बिहार में 'बड़ा खेला': नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना तय, सीएम पद की रेस में अमित शाह का 'बड़ा आदमी
National Desk: बिहार की सियासत में एक ऐतिहासिक और युगांतकारी अध्याय अब समाप्त होने की कगार पर है। करीब दो दशकों तक बिहार की राजनीति की धुरी रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। राजनीतिक जानकारों और सत्ता के गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि उच्च सदन (Rajya Sabha) की सदस्यता ग्रहण करते ही नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। इस अभूतपूर्व घटनाक्रम ने न केवल पटना बल्कि दिल्ली की राजनीति में भी भारी हलचल मचा दी है। अब पूरे देश की नजरें केवल एक ही सवाल पर टिकी हैं— नीतीश के बाद बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन?
क्या इस बार बिहार में होगा भाजपा का मुख्यमंत्री?
बिहार की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए सत्ता के संतुलन में बड़े बदलाव के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि नई राजनीतिक व्यवस्था (New Power Formula) के तहत इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) का मुख्यमंत्री होगा, जबकि जनता दल यूनाइटेड (JDU) के खाते में उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) का पद जा सकता है।
हालांकि, अगर हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व वाली भाजपा के हालिया इतिहास (जैसे मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़) पर नज़र डालें, तो यह स्पष्ट है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व अंतिम समय में किसी 'सरप्राइज' (Surprise Candidate) नाम की घोषणा कर सभी राजनीतिक पंडितों को चौंकाने के लिए जाना जाता है।
सीएम पद की रेस: ये नाम चल रहे हैं सबसे आगे
जैसे ही नीतीश कुमार के इस्तीफे की अटकलें तेज़ हुई हैं, भाजपा के अंदर मुख्यमंत्री पद के लिए कई दिग्गजों के नाम हवा में तैरने लगे हैं। संभावित चेहरों में जिनकी सबसे अधिक चर्चा है, वे इस प्रकार हैं:
- नित्यानंद राय (Nityanand Rai): वर्तमान में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और अमित शाह के बेहद करीबी माने जाते हैं। उनका नाम सीएम पद की रेस में काफी मज़बूती से लिया जा रहा है।
- सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary): वर्तमान उपमुख्यमंत्री और बिहार भाजपा का एक आक्रामक और प्रमुख चेहरा।
- विजय कुमार सिन्हा (Vijay Kumar Sinha): वर्तमान उपमुख्यमंत्री और भूमिहार समाज के बड़े नेता, जिनके पास लंबा प्रशासनिक और विधायी अनुभव है।
- दिलीप जायसवाल (Dilip Jaiswal): बिहार सरकार में मंत्री और संगठन पर गहरी पकड़ रखने वाले नेता।
- संजय चौरसिया (Sanjay Chaurasia): वरिष्ठ भाजपा विधायक और संघ (RSS) के करीबी चेहरों में से एक।
अमित शाह के 'बड़ा आदमी' वाले वादे पर टिकी निगाहें
इन तमाम नामों के बीच, बिहार की राजनीति के सूक्ष्म जानकार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) के उन पुराने बयानों को खंगाल रहे हैं, जो उन्होंने पिछले चुनावों के दौरान दिए थे। शाह ने दो विशिष्ट नेताओं के लिए मंच से जनता से एक बहुत बड़ा वादा किया था। उन्होंने कहा था, "इन्हें प्रचंड बहुमत से जिताइए, हम इन्हें 'बड़ा आदमी' बनाएंगे।"
राजनीतिक हलकों में 'बड़ा आदमी' का सीधा अर्थ मुख्यमंत्री की कुर्सी से निकाला जा रहा है। इस विशेष सूची में दो प्रमुख नाम शामिल हैं:
- सम्राट चौधरी: मुंगेर के तारापुर में चुनाव प्रचार के दौरान अमित शाह ने सम्राट चौधरी के लिए यह बात कही थी। आज वह डिप्टी सीएम के रूप में सत्ता के केंद्र में हैं। क्या 'बड़ा आदमी' बनने का समय आ गया है?
- सुनील कुमार पिंटू: सीतामढ़ी से चुनाव जीतने वाले सुनील कुमार पिंटू (Sunil Kumar Pintu) को अमित शाह ने मंच से अपना 'दोस्त' बताया था और उन्हें भी 'बड़ा आदमी' बनाने का सार्वजनिक भरोसा दिलाया था। क्या भाजपा का 'सरप्राइज एलिमेंट' सुनील कुमार पिंटू हो सकते हैं?
संपादकीय विश्लेषण
hindi.thetrendingpeople.com की नज़र से: नीतीश कुमार का राज्य की सक्रिय राजनीति से दिल्ली (राज्यसभा) की ओर रुख करना बिहार की राजनीति में एक 'पैराडाइम शिफ्ट' (Paradigm Shift) है। यह न केवल नीतीश युग के ढलान का संकेत है, बल्कि बिहार में भाजपा के 'सोलो-फ्लाइट' (Solo Flight) यानी अपने दम पर सत्ता के शीर्ष पर काबिज़ होने की महत्वाकांक्षा की पूर्ति का भी क्षण है। भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती एक ऐसा चेहरा चुनना होगा जो 2025 के विधानसभा चुनावों में पार्टी को अपने दम पर जीत दिला सके। जातिगत समीकरणों (Caste Equations) को साधते हुए किसी 'सरप्राइज' चेहरे को कमान मिलने की पूरी संभावना है
