Celina Jaitly Brother Case: UAE हिरासत में मेजर विक्रांत जेटली, दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई
नई दिल्ली। अभिनेत्री सेलिना जेटली के भाई रिटायर्ड मेजर विक्रांत कुमार जेटली के यूएई में हिरासत में होने के मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई है। कोर्ट ने इस मामले से जुड़े नए तथ्यों को रिकॉर्ड पर लाने के लिए अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने का समय दिया है। अगली सुनवाई अब 3 फरवरी को होगी।
सेलिना जेटली ने अपने भाई के लिए उचित कानूनी सहायता और परिवार से संवाद की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर यह याचिका दायर की है।
सितंबर 2024 से हिरासत में हैं विक्रांत जेटली
रिटायर्ड मेजर विक्रांत जेटली सितंबर 2024 से यूएई की हिरासत में हैं। इस मामले को लेकर परिवार लंबे समय से प्रयास कर रहा है कि उन्हें कानूनी मदद और कांसुलर सपोर्ट मिल सके।
पिछली सुनवाई में दिल्ली हाईकोर्ट ने विदेश मंत्रालय (MEA) को निर्देश दिया था कि वह एक नोडल अधिकारी नियुक्त करे, जो सेलिना और उनके भाई के बीच संपर्क स्थापित करे और यूएई प्रशासन से समन्वय बनाए।
परिवार में मतभेद भी आए सामने
इस मामले में सेलिना जेटली और उनकी भाभी चारुल जेटली के बीच मतभेद भी खुलकर सामने आए हैं।
चारुल जेटली ने अपने वकील सुधांशु पांडे के माध्यम से कहा कि उन्होंने पहले ही सेलिना से मदद मांगी थी, लेकिन उस समय कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिली। उनका आरोप है कि याचिका दायर करने से पहले उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया।
चारुल का यह भी कहना है कि वह पहले से ही विदेश मंत्रालय के संपर्क में थीं और इस मामले पर काम कर रही थीं।
दुबई में कर रहे थे काम
विक्रांत जेटली के वकील के अनुसार, उन्होंने 2016-17 में समय से पहले सेना से सेवानिवृत्ति ली थी और इसके बाद दुबई में बस गए थे।
वकील ने बताया कि अधिकारियों के अनुसार यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर अपराधों से जुड़ा हो सकता है, जो उन कंपनियों से संबंधित है, जिनके साथ विक्रांत काम कर रहे थे।
हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
अगली सुनवाई पर टिकी नजरें
कोर्ट ने मामले में अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अब सभी की नजरें 3 फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां आगे की दिशा तय हो सकती है।
हमरी राय में
हमरी राय में, यह मामला न केवल एक परिवार की चिंता से जुड़ा है, बल्कि विदेशों में भारतीय नागरिकों की कानूनी सुरक्षा का भी अहम सवाल उठाता है। ऐसे मामलों में सरकार और संबंधित एजेंसियों की सक्रिय भूमिका बेहद जरूरी होती है।
सेलिना जेटली द्वारा उठाया गया कदम अपने भाई के हित में है, लेकिन पारिवारिक समन्वय और पारदर्शिता भी उतनी ही जरूरी है। उम्मीद है कि अदालत और सरकार के प्रयासों से विक्रांत जेटली को जल्द न्याय और उचित कानूनी सहायता मिलेगी।
