योगी का 'सीधा वार'—अखिलेश के PDA नारे पर बोले सीएम, "पिछड़े-दलित तो बहाना हैं, असली लक्ष्य अपना 'परिवार' बचाना है
लखनऊ, दिनांक: 23 जनवरी 2026 — उत्तर प्रदेश की राजनीति में बजट सत्र और आगामी चुनावों की आहट के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने सोमवार को समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के बहुचर्चित 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर अब तक का सबसे तीखा और सीधा हमला बोला है। योगी ने विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्षी दलों को पीडीए से ज्यादा अपने 'परिवार' (Family) की चिंता है। उन्होंने तंज कसते हुए एक ऐसा बयान दिया जो सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है— "पीडीए तो बस एक बहाना है, असली लक्ष्य तो सिर्फ 'परिवार' है...!"
मुख्यमंत्री का यह बयान केंद्रीय बजट पर सपा प्रमुख द्वारा लगाए गए आरोपों के जवाब में आया है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार के बजट में पीडीए समुदाय की अनदेखी की गई है। इस पर पलटवार करते हुए योगी ने पूछा कि जो लोग आज यह दावा कर रहे हैं, उनसे यह पूछा जाना चाहिए कि जब उनकी सरकार थी, तब उन्होंने इन वर्गों के लिए क्या किया? योगी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा सरकार ने उत्तर प्रदेश के छह करोड़ लोगों सहित पूरे देश में 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालकर उन्हें गौरव और सम्मान के साथ आगे बढ़ने में मदद की है। उन्होंने सवाल किया कि सपा के कार्यकाल में ऐसा क्यों नहीं हो सका? क्या तब पीडीए का मुद्दा नहीं था? योगी ने तीखे स्वर में पूछा कि मैं पूछना चाहता हूं कि उस समय पीडीए पर चर्चा क्यों नहीं हुई? अपनी पार्टी के शासनकाल में उन्हें सिर्फ अपने परिवार के विकास की ही चिंता क्यों थी?
योगी समेत भाजपा के शीर्ष नेताओं ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर वंशवादी राजनीति (Dynastic Politics) करने का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को ही एक परिवार के रूप में देखने का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। भाजपा का मुख्य उद्देश्य गरीबों, युवाओं, महिलाओं और किसानों की सहायता करना है, न कि किसी एक खानदान की तिजोरी भरना। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य उच्च श्रेणी की अवसंरचना (Infrastructure) सुनिश्चित करना है, जो आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से बनाई गई है। यह दृष्टिकोण बजट में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है, लेकिन दूरदृष्टिहीन लोग और भविष्य की कोई योजना न रखने वाले विपक्ष के लोग ऐसी निरर्थक बातों में उलझे रहते हैं और जनता को गुमराह करने की कोशिश करते हैं।
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा बजट की आलोचना को भी योगी ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को विकास हजम नहीं हो रहा है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से रक्षा क्षेत्र (Defence Sector) के लिए बढ़ाए गए आवंटन का जिक्र किया और कहा कि इससे उत्तर प्रदेश को सबसे ज्यादा मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश आज देश में रक्षा विनिर्माण का एक बड़ा केंद्र (Defence Corridor) बनकर उभरा है। बजट में रक्षा के लिए दी गई राशि से राज्य में निवेश आएगा, नए उद्योग लगेंगे और युवाओं को रोजगार मिलेगा। योगी ने कहा कि इससे राज्य के साथ-साथ निवेशकों को भी लाभ होगा और यूपी की अर्थव्यवस्था 1 ट्रिलियन डॉलर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगी।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट के आधार पर प्रदेश सरकार फरवरी में अपना बजट प्रस्तुत करेगी। उन्होंने दावा किया कि डबल इंजन सरकार (केंद्र और राज्य) के इस बजट का लाभ देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश को प्राप्त होगा। योगी ने विश्वास जताया कि आने वाला बजट राज्य के सर्वांगीण विकास का रोडमैप होगा, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर सामाजिक सुरक्षा तक हर पहलू का ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने विपक्ष को नसीहत दी कि वे नकारात्मक राजनीति छोड़कर विकास में सहयोग करें, क्योंकि जनता अब 'नारों' और 'नीति' का फर्क समझने लगी है।
हमारी राय (The Trending People Analysis)
योगी आदित्यनाथ का यह बयान सपा के कोर एजेंडे पर सीधा प्रहार है। अखिलेश यादव 2027 के चुनावों के लिए 'पीडीए' को अपना सबसे बड़ा हथियार मान रहे हैं, लेकिन योगी ने इसे 'परिवारवाद' से जोड़कर उसकी धार कुंद करने की कोशिश की है।
The Trending People का विश्लेषण है कि भाजपा अब रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक मुद्रा में है। 'लाभार्थी वर्ग' (Beneficiary Class) को अपना वोट बैंक मानकर भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि असली समाजवाद विकास है, न कि जातिगत समीकरण। रक्षा कॉरिडोर और इंफ्रास्ट्रक्चर का जिक्र करके योगी ने यह भी बताया है कि उनका फोकस 'जाति' पर नहीं, 'काम' पर है। हालांकि, पीडीए का कार्ड कितना प्रभावी होगा, यह तो वक्त बताएगा, लेकिन योगी ने बहस की दिशा जरूर मोड़ दी है।
