RBI की मंजूरी से SBI म्यूचुअल फंड का बंधन बैंक में निवेश रास्ता साफ
कोलकाता: भारतीय रिजर्व बैंक ने एसबीआई म्यूचुअल फंड को बंधन बैंक में अधिकतम 9.99 प्रतिशत तक हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी दे दी है। बंधन बैंक ने गुरुवार को शेयर बाजारों को दी जानकारी में बताया कि आरबीआई ने 25 फरवरी 2026 के पत्र के जरिए यह अनुमति प्रदान की। इस फैसले से बैंकिंग और निवेश क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
नियामकीय शर्तों के साथ मिली अनुमति
बैंक के अनुसार यह मंजूरी बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949, आरबीआई निर्देश 2025, विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम 1999 और सेबी नियमों सहित लागू कानूनों के पालन के अधीन है। आरबीआई ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित हिस्सेदारी एक वर्ष के भीतर हासिल करनी होगी, अन्यथा मंजूरी स्वतः निरस्त मानी जाएगी। साथ ही एसबीआई म्यूचुअल फंड की कुल हिस्सेदारी 9.99 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। यदि हिस्सेदारी पांच प्रतिशत से नीचे जाती है तो दोबारा बढ़ाने के लिए आरबीआई की पूर्व अनुमति आवश्यक होगी।
आधिकारिक प्रतिक्रिया और बाजार संकेत
स्थानीय बाजार सूत्रों के अनुसार इस कदम से बंधन बैंक के शेयरों में निवेशकों की रुचि बढ़ सकती है। बैंकिंग विश्लेषकों का मानना है कि बड़े संस्थागत निवेशक की एंट्री से बैंक की पूंजी स्थिति और बाजार भरोसा मजबूत होगा। प्रशासनिक स्तर पर आरबीआई ने इसे नियामकीय प्रक्रिया के तहत नियमित मंजूरी बताया है।
पृष्ठभूमि और प्रभाव
पिछले वर्षों में कई निजी बैंकों में संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ाने के ऐसे कदम देखे गए हैं, जिनसे पूंजी जुटाने और विस्तार योजनाओं को गति मिली। एसबीआई म्यूचुअल फंड की संभावित हिस्सेदारी से बंधन बैंक के लिए विकास योजनाओं और डिजिटल विस्तार को समर्थन मिलने की संभावना है। राष्ट्रीय स्तर पर यह कदम बैंकिंग सेक्टर में निवेश प्रवाह का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
संपादकीय विश्लेषण
आरबीआई की मंजूरी दर्शाती है कि नियामक संस्थाएं बैंकिंग क्षेत्र में स्थिर और नियंत्रित निवेश को बढ़ावा दे रही हैं। बड़े घरेलू निवेशक की भागीदारी बैंक के भरोसे और पूंजी क्षमता दोनों को मजबूत करती है। आने वाले समय में यह सौदा बंधन बैंक की बाजार स्थिति और निवेशक विश्वास पर असर डाल सकता है।
