रेलवे ने कसी दलालों पर नकेल—29 दिसंबर से टिकट बुकिंग का 'आधार' बदला, एडवांस रिजर्वेशन के लिए अब ये शर्त हुई अनिवार्यImage Credit: financialexpress
नई दिल्ली, दिनांक: 29 दिसंबर 2025 — भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने साल 2025 के जाते-जाते यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग की पूरी प्रक्रिया में एक ऐसा 'पैराडाइम शिफ्ट' (Paradigm Shift) किया है, जिसका सीधा असर करोड़ों यात्रियों और अवैध टिकट दलालों पर पड़ने वाला है। अगर आप भी छुट्टियों में घर जाने या यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। रेलवे ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग और किराए के नियमों में कई अहम और तकनीकी बदलाव लागू कर दिए हैं, जो आज यानी 29 दिसंबर 2025 से प्रभावी हो रहे हैं।
रेलवे का यह कदम टिकटों की कालाबाजारी को रोकने और वास्तविक यात्रियों (Genuine Passengers) को राहत देने के लिए उठाया गया है। सबसे बड़ा बदलाव IRCTC के जरिए होने वाली ऑनलाइन बुकिंग में किया गया है, जहाँ अब 'आधार लिंकिंग' (Aadhaar Linking) को केंद्र में रखा गया है।
29 दिसंबर से बदल गया 'बुकिंग का समय': आधार है तो ही बनेगी बात
रेलवे ने एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP), यानी यात्रा से 60 दिन पहले खुलने वाली टिकट विंडो के लिए नियमों को बेहद सख्त कर दिया है। अब तक यह नियम केवल सुबह के शुरुआती 15 मिनट के लिए था, लेकिन अब इसे पूरे दिन के लिए विस्तारित किया जा रहा है।
नया नियम क्या है? 29 दिसंबर 2025 से, एडवांस बुकिंग खुलने के पहले दिन (Opening Day of ARP) सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक केवल वही यूजर्स टिकट बुक कर पाएंगे जिनका IRCTC यूजर आईडी उनके आधार कार्ड (Aadhaar Card) से सत्यापित (Verified) है।
- सीधा मतलब: अगर आपका IRCTC अकाउंट आधार से लिंक नहीं है, तो आप एडवांस रिजर्वेशन पीरियड के पहले दिन सुबह के पीक आवर्स में टिकट बुक नहीं कर पाएंगे।
- उद्देश्य: रेलवे का स्पष्ट मानना है कि दलाल अक्सर फर्जी आईडी बनाकर पहले ही मिनटों में सारी सीटें बुक कर लेते हैं। आधार अनिवार्य होने से एक व्यक्ति सीमित टिकट ही बुक कर पाएगा, जिससे कालाबाजारी पर रोक लगेगी।
चरणबद्ध तरीके से लागू होगा नियम: 12 जनवरी तक पूरी सख्ती
रेलवे ने यात्रियों को अभ्यस्त होने का समय देने के लिए इस बदलाव को एक झटके में नहीं, बल्कि क्रमिक रूप से (Phased Manner) लागू करने का निर्णय लिया है। इसका रोडमैप कुछ इस प्रकार है:
- चरण 1 (29 दिसंबर 2025 से): आधार वेरिफाइड यूजर्स के लिए विशेष विंडो सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगी।
- चरण 2 (5 जनवरी 2026 से): इस समय सीमा को बढ़ाकर सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक कर दिया जाएगा। यानी शाम 4 बजे तक केवल आधार वाले यूजर्स ही बुकिंग कर सकेंगे।
- चरण 3 (12 जनवरी 2026 से): यह नियम और सख्त हो जाएगा। 12 जनवरी से सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक (पूरे दिन) सभी ऑनलाइन एडवांस बुकिंग के लिए आधार प्रमाणित अकाउंट अनिवार्य होगा।
इस बदलाव के बाद ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी हो जाएगी। जो लोग आधार लिंक नहीं करेंगे, उन्हें ARP खुलने के अगले दिन या बाद में बची हुई सीटों पर संतोष करना होगा।
किराए में भी बदलाव: 1-2 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी
बुकिंग नियमों के साथ-साथ रेलवे ने किराए (Fare) में भी मामूली संशोधन किया है।
- बढ़ोतरी: अलग-अलग क्लास और किलोमीटर के आधार पर किराए में 1 से 2 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की गई है।
- असर: यह बदलाव सुनने में बेहद मामूली लगता है, लेकिन लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों की जेब पर इसका थोड़ा असर जरूर पड़ेगा। उदाहरण के लिए, 1000 किलोमीटर की यात्रा पर 10 से 20 रुपये का अंतर आ सकता है। रेलवे का तर्क है कि परिचालन लागत और सुविधाओं में सुधार के लिए यह समायोजन आवश्यक था।
काउंटर टिकट पर राहत: पुरानी व्यवस्था बरकरार
उन यात्रियों के लिए राहत की खबर है जो अभी भी रेलवे स्टेशन जाकर टिकट लेते हैं। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि कंप्यूटराइज्ड पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) काउंटरों से टिकट बुकिंग में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
ऑफलाइन नियम: काउंटर पर जाकर फॉर्म भरकर टिकट लेने की प्रक्रिया पहले जैसी ही रहेगी। वहां आधार वेरिफिकेशन की यह अनिवार्य शर्त (ऑनलाइन की तरह) तत्काल प्रभाव से लागू नहीं होगी। यह कदम उन ग्रामीण और बुजुर्ग यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है जो तकनीक के साथ सहज नहीं हैं।
टिकट दलालों पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'
रेलवे के इस कदम को टिकट माफिया के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर सेकंडों में टिकट उड़ा ले जाने वाले दलालों के लिए अब आधार ऑथेंटिकेशन एक बड़ी दीवार बन जाएगा। चूंकि एक आधार पर महीने में सीमित टिकट ही बुक हो सकते हैं, इसलिए अवैध बुकिंग पर लगाम लगेगी।
हमारी राय
रेलवे का यह निर्णय 'डिजिटल इंडिया' और पारदर्शिता की दिशा में एक साहसिक कदम है। त्योहारों के मौसम में जब आम आदमी कन्फर्म टिकट के लिए तरस जाता है और दलाल मनमाने पैसे वसूलते हैं, तब आधार लिंकिंग का यह ब्रह्मास्त्र संजीवनी साबित हो सकता है।
The Trending People का मानना है कि यह नियम असली यात्रियों के लिए वरदान है। हालांकि, रेलवे को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि IRCTC की वेबसाइट और सर्वर इस अतिरिक्त वेरिफिकेशन लोड को संभाल सकें। अक्सर देखा गया है कि पीक टाइम पर सर्वर क्रैश हो जाता है। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता की कमी को देखते हुए, वहां के लोगों को जागरूक करने की भी आवश्यकता है ताकि वे इस बदलाव के कारण यात्रा से वंचित न रह जाएं। कुल मिलाकर, यह एक स्वागत योग्य सुधार है जो रेलवे सिस्टम को 'क्लीन' करेगा।