यश चोपड़ा फाउंडेशन की नई पहल: फिल्म वर्कर्स के लिए लॉन्च हुआ 'साथी प्रोग्राम'; 2026 में साल भर मिलेगी आर्थिक और स्वास्थ्य सहायता
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली | भारतीय सिनेमा को अपनी मेहनत और पसीने से सींचने वाले पर्दे के पीछे के कामगारों (Film Workers) के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। यश राज फिल्म्स (YRF) की परोपकारी शाखा, यश चोपड़ा फाउंडेशन (YCF) ने सिने-कामगारों और उनके परिवारों के उत्थान के लिए अपने नए 'साथी प्रोग्राम' (Saathi Program) के शुभारंभ की आधिकारिक घोषणा की है।
यह कोई सामान्य या एकमुश्त (One-time) राहत योजना नहीं है, बल्कि यह साल भर चलने वाली एक संरचित कल्याणकारी पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य फिल्म उद्योग की रीढ़ माने जाने वाले दिहाड़ी और निम्न-आय वाले कामगारों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना और उनके जीवन की गुणवत्ता में स्थायी सुधार लाना है।
'साथी प्रोग्राम' 2026 के मुख्य लाभ
वर्ष 2026 के लिए लॉन्च किए गए इस कार्यक्रम के तहत पंजीकृत फिल्म उद्योग कामगारों और उनके परिवारों को बहुआयामी सहयोग प्रदान किया जाएगा:
- खाद्य सुरक्षा: परिवारों को मासिक घरेलू सहायता प्रदान की जाएगी ताकि उनके घर का राशन और खान-पान सुचारू रूप से चल सके।
- स्वास्थ्य सेवाएँ: कामगारों को आवश्यक दवाओं और मेडिकल जाँचों (Medical Tests) तक आसान पहुँच सुनिश्चित कराई जाएगी।
- शिक्षा में सहयोग: बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए स्कूल या कॉलेज की फीस और पढ़ाई से जुड़ी अन्य आवश्यकताओं के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी।
- यात्रा सहयोग: कामगारों को साल में एक बार अपने पैतृक स्थान (Hometown) जाने के लिए आवश्यक यात्रा व्यय भी प्रदान किया जाएगा।
विशेष ध्यान: इस पहल में सेवानिवृत्त (60 वर्ष और उससे अधिक आयु के) फिल्म कर्मियों और दिव्यांग व्यक्तियों (PwD) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, क्योंकि इस उम्र में स्वास्थ्य संबंधी ज़रूरतें अधिक होती हैं और आय के साधन सीमित हो जाते हैं।
कौन ले सकता है इस योजना का लाभ? (पात्रता)
यश चोपड़ा फाउंडेशन ने 'साथी प्रोग्राम' का लाभ सही और जरूरतमंद लोगों तक पहुँचाने के लिए कुछ स्पष्ट पात्रता मापदंड (Eligibility Criteria) तय किए हैं:
- मान्यता प्राप्त फिल्म यूनियनों में पंजीकृत सक्रिय फिल्म उद्योग कर्मी।
- कम आय वर्ग (Low-income) से आने वाले परिवार।
- ऐसे परिवार जिनके बच्चे वर्तमान में स्कूल या कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं।
- निरंतर स्वास्थ्य और चिकित्सकीय आवश्यकताओं का सामना कर रहे वरिष्ठ और सेवानिवृत्त कर्मी।
2026 में किए गए 4 बड़े सुधार (Enhancements)
कामगारों की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, साथी प्रोग्राम 2026 में कई नए और आधुनिक सुधार पेश किए गए हैं:
- बढ़ी हुई सहायता राशि: प्रति लाभार्थी दी जाने वाली वार्षिक सहायता राशि (Annual assistance amount) में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।
- लचीली लाभ संरचना (Flexible Structure): अब कामगारों को उनकी 'व्यक्तिगत आवश्यकताओं' के अनुसार सहायता चुनने का विकल्प मिलेगा।
- विस्तारित स्वास्थ्य प्राथमिकता: गंभीर बीमारियों की जाँच और उन्नत उपचार तक बेहतर पहुँच सुनिश्चित की गई है।
- डिजिटल वितरण प्रणाली: लाभों तक आसान, पारदर्शी और त्वरित पहुँच के लिए पूरी प्रक्रिया को सरल डिजिटल सिस्टम से जोड़ दिया गया है।
संपादकीय विश्लेषण
फिल्म इंडस्ट्री बाहर से जितनी चकाचौंध भरी दिखती है, पर्दे के पीछे काम करने वाले स्पॉटबॉय, लाइटमैन और सेट वर्कर्स का जीवन उतना ही संघर्षपूर्ण होता है। कोरोना महामारी के दौरान भी यश राज फिल्म्स ने इन कामगारों की भारी मदद की थी। अब 'साथी प्रोग्राम' के जरिए एकमुश्त मदद को 'साल भर के संरचित सपोर्ट सिस्टम' में बदलना एक बेहद सराहनीय और दूरदर्शी कदम है। डिजिटल वितरण प्रणाली से यह सुनिश्चित होगा कि पैसा सीधे जरूरतमंद के खाते में जाए। यह पहल अन्य बड़े प्रोडक्शन हाउसेस के लिए भी एक नजीर (उदाहरण) बननी चाहिए।
