दुनिया के सबसे महंगे अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर 'USS Ford' पर गहराया 'सीवेज' संकट; टॉयलेट के लिए 45 मिनट लाइन में लग रहे नौसैनिक
इंटरनेशनल डेस्क, वाशिंगटन | दुनिया के सबसे आधुनिक, शक्तिशाली और महंगे अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS Gerald R. Ford (CVN-78) पर इन दिनों एक बेहद गंभीर और अजीबोगरीब समस्या सामने आई है। अत्याधुनिक हथियारों से लैस इस जंगी जहाज पर सीवेज (Sewage) सिस्टम फेल हो गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, पतले पाइप और तकनीकी खामियों के कारण जहाज के टॉयलेट बार-बार जाम हो रहे हैं, जिससे नौसैनिकों को वॉशरूम इस्तेमाल करने के लिए 45 मिनट या उससे अधिक समय तक लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है। अमेरिकी अखबार 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' (The Wall Street Journal) की रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि यह समस्या इसी साल जनवरी से चल रही है, जब यह कैरियर कैरिबियन क्षेत्र में तैनात था।
ग्रीस पहुंचा जहाज, मरम्मत के बाद इज़रायल के समर्थन में होगा तैनात
ताज़ा जानकारी के अनुसार, USS Ford फिलहाल ग्रीस के 'सूदा बे' (Souda Bay) स्थित क्रीट नेवल बेस पर पहुंच चुका है। यहां इस विशालकाय जहाज की मरम्मत, सप्लाई रीफिल और थके हुए क्रू (Crew) को आराम देने की योजना बनाई गई है।
मरम्मत का काम पूरा होने के बाद यह एयरक्राफ्ट कैरियर पश्चिम एशिया (Middle East) की ओर रवाना होगा और इज़रायल के समर्थन में इसे पूर्वी भूमध्य सागर में तैनात किया जा सकता है।
5000 क्रू मेंबर्स का मनोबल हो रहा प्रभावित
यह एयरक्राफ्ट कैरियर अमेरिकी नौसैनिक ताकत का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है और इसे दुनिया की सबसे अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। लेकिन सीवेज जैसी बुनियादी सफाई व्यवस्था में आई इस खामी ने इसकी 'ऑपरेशनल तैयारियों' पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, लगातार जाम होने की वजह से सीवेज सिस्टम बार-बार फेल हो रहा है। इस दुर्गंध और असुविधा के कारण जहाज पर सवार लगभग 5,000 क्रू मेंबर्स की दिनचर्या और उनका मनोबल बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
तैनाती का समय बढ़ा, घर से दूर हैं नाविक
तकनीकी खामियों के साथ-साथ लंबी तैनाती भी नाविकों के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन गई है। रिटायर्ड रियर एडमिरल मार्क मोंटगोमरी के मुताबिक, सामान्य परिस्थितियों में एक कैरियर की तैनाती छह महीने की होती है। लेकिन फोर्ड के नाविक पहले ही आठ महीने से अपने घर से दूर हैं और अब उनकी यह तैनाती 11 महीने तक बढ़ सकती है।
कई नाविक महीनों से अपने परिवार से नहीं मिले हैं। नौसैनिक इतने लंबे समय से समुद्र में हैं कि कुछ अपने बच्चों के जन्म, जन्मदिन या परिजनों के अंतिम संस्कार जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण पारिवारिक मौकों पर भी शामिल नहीं हो पाए हैं।
संचार की पाबंदी और बढ़ता मानसिक दबाव
जहाज के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन डेविड स्कारोसी ने नाविकों के परिवारों को लिखे एक पत्र में इस "एक्सटेंशन के दर्द" (लंबे समय तक तैनाती की पीड़ा) को स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है।
USS Ford पर सवार अधिकांश नाविक 20 से 25 वर्ष के युवा हैं। अत्यंत संवेदनशील मिशन पर होने के कारण उन्हें सीमित संचार (Communication) की ही अनुमति दी गई है। सोशल मीडिया, इंटरनेट और परिवार से दूरी ने इन युवाओं के मानसिक दबाव को और बढ़ा दिया है। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि सीवेज जैसी तकनीकी समस्याओं के साथ-साथ यह लंबी तैनाती नौसैनिकों के मनोबल पर गहरा नकारात्मक असर डाल रही है।
संपादकीय विश्लेषण
अरबों डॉलर की लागत से बना USS Gerald R. Ford अमेरिका की सैन्य श्रेष्ठता का प्रतीक है, लेकिन सीवेज पाइप्स जैसी बुनियादी इंजीनियरिंग में आई इस खराबी ने साबित कर दिया है कि किसी भी मशीन की सफलता उसके सबसे छोटे पुर्जे पर निर्भर करती है। युद्धपोत पर 5000 नौसैनिकों का जीवन पहले ही बेहद तनावपूर्ण होता है, ऐसे में हाइजीन (Hygiene) और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी ये समस्याएं किसी भी सैन्य अभियान के लिए एक बड़ा खतरा बन सकती हैं।
