भारत निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार गुरुवार को पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में जारी मतदान के दौरान मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग हो रही है, जबकि तमिलनाडु में एक ही चरण में मतदान संपन्न कराया जा रहा है।
दोपहर 3 बजे तक तमिलनाडु में करीब 70 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 78.77 प्रतिशत वोटिंग दर्ज हुई, जो इस चरण में अब तक का सबसे ज्यादा प्रतिशत माना जा रहा है।
पश्चिम बंगाल में 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर सुबह 7 बजे से मतदान जारी है। इनमें कूच बिहार, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, मालदा, मुर्शिदाबाद, बांकुड़ा और बीरभूम जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। राज्य में बाकी 142 सीटों पर दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा।
इस बीच उपचुनाव वाले राज्यों में भी वोटिंग जारी है। गुजरात के उमरेठ सीट पर 46.66 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। वहीं महाराष्ट्र के राहुरी में 39.60 प्रतिशत और बारामती में 40.36 प्रतिशत वोटिंग दर्ज हुई है।
दोपहर 1 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, उमरेठ में 37.14 प्रतिशत, बारामती में 31.91 प्रतिशत और राहुरी में 29.67 प्रतिशत मतदान हुआ था, जो बाद में बढ़ता गया। बारामती सीट से उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार चुनावी मैदान में हैं और इस सीट पर खास नजर बनी हुई है।
चुनाव आयोग के मुताबिक सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में मतदान कर लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
हमारी राय में
वोटिंग प्रतिशत में बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि लोकतंत्र के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों में भारी मतदान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संदेश देता है। आने वाले नतीजे न सिर्फ राज्यों की राजनीति बल्कि राष्ट्रीय समीकरणों को भी प्रभावित कर सकते हैं।
