Rajpal Yadav चेक बाउंस केस: Sonu Sood के बाद राव इंद्रजीत सिंह यादव ने दी ₹1.11 करोड़ की मदद, इंडस्ट्री आई साथ
अभिनेता राजपाल यादव के चेक बाउंस मामले में सजा के आदेश के बाद फिल्म इंडस्ट्री से उन्हें लगातार समर्थन मिल रहा है। अभिनेता सोनू सूद और राजनेता तेजप्रताप यादव के बाद अब म्यूजिक प्रोड्यूसर और जेम ट्यून्स म्यूजिक के मालिक राव इंद्रजीत सिंह यादव ने 1.11 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
इंद्रजीत सिंह यादव ने कहा कि यह मदद केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि एक कलाकार के साथ मानवीय एकजुटता का प्रतीक है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि कठिन समय में इंडस्ट्री को परिवार की तरह साथ खड़ा होना चाहिए।
राजपाल यादव हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय कॉमिक अभिनेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने ‘भूल भुलैया’, ‘हंगामा’, ‘चुप चुप के’ जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं। 2007 में रिलीज हुई ‘भूल भुलैया’ ने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 82 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था, जबकि ‘हंगामा’ (2003) भी सफल रही थी।
हाल के वर्षों में वे कई वेब प्रोजेक्ट्स और फिल्मों में नजर आए, हालांकि मुख्यधारा की बड़ी हिट उनसे दूर रही। उनकी निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ (2012) बॉक्स ऑफिस पर असफल रही। इसी फिल्म के निर्माण के लिए 2010 में लगभग 5 करोड़ रुपये का लोन लिया गया था, जो ब्याज और पेनल्टी के साथ बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
दिल्ली हाईकोर्ट ने कई बार भुगतान के लिए समय दिया, लेकिन असफल रहने पर हाल ही में उन्हें छह महीने की सजा काटने के लिए तिहाड़ जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया।
इंडस्ट्री प्रतिक्रियाएँ
राव इंद्रजीत सिंह यादव ने कहा, “राजपाल यादव ने वर्षों तक दर्शकों को हंसाया है। यह हमारा कर्तव्य है कि हम उनके कठिन समय में साथ खड़े हों।”
सोनू सूद ने भी पहले समर्थन जताया था, हालांकि सहायता की सटीक राशि सार्वजनिक नहीं की गई। इंडस्ट्री के कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर सहानुभूति जताई है।
फिल्म ट्रेड विश्लेषकों का मानना है कि आर्थिक संकट के बावजूद राजपाल की लोकप्रियता कम नहीं हुई है और उनके लिए ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर अवसर बने रह सकते हैं।
पृष्ठभूमि और अगला कदम
मामला नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत दर्ज हुआ था, क्योंकि कर्ज चुकाने के लिए जारी किए गए कई चेक बाउंस हो गए थे। अब देखना होगा कि मिली आर्थिक सहायता से बकाया राशि का निपटारा किस हद तक संभव हो पाता है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि समझौता या भुगतान हो जाता है तो सजा में राहत की संभावना बन सकती है। फिलहाल राजपाल यादव के परिवार और समर्थक इस संकट से उबरने की कोशिश में हैं।
Final Thoughts
राजपाल यादव जैसे कलाकार, जिन्होंने दो दशकों से अधिक समय तक दर्शकों को हंसाया और मनोरंजन किया, आज निजी और कानूनी संकट से जूझ रहे हैं। यह मामला केवल एक आर्थिक विवाद नहीं, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री की संवेदनशीलता और एकजुटता की भी परीक्षा है। जिस तरह से कलाकार और निर्माता आगे आकर सहायता दे रहे हैं, वह दर्शाता है कि सिनेमा की दुनिया प्रतिस्पर्धा के बावजूद मानवीय रिश्तों को महत्व देती है। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया अपने नियमों के अनुसार चलेगी, लेकिन यह समर्थन राजपाल यादव के मनोबल को जरूर मजबूत करेगा। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह आर्थिक सहयोग उन्हें राहत दिला पाता है और क्या वे फिर से बड़े पर्दे या ओटीटी पर दमदार वापसी कर पाएंगे।
