टी20 वर्ल्ड कप 2026: साउथ अफ्रीका से करारी हार के बाद रवि शास्त्री की दो टूक; 'अच्छा हुआ यह झटका जल्दी मिल गया'
स्पोर्ट्स डेस्क | अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम (Narendra Modi Stadium) में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अहम सुपर-8 मुकाबले में भारतीय टीम को साउथ अफ्रीका के हाथों 76 रन की करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस निराशाजनक प्रदर्शन के बाद टीम इंडिया के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री (Ravi Shastri) ने भारतीय टीम की रणनीति और प्लेइंग इलेवन के चयन पर खुलकर अपनी राय रखी है। उन्होंने खास तौर पर अक्षर पटेल को बाहर कर वॉशिंगटन सुंदर को खिलाने के कप्तान सूर्यकुमार यादव के फैसले पर सवाल उठाए हैं।
“अच्छा हुआ झटका जल्दी मिल गया” – शास्त्री
रवि शास्त्री ने ‘ICC रिव्यू’ में बातचीत के दौरान कहा कि टूर्नामेंट के इस अहम पड़ाव पर मिली यह हार भारत के लिए एक “वेक-अप कॉल” (Wake-up call) साबित हो सकती है।
"मुझे खुशी है कि यह हार शुरुआत में ही मिल गई। इससे टीम मैनेजमेंट और खिलाड़ियों को अपनी रणनीति और टीम संयोजन (Team Combination) पर दोबारा गहराई से सोचने का मौका मिलेगा। सुपर-8 में अगर हम एक और मैच हारते हैं, तो दबाव बहुत अधिक बढ़ जाएगा।"
भारत को अब अपनी सेमीफाइनल की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए चेन्नई में जिम्बाब्वे और कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने बाकी दोनों मुकाबले हर हाल में जीतने होंगे।
अक्षर की जगह सुंदर – क्या यह सही फैसला था?
साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अक्षर पटेल को बाहर रखकर वॉशिंगटन सुंदर (Washington Sundar) को मौका दिया था और इसे एक ‘टैक्टिकल कॉल’ (रणनीतिक फैसला) बताया था। हालांकि, शास्त्री इस फैसले से पूरी तरह सहमत नहीं दिखे।
उनका मानना है कि टीम मैनेजमेंट को दोनों स्पिन ऑलराउंडर्स को एक साथ खिलाने पर विचार करना चाहिए:
"अक्षर को वापस प्लेइंग इलेवन में लाना चाहिए। अगर संभव हो तो दोनों (अक्षर और सुंदर) को एक साथ खिलाइए। किसी एक गेंदबाज का दिन खराब हो सकता है, इसलिए गेंदबाजी में बैकअप होना बहुत जरूरी है।"
शास्त्री ने यह भी तर्क दिया कि अगर अक्षर पटेल खेलते हैं, तो बल्लेबाजी में भी गहराई (Depth) बढ़ेगी और वह नंबर 8 तक टीम को मजबूती प्रदान कर सकते हैं।
दोनों खेलें तो कौन होगा बाहर?
शास्त्री के इस सुझाव के बाद यह सवाल उठता है कि अगर अक्षर और सुंदर दोनों प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनते हैं, तो किस खिलाड़ी को बाहर बैठना पड़ेगा? शास्त्री के मुताबिक, इस स्थिति में किसी 'स्पेशलिस्ट बल्लेबाज' को बाहर बैठना पड़ सकता है और ऐसे में फिनिशर रिंकू सिंह (Rinku Singh) की जगह खतरे में पड़ सकती है।
"अगर टीम के आठ बल्लेबाज मिलकर भी काम नहीं कर सकते, तो फिर समस्या कहीं और है। इस समय असली जरूरत एक अतिरिक्त गेंदबाजी विकल्प (Extra bowling option) की है।"
सेमीफाइनल में पहुंचने के दो बड़े समीकरण
भारत की हार के बाद सुपर-8 का गणित काफी रोचक हो गया है। भारत के लिए सेमीफाइनल में पहुंचने के मुख्य रूप से ये दो समीकरण बन रहे हैं:
पहला समीकरण (सबसे सुरक्षित):
- भारत अपने बचे हुए दोनों मैच (जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ) जीत ले।
- अगर साउथ अफ्रीका भी अपने दोनों मैच जीतती है, तो भारत और साउथ अफ्रीका दोनों टीमें आसानी से क्वालीफाई कर जाएंगी।
- यदि ग्रुप की तीन टीमें 4-4 अंकों पर बराबरी पर रहती हैं, तो नेट रन रेट (NRR) से फैसला होगा।
दूसरा समीकरण (जोखिम भरा):
- यदि भारत अपने दो में से सिर्फ एक मैच जीत पाता है, तो उसे वेस्टइंडीज को हर हाल में हराना अनिवार्य होगा।
- ऐसी स्थिति में भी भारत को नेट रन रेट और अन्य टीमों के मैच के नतीजों पर निर्भर रहना पड़ेगा।
- अगर साउथ अफ्रीका अपने दोनों मैच हार जाती है, तो भारत के लिए टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा भी पैदा हो सकता है।
संपादकीय विश्लेषण
रवि शास्त्री का यह विश्लेषण बिलकुल सटीक है कि नॉकआउट मुकाबलों से पहले मिली यह हार टीम इंडिया को अपनी कमजोरियां सुधारने का मौका देगी। टी20 क्रिकेट में छठे या सातवें गेंदबाजी विकल्प की कमी अक्सर भारी पड़ती है, जो साउथ अफ्रीका के खिलाफ साफ दिखाई दी। अब कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच को जिम्बाब्वे के खिलाफ करो-या-मरो वाले मुकाबले में एक संतुलित और आक्रामक प्लेइंग इलेवन के साथ उतरना होगा।
