भारत मंडपम में एआई महाकुंभ का आगाज; पीएम मोदी ने किया उद्घाटन, 100 देशों के दिग्गज बने गवाह
विशेष संवाददाता, नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भव्य भारत मंडपम में आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य और इसके सामाजिक प्रभावों पर वैश्विक मंथन शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पांच दिवसीय 'एआई इम्पैक्ट सम्मेलन' का विधिवत शुभारंभ किया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एआई केवल एक तकनीकी प्रगति नहीं है, बल्कि यह मानव सभ्यता को नई दिशा देने वाला एक क्रांतिकारी बदलाव है। इस ऐतिहासिक आयोजन का मुख्य उद्देश्य एआई के व्यापक प्रभावों को गहराई से समझना और इसके सुरक्षित, नैतिक व पारदर्शी वैश्विक उपयोग के लिए एक साझा अंतरराष्ट्रीय नीति तैयार करना है।
वैश्विक कूटनीति और तकनीक का संगम
इस सम्मेलन की भव्यता और इसके अंतरराष्ट्रीय महत्व का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया भर की दिग्गज राजनीतिक और तकनीकी हस्तियां एक ही मंच पर जुटी हैं। इस पांच दिवसीय आयोजन में सात देशों के राष्ट्रपति, नौ देशों के प्रधानमंत्री और लगभग 45 से अधिक देशों के वरिष्ठ मंत्रियों की सक्रिय भागीदारी भारत के बढ़ते तकनीकी नेतृत्व को वैश्विक पटल पर प्रमाणित करती है। राजनयिक स्तर पर भी यह आयोजन अभूतपूर्व है, जहाँ 100 से अधिक देशों के आधिकारिक प्रतिनिधि और दुनिया की 40 सबसे बड़ी टेक कंपनियों के सीईओ भविष्य की डिजिटल रूपरेखा पर चर्चा कर रहे हैं। विशेषज्ञों का यह विशाल समूह 'एआई फॉर गुड' के विजन को धरातल पर उतारने के लिए आने वाले दिनों में विभिन्न सत्रों के माध्यम से गंभीर विचार-विमर्श करेगा।
एआई के लिए तीन प्रमुख वैश्विक लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में एआई के सुरक्षित विकास के लिए तीन अनिवार्य लक्ष्यों को दुनिया के सामने रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सबसे पहली और बड़ी प्राथमिकता 'नैतिक एआई' के लिए कड़े वैश्विक मानक तय करना है, ताकि सुरक्षा और गोपनीयता से किसी भी स्तर पर समझौता न हो। समावेशी विकास के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि इस तकनीक का लाभ केवल समृद्ध देशों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे विकासशील और पिछड़े देशों के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की जिम्मेदारी भी वैश्विक समुदाय की है। इसके अतिरिक्त, एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय फ्रेमवर्क के निर्माण पर जोर दिया गया जो डेटा शेयरिंग और गवर्नेंस के क्षेत्र में देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा दे सके।
भारत मंडपम में एआई नवाचारों का प्रदर्शन
सम्मेलन के केंद्र में भारत मंडपम के भीतर एक भव्य 'एआई एक्सपो' का भी आयोजन किया गया है, जो नवाचार का केंद्र बना हुआ है। इस प्रदर्शनी में स्वास्थ्य सेवा, आधुनिक कृषि और शिक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्रों में एआई के सफल प्रयोगों को जीवंत रूप से प्रदर्शित किया गया है। भारत के उभरते स्टार्टअप्स और वैश्विक तकनीकी दिग्गजों ने अपने ऐसे एआई मॉडल पेश किए हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और जटिल चिकित्सा समस्याओं का सरल समाधान देने में सक्षम हैं। प्रधानमंत्री ने भी इन प्रदर्शिनियों का अवलोकन किया और भारतीय युवाओं के तकनीकी कौशल की सराहना की।
डिजिटल भविष्य के लिए संतुलित रोडमैप
राजनीतिक और तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि यह सम्मेलन एआई गवर्नेंस के क्षेत्र में भारत के बढ़ते रणनीतिक प्रभाव का परिचायक है। जी-20 के बाद यह आयोजन यह साबित करता है कि भारत अब तकनीक की वैश्विक दिशा तय करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह महामंथन डीपफेक, दुष्प्रचार और डेटा गोपनीयता जैसी समसामयिक चुनौतियों को दूर करने के साथ-साथ एक ऐसे संतुलित डिजिटल भविष्य का रोडमैप तैयार करेगा, जिसमें तकनीक और मानवीय संवेदनाओं का सही तालमेल हो।
