स्पाइसजेट पर बांग्लादेश का बड़ा एक्शन: बकाया न चुकाने पर एयरस्पेस के इस्तेमाल पर लगाई रोक; जानें उड़ानों और यात्रियों पर क्या होगा असर
इंटरनेशनल डेस्क, नई दिल्ली | भारतीय बजट एयरलाइन स्पाइसजेट (SpiceJet) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। वित्तीय संकट से जूझ रही इस एयरलाइन को अब पड़ोसी देश बांग्लादेश से एक बड़ा झटका लगा है। बकाया भुगतान न करने के कारण बांग्लादेश सरकार ने स्पाइसजेट को अपने हवाई क्षेत्र (Airspace) का उपयोग करने से तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। इस अप्रत्याशित कदम के कारण एयरलाइन के परिचालन और रूटिंग पर सीधा असर पड़ा है, जिससे उसकी पहले से ही खराब वित्तीय स्थिति पर और दबाव बढ़ने की आशंका है।
उड़ानों के रूट में बदलाव और परिचालन लागत में वृद्धि
बांग्लादेश के हवाई क्षेत्र का उपयोग बंद होने के कारण स्पाइसजेट की पूर्वोत्तर भारत की उड़ानों पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा है। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा से यह स्पष्ट हुआ है कि कोलकाता से गुवाहाटी और इम्फाल जाने वाली कई उड़ानों को अब बांग्लादेशी हवाई क्षेत्र को टालकर एक वैकल्पिक और लंबा मार्ग अपनाना पड़ रहा है। इस लंबी दूरी की वजह से न केवल उड़ान के समय (Flight duration) में वृद्धि हुई है, बल्कि एयरलाइन की ईंधन खपत और परिचालन लागत (Operational cost) भी काफी बढ़ गई है। बकाया राशि कितनी है और उसकी प्रकृति क्या है, इस पर दोनों पक्षों की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।
स्पाइसजेट का आधिकारिक बयान और यात्रियों के लिए राहत
इस पूरे विवाद पर स्पाइसजेट ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए यात्रियों को आश्वस्त करने का प्रयास किया है। एयरलाइन के प्रवक्ता ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि प्रबंधन संबंधित अधिकारियों के साथ नेविगेशन शुल्क और अन्य परिचालन मामलों को लेकर नियमित संपर्क में है। प्रवक्ता ने इसे उड्डयन उद्योग का एक 'सामान्य मामला' करार देते हुए उम्मीद जताई कि इस समस्या का समाधान जल्द ही निकाल लिया जाएगा। यात्रियों के लिए राहत की बात यह है कि इस प्रतिबंध के बावजूद सभी निर्धारित उड़ानें अपने तय समय और नियमों के अनुसार संचालित हो रही हैं। एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों को फिलहाल कोई प्रत्यक्ष परेशानी नहीं हो रही है और वैकल्पिक मार्गों के कारण होने वाले किसी भी बदलाव की जानकारी वेबसाइट और फ्लाइट अपडेट्स के जरिए लगातार दी जा रही है।
शेयर बाजार में गिरावट और बढ़ता वित्तीय घाटा
एयरस्पेस बैन की खबर का असर तुरंत शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में स्पाइसजेट के शेयरों में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो निवेशकों के बीच बढ़ती चिंताओं को दर्शाता है। यह नकारात्मक खबर एयरलाइन के लिए ऐसे समय में आई है जब वह पहले ही भारी आर्थिक नुकसान का सामना कर रही है। हाल ही में स्पाइसजेट ने दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित किए थे, जिसमें कंपनी को ₹269.27 करोड़ का भारी घाटा हुआ है। एयरलाइन ने इस घाटे का मुख्य कारण बढ़ती परिचालन लागत और कुछ एकमुश्त खर्चों को बताया है। अब लंबे रूट के कारण बढ़ने वाले ईंधन खर्च से एयरलाइन की बैलेंस शीट पर और अधिक बोझ पड़ना तय माना जा रहा है।
संपादकीय विश्लेषण
स्पाइसजेट के लिए यह समय दोहरी चुनौती का है। एक तरफ दिसंबर 2025 तिमाही में ₹269 करोड़ का घाटा और दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'डिफॉल्टर' जैसी छवि का बनना कंपनी की साख के लिए नुकसानदेह है। विमानन क्षेत्र में नेविगेशन शुल्क का बकाया रहना भले ही एयरलाइन 'सामान्य' बता रही हो, लेकिन एयरस्पेस बंद होने जैसी सख्त कार्रवाई दर्शाती है कि स्थिति गंभीर है। लंबे रूट से उड़ानों का संचालन किसी भी बजट एयरलाइन के लिए आर्थिक रूप से व्यवहार्य (financially viable) नहीं होता। यदि स्पाइसजेट ने इस मुद्दे को कूटनीतिक और आर्थिक स्तर पर जल्द नहीं सुलझाया, तो आने वाले महीनों में टिकटों की कीमतों या उड़ानों की संख्या पर इसका सीधा असर दिख सकता है।
