महाराष्ट्र निकाय चुनाव से पहले फडणवीस का बड़ा दावा, उद्धव और राज ठाकरे पर तीखा हमला
मुंबई। महाराष्ट्र में गुरुवार को होने वाले 29 नगर निगमों के चुनाव से पहले राज्य की राजनीति पूरी तरह गर्मा चुकी है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप–प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। इसी सियासी माहौल के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कई राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, मनसे प्रमुख राज ठाकरे और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखे बयान दिए।
29 में से 26–27 नगर निगम जीतने का दावा
सबसे पहले मुख्यमंत्री फडणवीस ने नगर निकाय चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि राज्य के 29 नगर निगमों में से 26 या 27 पर भाजपा, एनसीपी और शिवसेना (शिंदे गुट) की जीत होगी। फडणवीस का कहना है कि जनता मौजूदा सरकार के कामकाज से संतुष्ट है और इसका असर सीधे चुनावी नतीजों में दिखेगा।
मुंबई में मराठी महापौर जरूरी: फडणवीस
मुंबई में मराठी महापौर को लेकर मुख्यमंत्री ने साफ रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जैसे पंजाब में पंजाबी, राजस्थान में राजस्थानी और तमिलनाडु में तमिल महापौर होते हैं, उसी तरह मुंबई में भी मराठी महापौर होना चाहिए। उनके अनुसार यह मुद्दा किसी एक समुदाय का नहीं, बल्कि मराठी संस्कृति और पहचान से जुड़ा हुआ है।
मराठी जनता या राजनीतिक अस्तित्व की लड़ाई?
फडणवीस ने इस चुनाव को केवल मराठी अस्मिता से जुड़ा मुद्दा मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि मुंबई की लड़ाई मराठी जनता की नहीं, बल्कि राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के राजनीतिक अस्तित्व की लड़ाई है। मुख्यमंत्री का दावा है कि इस चुनाव में राज ठाकरे सबसे बड़े नुकसान में रहेंगे, जबकि उद्धव ठाकरे को इसका सीमित राजनीतिक लाभ मिल सकता है।
उद्धव ठाकरे पर गंभीर आरोप
सीएम फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि यदि वे दोबारा मुंबई की सत्ता में आए, तो मस्जिदों में लाउडस्पीकर लगाने को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्धव मुस्लिम समुदाय के सामने झुकते हैं और उनकी मांगें पूरी करते हैं।
फडणवीस ने यह भी कहा कि हिंदी या अंग्रेजी बोलना मराठी के खिलाफ नहीं है, क्योंकि मराठी भाषा उनके लिए सर्वोच्च है। उन्होंने यह तंज भी कसा कि उद्धव और उनके बच्चे बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल में पढ़े हैं, इसके बावजूद मराठी भाषा के सम्मान की बात करते हैं।
अजित पवार से रिश्तों पर खुलकर बोले
डिप्टी सीएम अजित पवार के साथ संबंधों पर भी फडणवीस ने बेबाकी से बात की। उन्होंने अजित पवार को “दादा” कहते हुए कहा कि हम फ्रेंडली फाइट करते-करते थोड़ा अनफ्रेंडली हो गए। चुनावी प्रचार के दौरान भाजपा और एनसीपी (अजित गुट) के बीच तनाव दिखा, लेकिन फडणवीस के अनुसार यह राजनीतिक मतभेद हैं, व्यक्तिगत नहीं।
ममता बनर्जी पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठिए पहले बंगाल आते हैं, वहां सरकारी मदद से दस्तावेज बनवाते हैं और फिर मुंबई पहुंचते हैं। फडणवीस ने कहा कि अवैध निवासियों की पहचान कर दो महीने में डिपोर्टेशन की कार्रवाई की जाएगी।
हमारी राय
महाराष्ट्र के नगर निगम चुनाव केवल स्थानीय सत्ता का सवाल नहीं हैं, बल्कि यह राज्य की राजनीति की दिशा तय करने वाले चुनाव बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस के बयानों से साफ है कि भाजपा और उसके सहयोगी इस चुनाव को आत्मविश्वास के साथ लड़ रहे हैं। मराठी अस्मिता, मुंबई की राजनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों को एक साथ उठाकर सरकार व्यापक संदेश देने की कोशिश कर रही है। वहीं, विपक्ष के लिए यह चुनाव अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने की चुनौती है। हालांकि तीखे आरोप–प्रत्यारोप लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन असली फैसला जनता करेगी। नगर निकाय चुनाव यह भी बताएंगे कि महाराष्ट्र की जनता विकास, पहचान और नेतृत्व के बीच किसे प्राथमिकता देती है। आने वाले नतीजे राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव की भूमिका तैयार कर सकते हैं।
