अयोध्या में त्रेतायुग सा नजारा—रामलला की 'प्रतिष्ठा द्वादशी' पर उमड़ा आस्था का सैलाब, 108 विद्वानों के मंत्रोच्चार के बीच राजनाथ और योगी की भव्य उपस्थिति
अयोध्या, दिनांक: 31 दिसंबर 2025 — अवधपुरी यानी अयोध्या आज एक बार फिर अपने आराध्य प्रभु श्रीराम के रंग में रंगी हुई है। भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में आज भक्ति, श्रद्धा और सनातन संस्कृति का एक ऐसा संगम देखने को मिल रहा है, जिसने प्राण प्रतिष्ठा के उस ऐतिहासिक दिन की यादें ताजा कर दी हैं। भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के पावन उपलक्ष्य में आयोजित 'प्रतिष्ठा द्वादशी' (Pratishtha Dwadashi) समारोह पूरी धार्मिक गरिमा और उत्साह के साथ शुरू हो गया है।
हिन्दू पंचांग के अनुसार पौष शुक्ल द्वादशी की तिथि पर हो रहे इस उत्सव ने अयोध्या के वातावरण को 'राममय' बना दिया है। देश के दिग्गज राजनेताओं से लेकर मूर्धन्य संतों का जमावड़ा इस बात का गवाह है कि राम मंदिर केवल एक देवालय नहीं, बल्कि राष्ट्र की चेतना का केंद्र बन चुका है।
वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजा गर्भगृह: 108 विद्वानों का महाअनुष्ठान
आज सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही राम मंदिर परिसर वेद मंत्रों की अलौकिक ध्वनियों से गूंज रहा है। समारोह की शुरुआत विघ्नहर्ता भगवान गणेश के पूजन और मंडल पूजन के साथ हुई।
विशेष अभिषेक: इस शुभ अवसर पर भगवान रामलला का विशेष द्रव्यों से अभिषेक किया जा रहा है। 5 साल के बालक स्वरूप रामलला का श्रृंगार आज देखते ही बन रहा है।
प्रकाटोत्सव आरती: गर्भगृह में विशेष 'प्रकाटोत्सव आरती' का आयोजन किया गया, जिसमें शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं की कतारें भोर से ही लगी हुई थीं।
नेतृत्व: इन धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन जगदगुरु मध्वाचार्य के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। देश भर से आए 108 वैदिक विद्वान एक सुर में मंत्र पाठ कर रहे हैं, जिससे पूरा वातावरण ऊर्जावान हो गया है।
वीआईपी मूवमेंट: रक्षा मंत्री और सीएम योगी का आगमन
इस धार्मिक उत्सव को राष्ट्रीय महत्व देते हुए देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) आज अयोध्या में मौजूद रहेंगे।
शेड्यूल: निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, दोनों दिग्गज नेता आज सुबह करीब 11:00 बजे अयोध्या पहुंचेंगे। प्रोटोकॉल के मुताबिक, सीएम योगी आदित्यनाथ स्वयं रक्षा मंत्री का स्वागत करेंगे।
दर्शन और ध्वजारोहण: आगमन के तुरंत बाद, राजनाथ सिंह और सीएम योगी रामलला के दरबार में हाजिरी लगाएंगे और आशीर्वाद लेंगे। इसके बाद एक महत्वपूर्ण रस्म अदायगी होगी—परिसर में स्थित माँ अन्नपूर्णा मंदिर पर ध्वजारोहण किया जाएगा। यह रस्म समृद्धि और लोक कल्याण की कामना के साथ की जाएगी।
संतों का महाकुंभ: 1200 ऋषियों का सानिध्य
'प्रतिष्ठा द्वादशी' केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संत समाज के मिलन का भी अवसर है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस ऐतिहासिक आयोजन में अयोध्या और देश भर के लगभग 1200 पूज्य संतों को आमंत्रित किया है। भगवा वस्त्रधारी संतों की उपस्थिति ने मंदिर परिसर की शोभा को द्विगुणित कर दिया है। यह दृश्य त्रेतायुग की उस सभा की याद दिलाता है जब ऋषि-मुनि अयोध्या पधारते थे।
'अंगद टीला' पर जनसभा और भविष्य का संदेश
कार्यक्रम का समापन मंदिर के निकास द्वार के पास स्थित ऐतिहासिक 'अंगद टीला' (Angad Tila) पर होगा। यहाँ एक भव्य जनसभा का आयोजन किया गया है।
संबोधन: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मंच से संतों और भक्तों को संबोधित करेंगे। उम्मीद की जा रही है कि वे राम मंदिर निर्माण के अगले चरणों और अयोध्या के विकास (Ayodhya Development Model) पर अपनी बात रखेंगे।
भीड़ प्रबंधन: प्रशासन ने लाखों की संख्या में उमड़ रहे श्रद्धालुओं को देखते हुए सुरक्षा और आवाजाही के व्यापक इंतजाम किए हैं।
सुग्रीव पथ: आम भक्तों को सुगम दर्शन कराने के लिए 'सुग्रीव पथ' के जरिए आवाजाही की व्यवस्था की गई है। चप्पे-चप्पे पर एटीएस (ATS) और पुलिस बल तैनात है ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो।
हमारी राय (The Trending People Analysis)
अयोध्या में 'प्रतिष्ठा द्वादशी' का आयोजन यह सिद्ध करता है कि राम मंदिर का निर्माण महज एक इमारत का बनना नहीं था, बल्कि यह एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण की शुरुआत थी। दो साल बाद भी वही उत्साह और वही भक्ति यह बताती है कि रामलला जन-जन के हृदय में बसते हैं।
The Trending People का विश्लेषण है कि रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री की उपस्थिति इस आयोजन को एक राष्ट्रीय स्वरूप देती है। यह 'धर्म' और 'राजसत्ता' के समन्वय का प्रतीक है, जो भारतीय संस्कृति की मूल भावना रही है। 108 वैदिक विद्वानों का अनुष्ठान और 1200 संतों की उपस्थिति अयोध्या को आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित कर रही है। हमें उम्मीद है कि यह उत्सव देश में शांति, सौहार्द और समृद्धि का संदेश लेकर आएगा।
.jpg)