वाराणसी के सर्राफा बाजार में लगी 'आग'—सोना 1.45 लाख के पार, चांदी की चमक ने भी उड़ाए होश; शादी वाले घरों का बजट बिगड़ा
वाराणसी, दिनांक: 14 जनवरी 2026 — धर्म और संस्कृति की नगरी काशी (वाराणसी) के सर्राफा बाजारों में इन दिनों एक अलग ही हलचल मची हुई है। नए साल की शुरुआत के साथ ही कीमती धातुओं, विशेषकर सोने और चांदी (Gold and Silver) की कीमतों में एक ऐसा उफान आया है, जिसने आम आदमी और शादी वाले परिवारों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। बीते कुछ महीनों और खासकर जनवरी के दूसरे सप्ताह के आंकड़ों पर नजर डालें, तो पता चलता है कि पीली धातु और सफेद धातु, दोनों ने ही महंगाई के नए कीर्तिमान स्थापित कर दिए हैं।
दिसंबर के अंत में जहां थोड़ी राहत की उम्मीद जगी थी, वहीं जनवरी आते-आते वह उम्मीद धुएं में बदल गई। वाराणसी के ठठेरी बाजार से लेकर गोदौलिया तक, ज्वैलर्स की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ तो है, लेकिन खरीदारी का उत्साह बढ़ी हुई कीमतों के बोझ तले दबा हुआ नजर आ रहा है।
आंकड़ों का खेल: कहां से कहां पहुंचा भाव?
बाजार के उतार-चढ़ाव को समझने के लिए हमें पिछले 15-20 दिनों के ग्राफ को देखना होगा।
सोने की छलांग: दिसंबर 2025 के अंत में सोने की कीमत लुढ़ककर करीब 1.37 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ गई थी, जिससे निवेशकों को लगा था कि शायद भाव और कम होंगे। लेकिन जनवरी के दूसरे सप्ताह तक आते-आते इसने यू-टर्न लिया और यह आंकड़ा 1.45 लाख रुपये के पार पहुंच गया।
चांदी की दौड़: चांदी ने तो और भी तेज चाल दिखाई है। जो चांदी कुछ दिन पहले 2.35 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास थी, उसने लंबी छलांग लगाते हुए 2.68 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर छू लिया है।
क्यों भड़क रही हैं कीमतें? (अंतरराष्ट्रीय कारण)
वाराणसी के प्रतिष्ठित सराफा कारोबारी अनिकेश गुप्ता ने इस तेजी के पीछे के वैश्विक कारणों का विश्लेषण किया। उनका मानना है कि स्थानीय बाजार की कीमतें सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय हलचलों से जुड़ी हैं।
- डॉलर की कमजोरी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर (USD) में आई कमजोरी ने सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में और आकर्षक बना दिया है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो सोना मजबूत होता है।
- फेडरल रिजर्व का डर: अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों को शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने में लगाने पर मजबूर किया है।
- भू-राजनीतिक तनाव: रूस-यूक्रेन और मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव के कारण अनिश्चितता का माहौल है। ऐसे समय में केंद्रीय बैंक और बड़े निवेशक 'सेफ हेवन' (Safe Haven) माने जाने वाले सोने की शरण में जा रहे हैं।
घरेलू मोर्चे पर 'लगन' का असर
कीमतें बढ़ने का दूसरा बड़ा कारण घरेलू मांग (Domestic Demand) है।
विवाह सीजन: खरमास समाप्त होने के बाद अब 15 जनवरी से विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू हो रहे हैं। शादी-ब्याह के लिए जेवरातों की भारी मांग निकल रही है।
त्योहारी खरीद: मकर संक्रांति और आने वाले त्योहारों को देखते हुए भी लोग शगुन के तौर पर खरीदारी कर रहे हैं। इस बढ़ी हुई मांग ने गिरती कीमतों को सहारा (Support) दिया और उन्हें ऊपर की ओर धकेल दिया।
चांदी क्यों भाग रही है सोने से तेज?
इस बार बाजार का एक दिलचस्प पहलू यह है कि चांदी की कीमतों में सोने की तुलना में ज्यादा उतार-चढ़ाव (Volatility) और तेजी देखी गई है। इसका प्रमुख कारण औद्योगिक मांग (Industrial Demand) है।
सराफा विशेषज्ञों के अनुसार:
- ग्रीन एनर्जी: सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के निर्माण में चांदी का उपयोग अनिवार्य है। जैसे-जैसे दुनिया ग्रीन एनर्जी की तरफ बढ़ रही है, चांदी की खपत कई गुना बढ़ गई है।
- इलेक्ट्रॉनिक्स: 5G तकनीक और मोबाइल चिप्स में भी चांदी की भारी मांग है।
- सस्ता विकल्प: सोने के आसमान छूते भावों के कारण कई छोटे निवेशक अब चांदी को एक 'सस्ते और टिकाऊ' निवेश विकल्प के रूप में अपना रहे हैं, जिससे इसकी डिमांड और बढ़ गई है।
आगे क्या? एक्सपर्ट्स की भविष्यवाणी
सराफा कारोबारी रवि वर्मा ने भविष्य की तस्वीर साफ करते हुए कहा कि अभी राहत की उम्मीद कम है। "यदि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है, तो सोने-चांदी की कीमतों में मजबूती जारी रह सकती है। हालांकि, बीच-बीच में अंतरराष्ट्रीय संकेतों और रुपये की स्थिति के अनुसार सीमित गिरावट (Correction) संभव है, लेकिन ट्रेंड पॉजिटिव ही रहेगा," वर्मा ने बताया।
फिलहाल, वाराणसी सहित देशभर के सर्राफा बाजारों में ग्राहक 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में कम और 'जरूरत के मुताबिक खरीदारी' के मूड में ज्यादा दिख रहे हैं।
हमारी राय (The Trending People Analysis)
सोने-चांदी की यह महंगाई केवल एक आर्थिक आंकड़ा नहीं है, बल्कि भारतीय परिवारों के बजट पर सीधा हमला है। 1.45 लाख का सोना और 2.68 लाख की चांदी ने मध्यम वर्ग के लिए अपनी बेटियों की शादी के लिए जेवर बनवाना एक सपना सा बना दिया है।
The Trending People का विश्लेषण है कि निवेशकों के लिए यह समय संयम का है। चांदी में औद्योगिक मांग के कारण लंबी अवधि में और तेजी आ सकती है, इसलिए एसआईपी (SIP) के जरिए थोड़ा-थोड़ा निवेश करना समझदारी होगी। वहीं, शादी वाले परिवारों को सलाह है कि वे मेकिंग चार्ज (Making Charges) में छूट और हॉलमार्किंग की शुद्धता को ध्यान में रखकर ही खरीदारी करें। वैश्विक अस्थिरता को देखते हुए, कीमती धातुएं अभी भी सबसे सुरक्षित संपत्ति बनी हुई हैं।

