नेशनल डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होना है। इससे पहले झारखंड के साहिबगंज जिले से सटी सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने बरहरवा और कोटालपोखर थाना क्षेत्रों में हाई अलर्ट घोषित किया है, ताकि चुनाव के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी या बाहरी हस्तक्षेप को रोका जा सके।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह के निर्देश पर बरहरवा एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल ने सीमावर्ती इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस टीम ने लाधोपाड़ा, बरारी, जीवनपुर और रहिमटाड़ जैसे चेकपोस्टों पर तैनात जवानों की सतर्कता का जायजा लिया। अधिकारियों के साथ स्थानीय थाना प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सख्त निर्देश दिए कि हर आने-जाने वाले वाहन की गहन जांच की जाए और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित की जाए। प्रशासन का फोकस खासतौर पर अवैध शराब, नकदी और बाहरी तत्वों के प्रवेश को रोकने पर है, जो चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सीमावर्ती इलाकों में 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है और जवानों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
झारखंड पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह भारतीय निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत बंगाल प्रशासन को पूरा सहयोग दे रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है और जंगलों व छोटे रास्तों पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को रोका जा सके।
प्रशासन का कहना है कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती भी की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदान शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल में संपन्न हो।
हमारी राय में
सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी करना चुनावी प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। साहिबगंज बॉर्डर पर की गई सख्ती यह दिखाती है कि प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता। निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी है कि बाहरी प्रभाव और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह नियंत्रण रखा जाए।
