईसी का अलर्ट समय पर उठाया गया कदम है, लेकिन इसे जमीनी स्तर तक पहुंचाना जरूरी है।
The Trending People का विश्लेषण है कि करदाताओं को 'सतर्कता' को अपना पहला टैक्स अनुपालन मानना चाहिए। अगर कोई अधिकारी आपको व्यक्तिगत नंबर से कॉल करके धमकाता है, तो वह 99% ठग है। DIN वेरिफाई करने में मुश्किल से 2 मिनट लगते हैं, लेकिन यह आपकी मेहनत की कमाई को लुटने से बचा सकता है। याद रखें, एक जागरूक करदाता ही सुरक्षित करदाता है। सरकार को भी चाहिए कि वह ऐसे फर्जी डोमेन और नंबरों के खिलाफ सख्त साइबर कार्रवाई करे ताकि इस नेक्सस को तोड़ा जा सके।
