उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर बाबा नीब करौरी महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म के प्रोमो और पोस्टर का लोकार्पण किया। इस मौके पर स्वामी रामदेव, स्वामी चिदानंद सरस्वती, निर्देशक शरद सिंह ठाकुर और फिल्म से जुड़े अन्य कलाकार मौजूद रहे।
आध्यात्म और संस्कृति को जोड़ने की कोशिश
इस मौके पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह फिल्म सिर्फ एक फिल्म नहीं है, बल्कि श्रद्धा, भक्ति और मानवता के संदेश को लोगों तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस तरह की फिल्में समाज को सकारात्मक दिशा देने का काम करती हैं।
बाबा नीब करौरी महाराज का जीवन बना प्रेरणा
सीएम धामी ने कहा कि बाबा नीब करौरी महाराज का जीवन आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी शिक्षाएं सादगी, सेवा, करुणा और भक्ति पर आधारित हैं, जो आज के समय में बेहद जरूरी हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संत परंपरा हमेशा से समाज को सही रास्ता दिखाती रही है और ऐसे प्रयास इस परंपरा को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं।
नई पीढ़ी को जोड़ने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह फिल्म युवाओं को अपनी संस्कृति और आध्यात्म से जोड़ने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि आज के समय में ऐसी फिल्मों की जरूरत है, जो सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, बल्कि जीवन के सही मूल्यों को भी सिखाएं।
कलाकारों को दी शुभकामनाएं
सीएम धामी ने फिल्म के निर्देशक और पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह एक सराहनीय और आध्यात्मिक प्रयास है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह फिल्म समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलाने में सफल होगी।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस कार्यक्रम की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि बाबा नीब करौरी महाराज जैसे संतों का जीवन समाज के लिए एक मार्गदर्शक है।
बाबा नीब करौरी महाराज पर बन रही यह फिल्म आध्यात्म और संस्कृति को जोड़ने का एक प्रयास है, जो लोगों को उनके जीवन और शिक्षाओं से परिचित कराएगी।
आज के समय में जब मनोरंजन का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, ऐसे में बाबा नीब करौरी महाराज जैसे संतों पर फिल्म बनना एक सकारात्मक पहल है। यह न सिर्फ आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाता है, बल्कि लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम भी करता है। अगर इस फिल्म में उनके जीवन के संदेश को सरल और प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया, तो यह निश्चित रूप से समाज पर अच्छा असर डाल सकती है। खासकर युवा पीढ़ी के लिए यह एक प्रेरणादायक अनुभव साबित हो सकता है।
