पोर्ट्स के शेयरों ने लगाई 10% की छलांग, मुनाफा 21% बढ़ा, 1 साल में निवेशकों को किया मालामाल
मुंबई/अहमदाबाद, दिनांक: 3 फरवरी 2026 — भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार का दिन अडानी समूह (Adani Group) के निवेशकों के लिए किसी दिवाली से कम नहीं रहा। देश की सबसे बड़ी निजी बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स कंपनी, अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन (APSEZ) ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के नतीजे घोषित किए हैं, जो उम्मीद से कहीं बेहतर रहे हैं। नतीजों के ऐलान के साथ ही कंपनी के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखी गई। बीएसई (BSE) पर इंट्राडे कारोबार के दौरान अडानी पोर्ट्स के शेयर 10 प्रतिशत से अधिक के भारी उछाल के साथ 1537.50 रुपये के स्तर पर पहुंच गए। यह तेजी न केवल कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के क्षेत्र में अडानी का दबदबा कायम है।
कंपनी द्वारा जारी वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में अडानी पोर्ट्स का कंसॉलिडेटेड मुनाफा (Consolidated Profit) सालाना आधार पर 21 प्रतिशत बढ़कर 3054 करोड़ रुपये हो गया है। यह आंकड़ा बाजार के अनुमानों को मात देने वाला है। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 2518 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। मुनाफे में यह वृद्धि परिचालन दक्षता और कार्गो वॉल्यूम में बढ़ोतरी का परिणाम मानी जा रही है। रेवेन्यू के मोर्चे पर भी कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया है। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में अडानी पोर्ट्स का कुल राजस्व (Revenue) सालाना आधार पर 22 प्रतिशत की छलांग लगाकर 9704 करोड़ रुपये रहा है, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 7963 करोड़ रुपये था। यह दोहरे अंकों की वृद्धि दर कंपनी के व्यापार विस्तार और नए बंदरगाहों के सफल एकीकरण को रेखांकित करती है।
हालांकि, अगर तिमाही आधार पर तुलना की जाए, तो मुनाफे में मामूली गिरावट देखने को मिली है। कंपनी को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (सितंबर तिमाही) में 3120 करोड़ रुपये का प्रॉफिट हुआ था, जो तीसरी तिमाही में 2.5 प्रतिशत घटकर 3054 करोड़ रुपये रह गया। लेकिन इसके बावजूद, राजस्व के मामले में कंपनी ने दूसरी तिमाही के 9167 करोड़ रुपये के मुकाबले तीसरी तिमाही में 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। परिचालन के स्तर पर कंपनी का प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा है। अडानी पोर्ट्स का इबिट्डा (EBITDA - Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में सालाना आधार पर 20 प्रतिशत बढ़कर 5786 करोड़ रुपये रहा है। यह मजबूत मार्जिन कंपनी की लागत नियंत्रण और मूल्य निर्धारण शक्ति (Pricing Power) का प्रमाण है।
शेयर बाजार में अडानी पोर्ट्स का प्रदर्शन पिछले कुछ वर्षों में एक 'वेल्थ क्रिएटर' (Wealth Creator) की कहानी बयां करता है। अडानी ग्रुप की इस फ्लैगशिप कंपनी के शेयर पिछले एक साल में 43 प्रतिशत चढ़ गए हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो 3 फरवरी 2025 को अडानी पोर्ट्स के शेयर 1084.70 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे, जो ठीक एक साल बाद 3 फरवरी 2026 को 1537.50 रुपये के स्तर पर पहुंच गए हैं। यह रिटर्न किसी भी फिक्स्ड डिपॉजिट या पारंपरिक निवेश से कई गुना ज्यादा है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए तो यह और भी फायदेमंद रहा है। पिछले पांच साल में कंपनी के शेयरों में 170 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई है। इस अवधि में शेयर का भाव 566.70 रुपये से बढ़कर 1535 रुपये के पार जा पहुंचा है। मंगलवार की तेजी के साथ ही शेयर अपने 52 सप्ताह के उच्च स्तर 1548.60 रुपये के बेहद करीब पहुंच गया है, जबकि इसका 52 सप्ताह का निचला स्तर 1036.35 रुपये रहा है।
हमारी राय
अडानी पोर्ट्स के नतीजे भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ़्तार का एक बैरोमीटर हैं। जब बंदरगाहों पर आवाजाही और राजस्व बढ़ता है, तो इसका सीधा मतलब है कि देश में आयात-निर्यात और आर्थिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। 21% मुनाफे की वृद्धि और 22% रेवेन्यू ग्रोथ एक परिपक्व कंपनी के लिए शानदार आंकड़े हैं।
The Trending People का विश्लेषण है कि बुनियादी ढांचे पर सरकार के जोर और भारत के बढ़ते वैश्विक व्यापार का सबसे बड़ा फायदा अडानी पोर्ट्स को मिल रहा है। कंपनी का रणनीतिक विस्तार और लॉजिस्टिक्स चेन पर पकड़ इसे लंबी अवधि के लिए एक मजबूत दांव बनाती है। 10% का इंट्राडे उछाल यह बताता है कि बाजार ने नतीजों को 'थम्स अप' दिया है। हालांकि, निवेशकों को सलाह है कि वे किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें, क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहता है, लेकिन अडानी पोर्ट्स के फंडामेंटल्स फिलहाल बेहद मजबूत नजर आ रहे हैं।
