राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन: 9 महीनों में 52 करोड़ रुपए की धनवापसी, 79 हजार से अधिक शिकायतों का समाधान
नई दिल्ली। डिजिटल खरीदारी और सेवा क्षेत्र के विस्तार के बीच उपभोक्ताओं की शिकायतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। ऐसे समय में राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) ने बीते नौ महीनों में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अनुसार 25 अप्रैल से 31 जनवरी 2026 के बीच 79,521 उपभोक्ता शिकायतों का निवारण करते हुए 52 करोड़ रुपए से अधिक की धनवापसी सुनिश्चित की गई है।
मंत्रालय ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि यह धनवापसी मुकदमेबाजी से पहले के चरण में ही सुनिश्चित की गई, जिससे उपभोक्ताओं को उपभोक्ता आयोगों के चक्कर लगाए बिना समय पर राहत मिल सकी। मंत्रालय के मुताबिक यह पहल उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत प्रभावी और समयबद्ध शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करती है।
ई-कॉमर्स क्षेत्र में सबसे ज्यादा मामले
आंकड़ों के अनुसार, धनवापसी के सबसे अधिक 47,743 मामले ई-कॉमर्स क्षेत्र से जुड़े रहे। इन शिकायतों के समाधान के बाद 36 करोड़ रुपए से अधिक की राशि उपभोक्ताओं को वापस कराई गई। इसके बाद यात्रा एवं पर्यटन क्षेत्र का स्थान रहा, जहां 4 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि लौटाई गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन खरीदारी में तेजी, रिटर्न पॉलिसी से जुड़े विवाद और सेवा में देरी जैसे कारणों से ई-कॉमर्स क्षेत्र में शिकायतों की संख्या अधिक रहती है। हालांकि एनसीएच की त्वरित कार्यप्रणाली ने उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत किया है।
कैसे काम करता है एनसीएच का अभिसरण मॉडल
मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन एक अभिसरण मॉडल के तहत संचालित होती है। इसमें प्राप्त शिकायतों को संबंधित कंपनियों को डिजिटल माध्यम से निर्धारित समयसीमा के भीतर समाधान के लिए भेजा जाता है। साथ ही निरंतर निगरानी और उपभोक्ता प्रतिक्रिया की ट्रैकिंग भी की जाती है।
यह प्रणाली मुकदमेबाजी से पहले ही समाधान सुनिश्चित करने पर केंद्रित है, जिससे न्यायिक तंत्र पर भार कम होता है और उपभोक्ताओं को शीघ्र राहत मिलती है।
देशभर से मिल रही शिकायतें
मंत्रालय ने बताया कि महानगरों के साथ-साथ दूरदराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज की गईं। यह राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन की व्यापक पहुंच और सुलभता को दर्शाता है।
एनसीएच देश भर के उपभोक्ताओं के लिए 17 भाषाओं में एकल-बिंदु पहुंच प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करता है। शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल-फ्री नंबर 1915, इंग्राम पोर्टल, व्हाट्सएप और एसएमएस (8800001915), एनसीएच मोबाइल ऐप, ईमेल, वेब प्लेटफॉर्म और उमंग ऐप जैसे विकल्प उपलब्ध हैं।
उपभोक्ता संरक्षण की दिशा में मजबूत कदम
मंत्रालय का कहना है कि 52 करोड़ रुपए की धनवापसी हेल्पलाइन की त्वरित प्रतिक्रिया और प्रभावशीलता को प्रदर्शित करती है। यह पहल उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के उद्देश्यों को जमीन पर लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस मॉडल को और तकनीकी रूप से सुदृढ़ किया जाए तथा कंपनियों की जवाबदेही तय की जाए तो उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा और मजबूत हो सकती है।
हमरी राय
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन की यह उपलब्धि दर्शाती है कि समयबद्ध और तकनीक आधारित शिकायत निवारण प्रणाली उपभोक्ताओं के लिए वास्तविक राहत का माध्यम बन सकती है। खासतौर पर ई-कॉमर्स और सेवा क्षेत्र में बढ़ती जटिलताओं के बीच मुकदमेबाजी से पहले समाधान मिलना बड़ी राहत है।
हालांकि आगे की चुनौती यह होगी कि शिकायतों की संख्या कम करने के लिए कंपनियों की जवाबदेही और पारदर्शिता भी बढ़ाई जाए। यदि सरकार, कंपनियां और उपभोक्ता तीनों मिलकर जिम्मेदारी निभाएं तो उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा और अधिक मजबूत हो सकती है।
