Haryana Tableau Republic Day 2026: कर्तव्य पथ पर नहीं दिखेगी हरियाणा की झांकी
इस बार गणतंत्र दिवस परेड में हरियाणा की झांकी कर्तव्य पथ पर नजर नहीं आएगी। लगातार चार वर्षों तक गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा रहने के बाद 2026 में हरियाणा को यह मौका नहीं मिला है। राज्य सरकार की ओर से हिसार स्थित ऐतिहासिक राखीगढ़ी सभ्यता पर आधारित झांकी का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन रक्षा मंत्रालय ने नियमों और तय रोटेशन नीति का हवाला देते हुए इसे स्वीकार नहीं किया।
सूत्रों के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों को परेड में शामिल करने की स्वीकृति दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी राज्यों को समान अवसर देने के लिए झांकियों के चयन में एक रोटेशन पीरियड तय किया गया है। इसी नीति के तहत इस बार उन राज्यों को प्राथमिकता दी गई है, जिनकी झांकियां पिछले कुछ वर्षों से कर्तव्य पथ पर नहीं दिखाई गई थीं।
हरियाणा पिछले कुछ वर्षों में लगातार अपनी सांस्कृतिक, सामाजिक और विकास से जुड़ी थीम के जरिए राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान दर्ज कराता रहा है। साल 2015 में हरियाणा की झांकी ‘सुल्तान बर्ड सेंचुरी’ थीम पर प्रदर्शित हुई थी। इसके बाद 2017 में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, 2022 में ‘हरियाणा नंबर वन स्पोर्ट्स’, 2023 में ‘इंटरनेशनल गीता महोत्सव’, 2024 में ‘मेरा परिवार मेरी पहचान’ और 2025 में ‘समृद्ध हरियाणा – विरासत व विकास’ विषय पर झांकियां कर्तव्य पथ की शोभा बनी थी
हालांकि इस बार झांकी को जगह न मिलने से राज्य के सांस्कृतिक हलकों में निराशा जरूर है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह नियमों के तहत लिया गया है और भविष्य में हरियाणा को फिर से अवसर मिलेगा।
Our Thoughts
गणतंत्र दिवस परेड में झांकी का चयन सम्मान का विषय होता है, लेकिन रोटेशन नीति सभी राज्यों के लिए जरूरी है। हरियाणा ने बीते वर्षों में अपनी विरासत और विकास को मजबूती से राष्ट्रीय मंच पर रखा है। इस बार भले ही मौका न मिला हो, लेकिन आने वाले वर्षों में राज्य एक बार फिर अपनी सांस्कृतिक पहचान के साथ लौटेगा।
